facebookmetapixel
Advertisement
लाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौती

पेमेंट वेरिफिकेशन के लिए SMS OTP के साथ दूसरे विकल्प भी अपनाए जाएंगेः RBI

Advertisement

डिजिटल पेमेंट को ज्यादा सुरक्षित बनाने के मकसद से लाए गए ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे

Last Updated- September 25, 2025 | 9:09 PM IST
Jio Payments Bank UPI

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को डिजिटल पेमेंट के नए नियमों की घोषणा करते हुए कहा कि दो स्तरों वाले वेरिफिकेशन के लिए अब एसएमएस ओटीपी (SMS OTP) के अलावा अन्य विकल्प भी अपनाए जा सकेंगे। डिजिटल पेमेंट को ज्यादा सुरक्षित बनाने के मकसद से लाए गए ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।

दूसरे विकल्प क्या होंगे?

RBI ने कहा कि प्रमाणीकरण कारकों में शामिल हो सकते हैं:

· पासवर्ड, पासफ्रेज या पिन

· कार्ड हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर टोकन

· फिंगरप्रिंट या अन्य बायोमेट्रिक तरीके

SMS-ओटीपी का उपयोग पहले की तरह जारी रहेगा। भारत उन देशों में शामिल है जो दो स्तरों वाले वेरिफिकेशन को अनिवार्य मानते हैं। अब तक वित्तीय संस्थान मुख्य रूप से SMS अलर्ट पर निर्भर थे।

Also Read: JAL अधिग्रहण की रेस तेज: वेदांत और अदाणी से संशोधित बोली जमा करने को कहा

नए निर्देश और सुरक्षा प्रावधान

RBI ने ‘डिजिटल पेमेंट लेनदेन की वेरिफिकेशन सिस्टम संबंधी निर्देश, 2025’ जारी किए हैं। इनके तहत:

· दो-स्तरीय वेरिफिकेशन अनिवार्य रहेगा।

· हर लेनदेन में कम से कम एक प्रमाणीकरण कारक विशिष्ट और नया होना चाहिए।

· पेमेंट सिस्टम ऐसा होना चाहिए कि किसी एक कारक की कमजोरी अन्य कारकों की सुरक्षा को प्रभावित न करे।

· संस्थान जोखिम प्रबंधन के तहत लेनदेन का मूल्यांकन स्थान, उपयोगकर्ता व्यवहार, डिवाइस विशेषताओं और इतिहास जैसे पहलुओं पर आधारित कर सकेंगे।

Also Read: अग्नि-प्राइम का सफल टेस्ट: अब ट्रेन से दागी जा सकेगी 2,000 km तक मार करने वाली मिसाइल

डिजिटल लॉकर और मुआवजे का प्रावधान

RBI ने कहा कि अधिक जोखिम वाले लेनदेन के लिए अतिरिक्त जांच की जा सकती है। सूचना और पुष्टि के लिए डिजिटल लॉकर का उपयोग संभव है।

अगर नए नियमों का पालन न करने से ग्राहक को आर्थिक नुकसान होता है, तो जारीकर्ता को पूरा मुआवजा देना होगा। साथ ही, 1 अक्टूबर 2026 से विदेशी प्रतिष्ठानों द्वारा किए गए गैर-आवर्ती, सीमापार कार्ड-नॉट-प्रेजेंट (CNP) लेनदेन के लिए भी वेरिफिकेशन सिस्टम अनिवार्य होगा।


(एजेंसी इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - September 25, 2025 | 8:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement