facebookmetapixel
67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

Market Closing: टैरिफ टेंशन से टूटा बाजार, सेंसेक्स 849 अंक लुढ़का; निफ्टी 24712 पर बंद, निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ डूबे

Market Closing: टैरिफ के प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंता और इसके कम होने या टलने की उम्मीदें कमजोर पड़ने से निवेशकों को बड़ा झटका लगा।

Last Updated- August 26, 2025 | 3:50 PM IST
Stock Market Strategy

Stock Market Closing Bell, Tuesday, August 26, 2025: वैश्विक बाजारों से सुस्त संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (26 अगस्त) को बड़ी गिरावट में बंद हुए। अमेरिका के भारत से आयात पर टैरिफ लगाने की ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी करने के चलते बाजार में बिकवाली दर्ज की गई। टैरिफ के प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंता और इसके कम होने या टलने की उम्मीदें कमजोर पड़ने से निवेशकों को बड़ा झटका लगा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 200 से ज्यादा अंक की गिरावट लेकर 81,377.39 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 80,685 अंक तक फिसल गया था। अंत में यह 849.37 अंक या 1.04 फीसदी की गिरावट लेकर 80,786.54 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 (Nifty50) भी गिरावट के साथ 24,899 पर खुला। खुलते ही इंडेक्स में बिकवाली हावी हो गई। अंत में यह 255.70 अंक या 1.02 प्रतिशत गिरकर 24,712 पर बंद हुआ।

निवेशकों ने आज अमेरिका की तरफ से जारी नोटिस पर रियेक्ट किया। अमेरिका ने भारत से इम्पोर्ट पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दी है। यह नया टैरिफ 27 अगस्त, 2025 की सुबह 12:01 बजे (EST) से लागू होगा। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि भारत रूस से तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध में मास्को को फाइनेंशियल मदद दे रहा है।

यह 50% टैरिफ, 1 अगस्त से पहले लगाए गए 25% रेसिप्रोकल टैरिफ में शामिल अतिरिक्त शुल्क के साथ लागू होगा। इसका प्रभाव भारत के 87 अरब डॉलर (लगभग 7.3 लाख करोड़ रुपये) के अमेरिकी निर्यात पर पड़ सकता है। इसमें कपड़ा, रत्न और आभूषण, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, रसायन और ऑटो पार्ट्स जैसे उद्योग सबसे अधिक प्रभावित होंगे। हालांकि, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर्स और ऊर्जा संसाधन जैसी कुछ महत्वपूर्ण श्रेणियों को इससे छूट दी गई है।

Top Losers & Gainers

सेंसेक्स की कंपनियों में सनफार्मा के शेयर में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह 3.15 फीसदी गिरकर बंद हुआ। टाटा स्टील, ट्रेंट लिमिटेड, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, रिलायंस, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, टाइटन, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। बाजार में गिरावट के बावजूद हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर 2.35 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। मारुति, आईटीसी, टीसीएस, अल्ट्रा सीमेंट के शेयर हरे निशान में रहे।

ब्रोडर मार्केटस में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.62 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 2.03 प्रतिशत गिर गया। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा 2.24 प्रतिशत नीचे रहा। निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 1.67 प्रतिशत, निफ्टी मेटल इंडेक्स में 1.66 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 1.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। केवल निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 0.91 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

निवेशकों के 6 लाख करोड़ डूबे

ट्रंप टैरिफ की वजह से बाजार में आई गिरावट के चलते निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 4,49,38,732 करोड़ रुपये पर आ गया। सोमवार को यह 45,541,312 करोड़ रुपये था। इस तरह, निवेशकों की वेल्थ 602,579 करोड़ रुपये घट गई।

अमेरिकी ट्रेड वार्ताकारों की भारत यात्रा रद्द

अमेरिकी ट्रेड वार्ताकारों की 25-29 अगस्त तक प्रस्तावित नई दिल्ली यात्रा रद्द कर दी गई है। इससे टैरिफ कम होने या स्थगित होने की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं। 50% के भारी टैरिफ का अर्थ यह होगा कि भारतीय वस्तुओं को अमेरिका के सबसे ज्यादा टैरिफ में से एक का सामना करना पड़ेगा। इससे वियतनाम और बांग्लादेश जैसे क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले भारतीय वस्तुओं को काफी नुकसान होगा।

वैश्विक बाजारों से क्या संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेडरल रिजर्व के बीच बढ़ते विवाद के चलते एशिया के ज़्यादातर इक्विटी बेंचमार्क डॉलर के साथ-साथ गिरे। MSCI AC एशिया पैसिफिक में 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसकी वजह जापान का निक्केई (1.09 प्रतिशत की गिरावट) और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (0.86 प्रतिशत की गिरावट) में आई गिरावट रही।

First Published - August 26, 2025 | 8:29 AM IST

संबंधित पोस्ट