facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

ट्रंप की चेतावनी से चावल कंपनियों के शेयर लड़खड़ाए, 10% तक फिसले; क्या है मामला ?

Advertisement

Rice Stocks: चमन लाल सेतिया एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयर में भी गिरावट दर्ज की गई और यह 5 फीसदी टूट गया। इसके अलावा कावेरी सीड कंपनी और जीआरएम ओवरसीज लिमिटेड के शेयर भी फिसल गए

Last Updated- December 09, 2025 | 10:16 AM IST
rice stocks

Rice Stocks: भारतीय चावल कंपनियों के शेयरों में मंगलवार (9 दिसंबर) को बाजार खुलते ही बड़ी गिरावट देखने को मिली। केआरबीएल, एलटी फूड्स और जीआरएम जैसी चावल कंपनियों के शेयर 10 फीसदी तक गिर गए। राईस स्टॉक्स में यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ताजा बयान के चलते आई है।

ट्रंप के बयान के चलते चावल कंपनियों के शेयर लड़खड़ा गए। सबसे ज्यादा गिरावट एलटी फूड्स के शेयर में देखने को मिली। यह 8 फीसदी गिरकर 362 रुपये के इंट्रा-डे लो पर आ गया। केआरबीएल के शेयर 3 फीसदी तक फिसल गए। हालांकि, बाद में शेयर में रिकवरी भी देखने को मिली। इसके अलावा कोहिनूर फूड्स के शेयर 10 फीसदी गिर गए।

वहीं, चमन लाल सेतिया एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयर में भी गिरावट दर्ज की गई और यह 5 फीसदी टूट गया। इसके अलावा कावेरी सीड कंपनी और जीआरएम ओवरसीज लिमिटेड के शेयर भी फिसल गए।

यह भी पढ़ें: बंपर ऑर्डर बुक से Defence Stocks में तेजी! मोतीलाल ओसवाल ने रखे ₹2,000 तक के टारगेट

ट्रंप ने क्या कहा ?

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वे अग्रि प्रोडक्ट्स के आयात पर नए टैरिफ लगा सकते हैं। खासकर भारत से आने वाले चावल और कनाडा से आयात होने वाले फर्टिलाइजर पर। उनका कहना था कि ये आयात अमेरिकी किसानों के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं और इसे लेकर कदम उठाना जरूरी है।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी किसानों के लिए 12 अरब डॉलर के सहायता पैकेज की घोषणा करते हुए कहा कि भारत से आयातित चावल को लेकर वे “सावधानी बरतेंगे”। उन्होंने कहा कि अमेरिका के किसान चावल की गिरती कीमतों से चिंतित हैं, क्योंकि भारत, थाईलैंड और वियतनाम से आने वाला चावल उनकी उपज की कीमत को प्रभावित कर रहा है।

ट्रंप ने कहा, “ऐसा नहीं होना चाहिए कि ये चावल बाजार में सस्ते दाम पर बेचा जाए। मुझे यह शिकायतें किसानों से मिली हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए।”

यह भी पढ़ें: तेजी के लिए तैयार ये दो स्टॉक्स! ब्रोकरेज ने कहा- खरीदकर रख लें, 19% तक मिल सकता है रिटर्न

भारत-यूएस ट्रेड डील पर बढ़ी चिंता

ट्रंप के ताजा बयान के बाद भारत और अमेरिका के बीच जल्द ट्रेड डील होने की संभावनाओं को झटका लगा है। इस साल की शुरुआत में ट्रम्प ने भारत से आयातित सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। उनका आरोप था कि भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदा और इस तरह रूस के खिलाफ युद्ध में फंडिंग की। हालांकि, इसके बाद दोनों देशों ने व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश की।

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल 7 दिसंबर को भारत पहुंचा और एक और दौर की वार्ता की। हालांकि अधिकारियों का अनुमान है कि इस दौर में कोई बड़ा समझौता नहीं होगा। अमेरिकी उप विदेश सचिव एलिसन हुकर पांच दिन की यात्रा पर भारत में हैं, ताकि द्विपक्षीय रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत किया जा सके।

Advertisement
First Published - December 9, 2025 | 10:15 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement