Coforge Stock: एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (29 दिसंबर) को सपाट रुख के साथ हरे निशान में खुले। हालांकि, बाद में निफ्टी-50 और सेंसेक्स लाल निशान में फिसले गए। नए साल 2026 से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और नए अवसरों का इंतजार कर रहे हैं। बाजार में इस स्थिति के बीच ब्रोकरेज हॉउस नुवामा और मोतीलाल ओसवाल ने आईटी सेक्टर की कंपनी कोफोर्ज लिमिटेड पर पॉजिटिव आउटलुक दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि अमेरिकी फर्म को खरीदने से कंपनी को उत्तरी अमेरिकी बाजार में अपनी कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
मोतीलाल ओसवाल ने आईटी कंपनी कोफोर्ज पर खरीदारी की सलाह को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 2500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर मौजूदा भाव से 50 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है। कोफोर्ज लिमिटेड के शेयर शुक्रवार को बीएसई पार्ट 1673 रुपये के भाव पर बंद हुए।
ब्रोकरेज के अनुसार, कोफोर्ज का मजबूत और एग्जीक्यूशन योग्य ऑर्डर बुक, साथ ही अलग-अलग सेक्टरों में ग्राहकों की स्थिर खर्च करने की क्षमता, इसके ऑर्गेनिक कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत देती है। यह अधिग्रहण हाई-टेक और हेल्थकेयर सेक्टर में कोफोर्ज की मौजूदगी को और बढ़ाएगा।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कोफोर्ज लिमिटेड पर ‘BUY‘ रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 2,250 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर 34 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज ने कहा कि ब्रोकरेज ने कहा कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस कंपनी एनकोरा का अधिग्रहण कंपनी की ग्रोथ की गति को और तेज व डायवर्स बनाएगा। शेयर-स्वैप समझौता इस बात को भी दर्शाता है कि प्राइवेट इक्विटी (PE) फर्मों को कोफोर्ज के बिजनेस मॉडल पर पूरा भरोसा है।
आईटी सर्विस सेक्टर की मिड-कैप कंपनी कोफोर्ज ने गुरुवार को अमेरिका की एआई कंपनी एनकोरा को 2.35 अरब डॉलर में खरीदने का ऐलान किया। यह पूरा सौदा शेयरों के बदले शेयर के रूप में होगा, यानी इसमें नकद भुगतान नहीं किया जाएगा।
यह सौदा दुनिया भर में इंजीनियरिंग सर्विस से जुड़े अधिग्रहणों में चौथा सबसे बड़ा और किसी भारतीय आईटी सेवा कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण माना जा रहा है। इस डील से कोफोर्ज की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमता मजबूत होगी और उसका कारोबार नए देशों तक फैलेगा।
इस अधिग्रहण के जरिए कोफोर्ज, एडवेंट, वारबर्ग पिनकस और दूसरे छोटे शेयरधारकों से एनकोरा का बिजनेस खरीदेगी। इसके लिए कंपनी करीब 1.89 अरब डॉलर के नए शेयर जारी करेगी। सौदा पूरा होने के बाद एनकोरा के मौजूदा शेयरधारकों के पास संयुक्त कंपनी में लगभग 20% हिस्सेदारी होगी।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)