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महिलाओं की बढ़ी Mutual Fund में दिलचस्पी, 21 फीसदी बढ़ी हिस्सेदारी

एम्फी के आंकड़ों से एक और बात का बता चलता है कि विकास की यह गति इस अवधि के दौरान शहरी केंद्रों की तुलना में अविकसित या अल्पविकसित केंद्रों में अधिक थी।

Last Updated- March 12, 2024 | 12:29 PM IST
Mutual Fund

बात पैसे बचाने की हो तो महिलाओं को अधिकतर सुरक्षित निवेश या सेविंग्स का रुख करते देखा जाता है। लेकिन इस बीच महिलाओं ने बाजार में दिलचस्पी दिखाई है। Amfi यानी Association of Mutual Funds के आंकड़ों की मांगे तो म्यूचुअल फंड में महिला निवेशकों की हिस्सेदारी मार्च 2017 में 15% से बढ़कर दिसंबर 2023 में लगभग 21% हो गई है। यानी कि महिला निवेशक अब म्युचुअल फंड में निवेश को लेकर दिलचस्पी दिखा रही हैं।

इस साल फरवरी में म्यूचुअल फंड में प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति 50 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई, इसका कारण ये भी माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में निष्क्रिय निवेशक बचत करने और ज्यादा कमाने का टारगेट बना कर म्यूचुअल फंड का रुख कर रहे हैं।

एम्फी के आंकड़ों से एक और बात का बता चलता है कि विकास की यह गति इस अवधि के दौरान शहरी केंद्रों की तुलना में अविकसित या अल्पविकसित केंद्रों में अधिक थी। B-30 शहरों में महिला पोर्टफोलियो और संपत्ति की हिस्सेदारी क्रमशः 15% से बढ़कर 18% और 17% से 28% हो गई है।

25-44 की उम्र की महिलाएं आगे

एम्फी की ये रिपोर्ट क्रिसिल ने तैयार की, जिसमें कहा गया है कि लगभग 50% महिला निवेशक 25-44 आयु वर्ग में आती हैं, जबकि व्यक्तिगत निवेशकों के कुल समूह में यह लगभग 45% है।

सबसे ज्यादा गोवा में
गोवा में म्यूचुअल फंड उद्योग में महिलाओं की हिस्सेदारी सबसे अधिक 40% है, इसके बाद पूर्वोत्तर राज्य 30 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर हैं। चंडीगढ़, महाराष्ट्र और नई दिल्ली में भी प्रबंधनाधीन संपत्तियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 30% से अधिक है। इसके अलावा, महिला म्यूचुअल फंड वितरकों की संख्या भी बढ़ी है। दिसंबर, 2023 तक इनकी संख्या 42,000 के स्तर पर पहुंच गई।

अधिकांश महिला रेगुलर प्लान रुट के तहत निवेश करती हैं और जब म्यूचुअल फंड वितरक के माध्यम से निवेश करती है तो निवेश की अवधि लंबी होती है।

First Published - March 12, 2024 | 9:58 AM IST

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