facebookmetapixel
Stock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआई

Stock Market: नौवें दिन की बढ़त से निफ्टी स्मॉलकैप 11 फीसदी ऊपर

इंडेक्स का आखिरी बंद स्तर 16,153 रहा, जो 4 मार्च के बाद का सर्वोच्च स्तर है।

Last Updated- April 03, 2024 | 10:35 PM IST
Nifty 50

मार्च में करीब 13 फीसदी टूटने के बाद निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में काफी तेजी से सुधार आया है। लगातार नौ कारोबारी सत्रों में बढ़त के चलते इस इंडेक्स में 11 फीसदी का इजाफा हुआ है क्योंकि निवेशकों ने गिरावट में खरीदारी की।

इंडेक्स का आखिरी बंद स्तर 16,153 रहा, जो 4 मार्च के बाद का सर्वोच्च स्तर है। इंडेक्स ने अपने पिछले नुकसान की भरपाई कर ली है, जो बाजार नियामक सेबी की तरफ से बुलबुले को लेकर की गई टिप्पणी के बाद देखने को मिली थी।

पिछले महीने सेबी की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने स्मॉल व मिडकैप के मूल्यांकन को लेकर चिंता जताई थी, जो खुदरा निवेशकों का पंसदीदा है। लेकिन बुच ने जोर दिया कि बुलबुला नहीं बनने दिया जाना चाहिए क्योंकि इसके फूटने पर निवेशकों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया ने भी फंड हाउस को निर्देश दिया कि वे स्मॉल व मिडकैप फंडों के जोखिम को लेकर निवेशकों के सामने अतिरिक्त खुलासा करें। स्मॉलकैप इंडेक्स 9 फीसदी टूट गया था जब सेबी प्रमुख ने चिंता जताई थी। स्मॉल व मिडकैप का ऊंचा मूल्यांकन चिंता का विषय रहा है लेकिन नियामक के संदेश और कदमों ने बिकवाली का दबाव गहरा दिया।

सेबी प्रमुख की टिप्पणी ऐसे समय में आई जब म्युचुअल फंड मिड व स्मॉलकैप योजनाओं से संबंधित स्ट्रेस टेस्ट रिपोर्ट जमा कराने वाले थे। दुबई के ट्रेडर हरि शंकर टिबड़ेवाल पर छापे से स्मॉलकैप में बिकवाली शुरू हुई, जहां उनका निवेश है।

मार्च के निचले स्तर से स्मॉलकैप सेगमेंट में 13 फीसदी का इजाफा हुआ है। स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा बढ़त दर्ज करने वालों में ऐंजल वन (28 फीसदी बढ़त), नालको (27.5 फीसदी) और कोचीन शिपयार्ड (22 फीसदी) शामिल हैं। हालिया सुधार के बाद स्मॉलकैप 100 इंडेक्स अब फरवरी 2024 के अपने सर्वोच्च स्तर से महज 2.5 फीसदी नीचे है।

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यू आर भट्ट ने कहा, मूल्यांकन पर चिंता आदि के बावजूद इस सेगमेंट के तिमाही नतीजे अप्रभावित रह सकते हैं। स्मॉलकैप में खुदरा निवेशकों का निवेश होता है और यह उनके ब्रोकरों आदि की सिफारिशों पर ही मोटे तौर पर चढ़ता है। इसके अतिरिक्त कुछ शेयरों को लेकर (जहां पर्याप्त सकारात्मक खबरें होती हैं) निवेशक आशावादी बने रहते हैं।

इक्विनॉमिक्स के संस्थापक जी. चोकालिंगम ने कहा, इस सेगमेंट के कई गुणवत्ता वाले शेयरों में 15 से 20 फीसदी की गिरावट आई है और कई निवेशकों ने दोबारा प्रवेशके लिए पर्याप्त रूप से आकर्षक पाया। गिरावट के बाद भी हजारों नए निवेश बाजार में हर हफ्ते प्रवेश कर रहे हैं। चोकालिंगम ने कहा कि बाजार में सामान्य तौर पर तेजी के माहौल ने भी इसमें सुधार लाने में मदद की है।

First Published - April 3, 2024 | 10:35 PM IST

संबंधित पोस्ट