facebookmetapixel
India-EU FTA में कार्बन नियमों पर राहत नहीं, CBAM छूट में समान व्यवहार का आश्वासन मिलाअश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान: भारत में शुरू होंगी 50 फैबलेस कंपनियां, चिप डिजाइन का बनेगा ग्लोबल हबआसमान में उड़ेगा ‘मेड इन इंडिया’ विमान: अदाणी डिफेंस और ब्राजील की एम्ब्रेयर के बीच ऐतिहासिक समझौतासमुद्री सुरक्षा से साइबर खतरों तक सहयोग मजबूत: भारत-ईयू के बीच हुआ पहला विस्तृत रक्षा व सुरक्षा करार India-EU FTA पर मुहर: वैश्विक व्यापार में नई शुरुआत, अब असली परीक्षा सुधारों कीनिवेश आधारित विकास के लिए तटस्थ नीति और साफ-सुथरे भरोसेमंद नियम क्यों हैं जरूरीविकसित भारत का रास्ता: नवाचार, शिक्षा और रचनात्मक विनाश से आएगी तेज आर्थिक प्रगतिStock Market: India-EU FTA का असर! शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी चढ़ेIndia–EU FTA Final! 20 साल बाद हुआ बड़ा सौदा, भारत को क्या मिलेगा?Budget 2026: क्या डेट म्युचुअल फंड्स में लौटेगा इंडेक्सेशन बेनिफिट? जानें निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी

TCS के शेयरों ने Q2 FY26 में दिखाई कमजोरी, राजस्व और मार्जिन रहा अनुमान के हिसाब से ही

इस साल यह शेयर करीब 26 प्रतिशत गिरा है जबकि निफ्टी 50 में 6.7 प्रतिशत की बढ़त हुई है

Last Updated- October 12, 2025 | 9:33 PM IST
TCS
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयर में शुक्रवार को दिन के कारोबार में 1.53 प्रतिशत तक की गिरावट आई और आखिर में यह 1.1 प्रतिशत तक कमजोरी के साथ 3,028 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। शेयर की कीमत में यह गिरावट दूसरी तिमाही (वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही) में मुनाफा बाजार के अनुमान से कम रहने से आई। हालांकि मार्जिन और राजस्व अनुमान के अनुरूप ही रहे।

इस साल यह शेयर करीब 26 प्रतिशत गिरा है जबकि निफ्टी 50 में 6.7 प्रतिशत की बढ़त हुई है। हालांकि फौरी ट्रिगर सितंबर तिमाही के नतीजे हैं। लेकिन बाजार आगे चलकर कंपनी की एआई डेटा सेंटर योजनाओं, कर्मचारियों की संख्या में कमी और मार्जिन पर असर, सौदों की गति और अधिग्रहण योजनाओं पर नजर रखेगा। हालंकि ब्रोकरेज कंपनी के एआई पर सकारात्मक रुख अपना रही हैं, लेकिन वे निकट भविष्य के परिदृश्य को लेकर सतर्क हैं।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि राजस्व और परिचालन लाभ मार्जिन अनुमान से अधिक रहे। लाभ भी अनुमान के अनुरूप रहा। नुवामा ने कहा कि कम उम्मीदों के बीच टीसीएस ने अच्छा तिमाही प्रदर्शन किया। लेकिन एआई डेटा सेंटर में निवेश की उसकी योजना ने उसे दिलचस्प मुकाम पर पहुंचा दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने थोड़े कमजोर बढ़त परिदृश्य का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2027 के प्रति शेयर आय (ईपीएस) अनुमानों में 2-2 प्रतिशत की कटौती की है।

हालांकि नुवामा ने आकर्षक मूल्यांकन और मजबूत लाभांश का हवाला देते हुए टीसीएस पर अपनी ‘खरीदें’ रेटिंग बरकरार रखी है और संशोधित कीमत लक्ष्य 3,650 रुपये (पहले 3,950 रुपये) रखा है। जहां अल्पावधि में अस्थिरता रह सकती है, वहीं नुवामा का मानना है कि मध्यम से लंबी अवधि के लिहाज से यह शेयर आकर्षक बना हुआ है।

मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने कहा है कि मौजूदा चुनौतियों के बावजूद टीसीएस ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया और भारतीय कारोबार में लगातार मजबूत वृद्धि दर्ज की। जहां प्रबंधन ने संकेत दिया कि वित्त वर्ष 2026 की वृद्धि वित्त वर्ष 2025 से बेहतर होनी चाहिए, वहीं ब्रोकरेज ने इस अनुमान को ‘कुछ अस्पष्ट’ बताया।  ब्रोकरेज ने कहा कि मूल्यांकन अभी भी आकर्षक   नहीं है और उसने टीसीएस पर 3,500 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ ‘खरीदें’ रेटिंग बरकरार रखी।

निर्मल बांग रिसर्च का मानना है कि कंपनी के मजबूत ऑर्डर प्रवाह, एआई/जेन एआई में महत्त्वपूर्ण निवेश, क्लाउड और साइबर सुरक्षा में अग्रणी स्थिति और डेटा सेंटर व्यवसाय में नए प्रवेश के कारण वह दीर्घावधि विकास के लिए अच्छी स्थिति में है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए ब्रोकरेज सतर्क है और उसका मानना है कि वित्त वर्ष 2026 में डिस्क्रेशनरी खर्च कम रहेगा। लेकिन आकर्षक मूल्यांकन को देखते हुए, उसने शेयर को ‘खरीदें’ रेटिंग दी है।

First Published - October 12, 2025 | 9:33 PM IST

संबंधित पोस्ट