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…और मिथक भी तोड़ दिया योगी ने

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Last Updated- December 11, 2022 | 8:49 PM IST

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बंपर जीत दर्ज कर भारतीय जनता पार्टी ने 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। प्रदेश में 1985 के बाद से किसी पार्टी को लगातार दो बार सत्ता में आने का मौका नहीं मिला था और इस मिथक को योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा ने तोड़ दिया है।
अब से 37 साल पहले कांग्रेस ने बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्धारित पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करते हुए भाजपा की सत्ता में वापसी करते हुए पार्टी को ऐतिहासिक तोहफा दिया है। उत्तर प्रदेश में ऐसी उपलब्धि डॉ. संपूर्णानंद, चंद्रभानु गुप्त, हेमवती नंदन बहुगुणा, नारायण दत्त तिवारी, मुलायम सिंह और मायावती भी हासिल नहीं कर सकीं।
प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और मिथक धराशायी किया है। प्रदेश की राजनीति में अब तक माना जाता रहा है कि नोएडा जाने वाले मुख्यमंत्री की कुर्सी सुरक्षित नहीं रहती है। उसकी सत्ता में वापसी नहीं होती। इस कारण कुछ मुख्यमंत्री तो नोएडा जाने से बचते रहे। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव तो नोएडा जाने से परहेज करते रहे। नोएडा में उद्घाटन या शिलान्यास के कार्यक्रम को लेकर वहां जाने की जरूरत पड़ी, तो अखिलेश यादव ने नोएडा न जाकर अगल-बगल या दिल्ली के किसी स्थान से इस काम को पूरा किया। इसके विपरीत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नोएडा जाने से डरने के बजाय वहां कई बार गए। उन्होंने नोएडा जाने के बाद भी लगातार पांच साल मुख्यमंत्री रहकर और भाजपा को बहुमत से साथ फिर सत्ता में वापसी करते हुए इस मिथक को तोड़ दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर में पूजा करने जाने को लेकर भी नेताओं का मिथक तोड़ा है।

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First Published - March 10, 2022 | 11:00 PM IST

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