facebookmetapixel
Advertisement
Reliance Q1 Results: मुनाफा 22.3 फीसदी घटकर ₹20,946 करोड़ पर, रेवेन्यू में 25% का उछल‘होर्मुज संकट में भी नहीं थमी ट्रेनों की रफ्तार’, बोले PM मोदी: रेलवे के विद्युतीकरण ने देश को बचायामुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन पर पूर्व जापानी मंत्री के बिगड़े बोल, भारत का करारा जवाब: तथ्यों से कोसों दूर हैं आरोपनिवेश अनुकूलता में गुजरात नंबर वन, लेकिन 60 का आंकड़ा भी नहीं छू सका कोई राज्य; नीति आयोग का खुलासाReliance Retail Q1 Results: नेट प्रॉफिट 14% घटकर ₹2,805 करोड़ पर, लेकिन रेवेन्यू मोर्चे पर मजबूती बरकराररिलायंस का धमाका: क्रूड के बढ़े दामों से O2C बिजनेस का रेवेन्यू 30% उछला, ₹2 लाख करोड़ के पारशरद पवार के अगले कदम पर टिकी महाराष्ट्र की राजनीति, सियासी चुप्पी किसी बड़े राजनीतिक समझौते का संकेतसिर्फ सुरक्षा नहीं, भू-अर्थशास्त्र के नए दौर में भारत को चाहिए स्पष्ट आर्थिक सुरक्षा रणनीतिEditorial: रूसी तेल खरीदने पर भारत को घेरने की तैयारी, अमेरिकी सीनेट में 100% टैरिफ लगाने का प्रस्तावअब डीमैट खातों पर भी मिलेगी SWP और STP की सुविधा, SEBI ने यूजर्स को दिया बड़ा तोहफा

रिवाइज्ड न्यू टैक्स रिजीम को ‘शानदार’ रिस्पांस मिलने की उम्मीद: CBDT प्रमुख

Advertisement
Last Updated- February 03, 2023 | 4:12 PM IST
Fake invoices: I-T dept reopening hundreds of old assessment cases
BS

सरकार को रिवाइज्ड न्यू टैक्स रिजीम के लिए ‘शानदार’ रिस्पांस मिलने की उम्मीद है और उसका मानना है कि इसका लाभ टैक्‍सपेयर्स के हर वर्ग तक पहुंचेगा। एक शीर्ष आयकर अधिकारी ने शुक्रवार को यह संभावना जताई।

आम बजट 2023-24 में नई वैकल्पिक कर व्यवस्था में बदलाव की पेशकश की गई है, जिसमें सात लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं लगाने का प्रावधान किया गया है। संशोधित व्यवस्था में टैक्‍सपेयर्स को 50,000 रुपये की मानक कटौती (standard deduction) का दावा करने की अनुमति भी दी गई है।

माना जा रहा है कि इस पहल के जरिए सरकार वेतनभोगी वर्ग को न्यू टैक्स रिजीम अपनाने के लिए लुभा रही है। हालांकि इसमें निवेश पर कोई कर छूट नहीं दी जाती है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने कहा, ‘टैक्‍सपेयर्स के हर वर्ग तक लाभ पहुंच रहा है… यह देखते हुए कि नई व्यवस्था में वेतनभोगी करदाताओं को मानक कटौती मिलेगी, प्रभावी रूप से 7.50 लाख रुपये तक आय वाले वेतनभोगी कर्मचारी को किसी भी तरह का कर देने की जरूरत नहीं होगी।’

बजट में मानक कटौती का विस्तार करने के अलावा छूट की सीमा भी बढ़ा दी गई है। नई कर व्यवस्था के तहत तीन लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगाया जाएगा। तीन से छह लाख रुपये के बीच की आय पर पांच फीसदी कर लगेगा। छह से नौ लाख रुपये पर 10 फीसदी, नौ से 12 लाख रुपये पर 15 फीसदी, 12 से 15 लाख रुपये पर 20 फीसदी और 15 लाख रुपये से ज्यादा की आय पर 30 फीसदी कर लगेगा।

यह भी पढ़ें: Budget 2023: EGR में अदला-बदली पर कर नहीं

इस संशोधनों के बाद न्यू टैक्स रिजीम उस व्यक्ति के लिए अधिक फायदेमंद होगी, जिसके पास आयकर कटौती का दावा करने के लिए पर्याप्त निवेश नहीं है। गुप्ता ने कहा, ‘हमने योजना को अधिक से अधिक आकर्षक बनाने की कोशिश की है, क्योंकि इसमें किसी तरह की परेशानी नहीं है। इसके लिए करदाताओं को कोई दस्तावेज जमा करने की भी जरूरत नहीं। साथ ही कर प्रशासन के लिए इस योजना को संचालित करना आसान है।’

गुप्ता ने उद्योग मंडल एसोचैम के एक कार्यक्रम में कहा, ‘हमें उम्मीद है कि प्रस्तावित न्यू टैक्स रिजीम योजना को शानदार रिस्पांस मिलेगा।’

Advertisement
First Published - February 3, 2023 | 4:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement