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ई-संपर्क से जुडेंग़े पश्चिम बंगाल के सभी ब्लॉक

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Last Updated- December 06, 2022 | 9:05 PM IST

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख संस्था नेशनल इंफारमेशन सेंटर (एनआईसी) ने 2009 के अंत तक पश्चिम बंगाल के सभी 341 ब्लाकों को राज्यव्यापी क्षेत्रीय नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई है।


एनआईसी केन्द्र और राज्य सरकारों के लिए सॉफ्टवेयर विकास और कंम्पयूटरीकरण कार्यक्रम से जुड़ी हुई है। इस विभाग को वेबल टेक्नोलॉजी लिमिटेड की तरफ से हार्डवेयर, बुनियादी ढ़ाचे और सभी लोकेशनों में कंम्प्यूटर से जुड़े मुद्दों से संबधित मदद पहुंचाई जा रही है।


राज्य के वरिष्ठ तकनीक और सूचना अधिकारी सुबीर राय ने बंगाल चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित एक सेमिनार में कहा कि हमने हुगली के 40 ब्लाकों में एक पायलेट योजना की शुरुआत की है। इसके अलावा बीएसएनएल की सहायता से हम 2009 के अंत तक पश्चिम बंगाल के 341 ब्लॉकों को भी कवर कर लेंगे। श्रेई इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और अनिल अंबानी गु्रप के रिलांयस इन्फोकॉम ने बंगाल के गावों में सर्विस सेंटर लगाने के लिए कराई गई बोली को जीत लिया है।


श्रेई , विप्रो के साथ मिलकर 5,000 सहज ई-गांवों की स्थापना करेगी। इसके अलावा रिलांयस कम्यूनिकेशन उत्तरी 24 परगना, पश्चिमी मिदनापुर, वर्द्धवान और पुरुलिया जिलों में 1,860 के्रंद्रो को स्थापित करेगी। इससे राज्य के 26 लाख परिवार लाभांन्वित हो सकेंगे।


प्रत्येक केंद्र में उपभोक्ताओं की संख्या और सेवा प्रदान करने की क्षमता के आधार पर केंद्र के लाभ को आंका जा सकेगा। इसके अतिरिक्त ई-नेटवर्किंग के जरिए उपभोक्ता मामलों का विभाग राज्य के मुख्यालय और सभी जिलों में स्थित अपने उपभोक्ता फोरमों को एकीकृत करेगा। शुरुआती दौर में इस सॉफ्टवेयर का प्रयोग एकीकृत करने के लिए निजी तौर पर किया जाएगा।

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First Published - May 5, 2008 | 9:40 PM IST

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