Editorial: राजकोषीय घाटा घटा, लेकिन ऋण में सुधार चुनौतीपूर्ण
रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट में राजकोषीय प्रदर्शन के आकलन के पैमाने में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव हुआ। सरकार ने पहले घोषणा की थी कि 2026-27 से राजकोषीय घाटे को उस स्तर पर बनाए रखा जाएगा जिससे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत के रूप में केंद्र सरकार का ऋण घटता रहे। उस हिसाब […]
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स्वच्छ भारत की अगली चुनौती: सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर जोर
भारतीय शहरों में स्वच्छता सुधारों के स्पष्ट परिणाम दिखे हैं, लेकिन इसकी सबसे बड़ी चुनौती अब भी दिखाई नहीं दे रही। यह चुनौती है सफाई के लक्ष्य को जन स्वास्थ्य और पर्यावरणीय सुरक्षा के कठिन कार्य के साथ जोड़ना। स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) देश के सबसे प्रभावशाली और सफल शहरी अभियानों में से एक है […]
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दुनिया की मझोली ताकतों की दुविधा: क्या वे टेबल पर हैं या शिकार बन रहे हैं?
किसी केंद्रीय बैंक के प्रमुख से आप कभी आपसी संबंध बिगाड़ देने वाले और दुनिया हिला देने वाले भाषण की उम्मीद नहीं कर सकते। केंद्रीय बैंक संभालना ऐसा पेशा है, जिसमें लोगों को सिखाया जाता है कि कम से कम और जरूरत भर ही बोलना चाहिए और वह भी सहज तथा शांत भाव से बोलना […]
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Editorial: ऑपरेशन सिंदूर का असर, रक्षा बजट में बढ़ोतरी
मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर की छाप इस वर्ष के रक्षा बजट पर देखी जा सकती है। 7.85 लाख करोड़ रुपये के साथ रक्षा व्यय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 2 फीसदी तक पहुंच सकता है। यह पहले लगातार आ रही गिरावट के उलट है और इसके जरिये स्वीकार किया जा रहा है कि […]
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