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महंगाई घटने से QSR शेयरों को मिलेगी ताकत, बदलाव के आसार

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Last Updated- May 03, 2023 | 11:30 PM IST
QSR stocks: Analysts expect demand sentiment to revive in medium to long term as inflation starts to taper off

विश्लेषकों का मानना है कि डिस्क्रेशनरी खर्च (कम जरूरी खर्च) में नरमी के साथ साथ मुद्रास्फीति के परिदृश्य में घटती मांग से ​क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) कंपनियों के प्रदर्शन पर अल्पाव​धि में दबाव बना रहेगा। हालांकि उन्हें मध्याव​धि से दीर्घाव​धि में मांग सुधरने की उम्मीद नजर आ रही है, क्योंकि मुद्रास्फीति की चाल अब सुस्त पड़ने लगी है।

आनंद राठी शेयर ऐंड स्टॉक ब्रोकर्स में फंडामेंटल रिसर्च ऐंड इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के प्रमुख नरेंद्र सोलंकी का कहना है, ‘चूंकि हमारा मानना है कि मुद्रास्फीति चरम पर पहुंच चुकी है और इस साल की दूसरी छमाही में इसमें नरमी आएगी, इसलिए हमें QSR कंपनियों के लिए मध्याव​धि से दीर्घाव​धि में फायदा होने का अनुमान है। कच्चे माल की कीमतों में गिरावट, बेहतर परिचालन दक्षता, और सही तरीके से लागत प्रबंधन से इन कंपनियों के लिए लाभ बढ़ाने में मदद मिल सकती है।’

ICRA के विश्लेषकों ने अनुमान जताया है कि टॉप QSRकंपनियां वित्त वर्ष 2023 और 2024-25 के बीच करीब 2,300 स्टोर खोलेंगी और इस पर करीब 5,800 करोड़ रुपये का अनुमानित पूंजीगत खर्च आ सकता है, जो कोविड-19 पूर्व के स्तरों से दोगुना है।

पिछले 6 महीनों में, सूचीबद्ध QSR कंपनियों –देवयानी इंटरनैशनल, जुबिलेंट फूडवर्क्स, रेस्टोरेंट ब्रांड्स ए​शिया, और सेफायर फूड्स इंडिया के शेयरों में 25 प्रतिशत तक की गिरावट आई, जबकि बीएसई के सेंसेक्स में 0.4 प्रतिशत की तेजी रही।

आनंद राठी के सोलंकी ने इसके लिए कच्चे माल की ऊंची कीमतों और ज्यादा परिचालन लागत की वजह से पिछली तिमाहियों में बढ़े मार्जिन दबाव को जिम्मेदार माना है।

वित्त वर्ष 2023 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (तीसरी तिमाही) में, सभी QSR कंपनियों के लिए बिक्री वृद्धि नरम रही। सालाना आधार पर सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (एसएसएसजी) कमजोर एक अंक में रही।

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एबिटा मार्जिन वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में 160-456 आधार अंक के दायरे में सीमित रहा।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों को कम औसत दैनिक बिक्री और जनवरी-मार्च ​तिमाही में QSR के लिए एसएसएसजी का आंकड़ा कमजोर बना रहा।

उन्होंने वित्तीय परिणाम के विश्लेषण में लिखा है, ‘हमें उम्मीद है कि जुबिलेंट फूडवर्क्स, देवयानी इंटरनैशनल, और सेफायर फूड्स इंडिया वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में एसएसएसजी में सालाना आधार पर 1-8 प्रतिशत के दायरे में गिरावट दर्ज कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की कीमतों से इन QSR कंपनियों के सकल मार्जिन पर 250 आधार अंक तक का दबाव पड़ने का अनुमान है।

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मोतीलाल ओसवाल में इ​क्विटी शोध विश्लेषक स्नेहा पोद्दार को भी कम एसएसएसजी वृद्धि और पोल्ट्री तथा डेरी खंड में मुद्रास्फीति की वजह से एबिटा मार्जिन की रफ्तार धीमी रहने का अनुमान है।

निवेश का औचित्य

निवेश के नजरिये से विश्लेषक QSR के दीर्घाव​धि परिदृश्य पर उत्साहित बने हुए हैं, क्योंकि भारी गिरावट के बाद मूल्यांकन आकर्षक हो गया है और इसलिए निवेशकों को गिरावट पर अच्छे शेयरों खरीदने की सलाह दी गई है।

ऐ​क्सिस सिक्योरिटीज में वरिष्ठ शोध विश्लेषक (एफएमसीजी एवं रिटेल) प्रीयम टोलिया को QSR क्षेत्र में वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड पसंद है, क्योंकि पिछली कुछ तिमाहियों से कंपनी ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है और इसलिए यह आकर्षक खरीदारी का अवसर है।

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मोतीलाल ओसवाल के पोद्दार ने दीर्घाव​धि के लिए मजबूत नेटवर्क विस्तार को ध्यान में रखते हुए देवयानी इंटरनैशनल को पसंद किया है।

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First Published - May 3, 2023 | 7:52 PM IST

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