अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा का व्यापक रूप से स्वागत किया गया लेकिन इस घोषणा के दो दिन बाद भी तनाव बना हुआ है जो स्थायी शांति की संभावनाओं को क्षति पहुंचा सकता है। यहां तक कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस सप्ताहांत बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचने के ऐन पहले […]
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रिजर्व बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने बुधवार को नीतिगत रीपो दर को अपरिवर्तित रखने का सही निर्णय लिया। नए वित्त वर्ष में यह समिति की पहली बैठक थी। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद पश्चिम एशिया संकट की गहनता भले ही कम हुई है लेकिन अनिश्चितता बरकरार है और ऐसे […]
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष को उचित ही ‘व्यवस्थागत झटका’ करार दिया और कहा कि यह वैश्विक ऊर्जा के महत्त्वपूर्ण मार्गों को खतरे में डाल रहा है। यह बात भारत की नाजुकता को भी रेखांकित करती है। भारत कच्चे तेल की अपनी खपत आवश्यकता का 85 फीसदी […]
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हाल ही में पारित जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 से कारोबारी सुगमता में सुधार की उम्मीद है। विधेयक के जरिये 79 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया। इनमें से 717 प्रावधानों की आपराधिकता समाप्त की गई है जबकि 67 में संशोधन का लक्ष्य जीवन को सहज बनाना है। ये संशोधन विभिन्न […]
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अब यह बात स्पष्ट होती जा रही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान पर एक महीने पहले शुरू किए गए हमले से किसी तरह अपना चेहरा बचाते हुए बच निकलने के लिए जूझ रहे हैं। इस युद्ध के लिए दो लक्ष्य घोषित किए गए थे: सत्ता परिवर्तन और परमाणु क्षमता को नष्ट करना। लेकिन […]
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आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में एक अग्रणी कंपनी, एंथ्रोपिक ने हाल ही में दो अध्ययन प्रकाशित किए हैं। एक में लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) के उपयोग के पैटर्न का विश्लेषण किया गया है, और दूसरे में श्रम बाजार पर इसके शुरुआती प्रभावों की जांच की गई है। हालांकि विश्लेषण के लिए केवल क्लाउड से […]
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को राष्ट्र के नाम जो संबोधन दिया वह ईरान युद्ध के अंत को लेकर स्पष्ट मार्ग दिखाने में विफल रहा। वास्तव में ट्रंप ने इस अवसर का इस्तेमाल ऐसी धमकियां देने के लिए किया कि ईरान पर बमबारी करके उसे पाषाणकाल जैसी हालत में पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने […]
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देश में बहुप्रतीक्षित जनगणना की औपचारिक शुरुआत एक अप्रैल को हो गई। हर एक दशक में होने वाली जनगणना 2020 में होनी थी लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण यह उस समय नहीं हो सकी। परंतु आर्थिक गतिविधियां सामान्य होने के बाद भी इसे क्यों अंजाम नहीं दिया गया इस बारे में कोई स्पष्टीकरण मौजूद नहीं […]
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नया वित्त वर्ष ऐसे समय में आरंभ हो रहा है जब वातावरण में संदेह के बादल इस वर्ष की फरवरी की तुलना में अधिक हैं। फरवरी में वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया गया था। दरअसल केंद्र सरकार का राजकोषीय गणित अपेक्षाकृत शांत समय में तैयार किया गया था। उस समय मुद्रास्फीति में कमी […]
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देश के प्रतिभूति बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक अहम मुद्दे को हल करने का प्रयास किया है, जिसने इसके स्वतंत्र कामकाज पर सार्वजनिक भरोसे को धुंधला कर दिया था। अब बंद हो चुकी हिन्डनबर्ग रिसर्च द्वारा पूर्व सेबी अध्यक्ष पर हितों के टकराव के बारे में लगाए गए आरोपों के […]
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