facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

जेन स्ट्रीट कौन है? भारत में इस ट्रेडिंग दिग्गज की सेबी क्यों कर रहा है जांच?

Advertisement

न्यूयॉर्क में व्यापारियों और टेक्नॉलजी विशेषज्ञों की एक टीम ने वर्ष 2000 में इसे स्थापित किया था। फर्म के दुनिया भर में पांच कार्यालय हैं।

Last Updated- June 10, 2025 | 10:01 PM IST
Jane Street

जेन स्ट्रीट एक ऐसी अग्रणी वै​श्विक ट्रेडिंग फर्म है जो अपने प्रॉपराइटरी ट्रेडिंग कारोबार और क्लाइंट ट्रेडिंग गतिवि​धियों को बढ़ाने के लिए उन्नत क्वांटीटेटिव एनालिसिस का लाभ उठाती है। न्यूयॉर्क में व्यापारियों और टेक्नॉलजी विशेषज्ञों की एक टीम ने वर्ष 2000 में इसे स्थापित किया था। फर्म के दुनिया भर में पांच कार्यालय हैं। इनमें 3,000 पेशेवरों को रोजगार मिला हुआ है। यह फर्म एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में अपनी विशेषज्ञता के लिए मशहूर है और वैश्विक इक्विटी, बॉन्ड और ऑप्शंस बाजारों की महत्त्वपूर्ण खिलाड़ी है।

जेन स्ट्रीट का मिलेनियम मैनेजमेंट पर मुकदमा क्यों?

पिछले साल जेन स्ट्रीट ने अपनी प्रतिद्वंद्वी मिलेनियम मैनेजमेंट और उसके पूर्व कर्मचारियों- डगलस शेडवाल्ड और डैनियल स्पोटिसवुड -पर मुकदमा किया। मुकदमे में उसने आरोप लगाया कि उसके पूर्व कर्मचारियों ने उसकी गोपनीय ट्रेडिंग स्ट्रैटजी चुरा ली और मिलेनियम में अपनी नई नौकरियों में इसका उपयोग किया। जेन स्ट्रीट के वकील ने दावा किया कि उसके पूर्व कर्मचारियों ने जिस स्ट्रैटजी का चुराया, वह उसकी सबसे अधिक लाभ कमाने वाली रणनीति थी और कहा कि उसने एक विशेष बाजार में इसका इस्तेमाल करके 2023 में 1 अरब डॉलर कमाए।

जेन स्ट्रीट कितनी बड़ी है? वह भारत और दुनिया भर में कितना कमाती है?

हालांकि भारत और विश्व स्तर पर जेन स्ट्रीट के कमाए लाभ नए नहीं हैं। रिपोर्टों से पता चला है कि फर्म ने 2024 में भारत में इक्विटी डेरिवेटिव से 2.3 अरब डॉलर का शुद्ध राजस्व कमाया। विश्व स्तर पर इसने 20.5 अरब डॉलर का शुद्ध ट्रेडिंग राजस्व अर्जित किया। भारत सहित कई बाजारों में अपने विस्तार के कारण जेन स्ट्रीट का शुद्ध ट्रेडिंग राजस्व 2024 में बैंक ऑफ अमेरिका और सिटीग्रुप से भी अधिक हो गया।

सेबी क्यों कर रहा है जेन स्ट्रीट की जांच?

जेन स्ट्रीट के ​खिलाफ सेबी की जांच डेरिवेटिव कारोबारियों का नुकसान कम करने के प्रयासों का हिस्सा है। यह मामला तीन साल पुराना है। सेबी की जांच की खबर जेन स्ट्रीट पर भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज एनएसई की एक जांच बंद होने के बाद आई है। जनवरी में, एनएसई ने जेन स्ट्रीट जैसे हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडरों की ओर से किए गए विशिष्ट सौदों को पकड़ा था, जिनमें कथित तौर पर बाजार दरों से बहुत ज्यादा अधिक या कम कीमत पर सौदों का उलटना पलटना शामिल था।

भारतीय बाजार में क्यों बढ़ रही है जेन स्ट्रीट जैसी कंपनियों की दिलचस्पी?

जेन स्ट्रीट जैसी हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग फर्मों ने इक्विटी डेरिवेटिव ट्रेडिंग में महामारी के बाद आई तेजी के बाद भारत में प्रवेश किया है। महामारी के बाद से इ​क्विटी डेरिवेटिव ट्रेडिंग में छोटे निवेशकों की दिलचस्पी काफी ज्यादा बढ़ गई है। जेन स्ट्रीट जैसी ट्रेडिंग फर्मों और अन्य विदेशी फंडों (जो एल्गोरिदम और आधुनिक ट्रेडिंग रणनीतियों का इस्तेमाल करते हैं) ने भारत के खुदरा निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी की कीमत पर पिछले दशक के डेरिवेटिव
ट्रेडिंग बूम पर सवार होकर अरबों का मुनाफा कमाया है। सितंबर 2024 में प्रका​शित सेबी के एक अध्ययन में कहा गया कि वित्त वर्ष 2022 से वित्त वर्ष 2024 के बीच इ​क्विटी वायदा एवं विकल्प सेगमेंट में 10 में से 9 कारोबारियों को नुकसान हुआ और उनका कुल नुकसान बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

Advertisement
First Published - June 10, 2025 | 9:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement