Closing Bell: उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लगातार दूसरे सत्र में गिरावट लेकर बंद हुए। बाजार में गिरावट की वजह मीडिया, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में बिकवाली रही।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 57 अंक की बढ़त लेकर खुला। हालांकि यह अपनी बढ़त को बनाए रखने में कामयाब नहीं रहा। कारोबार के दौरान यह इंडेक्स 148.14 अंक 0.18 फीसदी की गिरावट लेकर 83,311 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स ने दिन के दौरान 83,846.35 के हाई और 83,237.65 के लो रेंज में कारोबार किया।
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी 45.30 की बढ़त लेकर खुला। कारोबार के दौरान यह इंडेक्स 87.95 अंक यानी 0.34 फीसदी टूटकर 25,509.70 अंक पर बंद हुआ।
पावर ग्रिड, ईटरनल, बीईएल, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले शेयरों में शामिल रहे, जबकि एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट और टीसीएस प्रमुख बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में रहे।
व्यापर बजारों में भी प्रमुख शेयरों के साथ गिरावट का रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.95 फीसदी गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी मीडिया 2.54 फीसदी की गिरावट के साथ सबसे कमजोर सेक्टर रहा। इसके बाद मेटल सेक्टर में 2.07 फीसदी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.98 फीसदी की गिरावट आई। निफ्टी आईटी और ऑटो ही ऐसे दो सेक्टर रहे जो हरे निशान में बंद हुए — क्रमशः 0.18 फीसदी और 0.06 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, “घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर बना रहा, जहां एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बावजूद FPI की लगातार बिकवाली के चलते व्यापक स्तर पर मुनाफावसूली देखने को मिली।”
उन्होंने आगे कहा कि एमएससीआई ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में चार भारतीय कंपनियों के शामिल होने और मजबूत अमेरिकी मैक्रो आंकड़ों से जो शुरुआती तेजी आई थी, वह कमजोर घरेलू पीएमआई रीडिंग्स से दब गई, जो बाजार की धारणा में नरमी को दर्शाती है। अधिकांश सेक्टरों में गिरावट रही, हालांकि आईटी शेयर मजबूत बने रहे, जिन्हें उम्मीद के अनुरूप नतीजों और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में सुधार से समर्थन मिला।
एशिया-प्रशांत के बाजारों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों में बुधवार को आई मजबूती का असर एशियाई ट्रेडिंग सत्र में साफ दिखा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.5% उछला, जापान का निक्केई 225 1.45% बढ़ा और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.58% चढ़ा।
दूसरी ओर, अमेरिकी बाजारों में भी बुधवार को तेजी का माहौल रहा। कॉर्पोरेट नतीजों और बेहतर प्राइवेट पेरोल्स डेटा से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। S&P 500 में 0.37% की बढ़त, Nasdaq में 0.65% की छलांग और Dow Jones में 0.48% की मजबूती दर्ज हुई। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के जॉबलेस क्लेम्स डेटा और यूके के बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दर नीति पर है।
मंगलवार, 4 नवंबर को भारतीय बाजारों में गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 519.34 अंक टूटकर 83,459.15 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 165.70 अंक फिसलकर 25,597.65 पर आ गया। बुधवार को गुरु नानक देव जी के प्रकाश गुरपुरब के मौके पर बाजार बंद रहे।
संस्थागत निवेशकों की बात करें तो विदेशी निवेशकों (FIIs) ने ₹1,160.10 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,042.14 करोड़ के शेयर खरीदे।
आईपीओ बाजार में आज कई अहम घटनाक्रम हैं। Lenskart Solutions के आईपीओ का बेसिस ऑफ अलॉटमेंट आज तय होगा, जबकि Orkla India के शेयर आज बाजार में लिस्ट होंगे। इसी बीच, Groww IPO का सब्सक्रिप्शन का दूसरा दिन रहेगा।
एसएमई (SME) सेगमेंट में भी तेजी है – Finbud Financial Services IPO आज खुल रहा है, Shreeji Global FMCG का सब्सक्रिप्शन दूसरे दिन जारी रहेगा और Safecure Services के शेयर आज पहली बार बाजार में उतरेंगे।
आज कई बड़ी कंपनियों के दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के वित्तीय नतीजे आने वाले हैं। इनमें एलआईसी (LIC), मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX), कमिंस इंडिया, चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस, जायडस लाइफसाइंसेज, अपोलो हॉस्पिटल्स, लुपिन, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, मैनकाइंड फार्मा, एबीबी इंडिया, गॉदरेज प्रॉपर्टीज, एनएचपीसी, प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर और ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसी कंपनियां शामिल हैं।
इन कंपनियों के नतीजों से बाजार की दिशा तय हो सकती है, खासतौर पर बैंकिंग, हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर निवेशकों की नजर रहेगी।