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Go First bankruptcy: दिवालिया याचिका के बाद इंडिगो, स्पाइसजेट के शेयरों में रहेगा तेजी का रुख

Last Updated- May 03, 2023 | 11:30 PM IST
indigo

वाडिया समूह के स्वामित्व वाली गो फर्स्ट एयरवेज की दिवालिया अर्जी (insolvency plea) से प्रतिस्पर्धी विमानन कंपनियों Interglobe Aviation (इंडिगो की मूल कंपनी) और स्पाइसजेट के शेयरों में तेजी का रुख हो सकता है क्योंकि ये कंपनियां दिवालिया विमानन कंपनी की बाजार हिस्सेदारी हासिल करना चाह रही हैं। विश्लेषकों ने ये बातें कही।

एक्सचेंजों पर इंटरग्लोब एविएशन (Interglobe Aviation) का शेयर बुधवार के कारोबारी सत्र में BSE पर 8 फीसदी की उछाल के साथ 52 हफ्ते के उच्चस्तर 2,235.95 रुपये को छू गया, हालांकि अंत में यह शेयर 4.5 फीसदी की बढ़त के साथ 2,164 रुपये पर बंद हुआ।

उधर, स्पाइसजेट और जेट एयरवेज का शेयर कारोबारी सत्र में 6 फीसदी तक चढ़ा और अंत में क्रमश: 1 फीसदी व 5 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। इन शेयरों में मंगलवार को बाजार बंद होने के बाद घोषित घटनाक्रम के चलते तेजी आई। इसकी तुलना में बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स 0.26 फीसदी टूट गया।

विश्लेषकों ने कहा, गो फर्स्ट की तरफ से आश्चर्यजनक तौर पर दिवालिया अर्जी लगाने के कारण विभिन्न विमानन कंपनियों की तरफ से सीटों की कुल पेशकश के लिहाज से आपूर्ति में अवरोध पैदा होगा जबकि अभी कुल मिलाकर हवाई परिवहन का रुख मजबूत है। इन वजहों से न सिर्फ विमानों का किराया बढ़ेगा बल्कि इस क्षेत्र की कंपनियों के राजस्व व मार्जिन में भी इजाफा होगा।

देसी विमानन कंपनियों के जरिये मार्च 2023 1.3 करोड़ यात्रियों ने सफर किया, जो सालाना आधार पर 21.4 फीसदी ज्यादा है। जनवरी-मार्च 2023 के बीच देसी विमानन कंपनियों के जरिये कुल 3.75 करोड़ लोगों ने सफर किया जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 2.47 करोड़ था।

जेफरीज के विश्लेषक प्रतीक कुमार ने एक नोट में कहा, चूंकि गो फर्स्ट के सुधार की राह अभी स्पष्ट नहीं है, ऐसे में परिचालन बंद करने के चलते बाजार में पैदा हुए अवरोध का इस क्षेत्र की प्रतिस्पर्धी क्षमता पर असर दिख सकता है और खास तौर से भारतीय विमानन क्षेत्र के हालिया परिवहन के आंकड़ों के बीच विमानों का किराया भी प्रभावित हो सकता है।

इसके साथ ही अगर सेवा का निलंबन लंबा खिंचता है तो क्षमता जोड़ रही अन्य विमानन कंपनियां गो फर्स्ट की तरफ से खाली किए जाने वाले स्लॉट हासिल करने पर विचार करेंगी, खास तौर से अहम मेट्रो शहरों के बीच चलने वाले विमानों के लिए। इस तरह से ये कंपनियां बाजार हिस्सेदारी हासिल करेंगी।

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गो फर्स्ट की बाजार हिस्सेदारी मार्च 2023 में 6.9 फीसदी थी और कंपनी ने मंगलवार को दिवालिया अर्जी लगाई।

कंपनी ने कहा कि वह अपनी वित्तीय देनदारी पूरा नहीं कर सकती। ​रिपोर्ट से पता चलता है कि विमानन कंपनी के ऊपर वित्तीय संस्थानों, बैंकों, वेंडरों और विमान पट्टे पर देने वालों का 11,463 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें से वित्तीय लेनदारों का बकाया 6,521 करोड़ रुपये है।

प्रभुदास लीलाधर के शोध विश्लेषक जिनेश जोशी ने कहा, गो फर्स्ट के बंद होने से अचानक आपूर्ति में आए अवरोध का फायदा मौजूदा कंपनियों को मिलेगा क्योंकि यह घटनाक्रम ऐसे समय में देखने को मिल रहा है जब विमानों का किराया बढ़ रहा है और भरी सीटें औसतन (लोड फैक्टर) 80-90 फीसदी है। अन्य कंपनियां कमाई करेंगी क्योंकि क्षमता में अवरोध के कारण किराया बढ़ेगा।

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इंडिगो के अलावा टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया को दूसरा सबसे बड़ा फायदा हो सकता है क्योंकि उसके पास विमानों का मजबूत बेड़ा है और बैलेंस शीट भी अच्छी है। हालांकि विश्लेषकों ने कहा, इस स्थिति का फायदा उठाने के लिए स्पाइसजेट को वित्तीय ताकत हासिल करना अभी बाकी है।

इस बीच, स्पाइसजेट ने बुधवार को खड़े 25 विमानों को पटरी पर लाने की योजना का ऐलान किया। कंपनी ने कहा, इसे पटरी पर लाने की खातिर फंड का इंतजाम सरकार की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) और बेहतर नकदी अर्जन से किया जाएगा। खड़े विमानों को पटरी पर लाने के लिए कंपनी पहले ही करीब 400 करोड़ रुपये हासिल कर चुकी है।

इस घटनाक्रम के बाद विश्लेषकों का मानना है कि अल्पावधि के ट्रेड तत्काल फायदा उठा सकते हैं, वहीं लंबी अवधि के निवेशक इन शेयरों में निवेशित रह सकते हैं।

विलियम ओ नील इंडिया (William O’Neil India) के इक्विटी शोध प्रमुख मयूरेश जोशी का मानना है कि इय घटनाक्रम के बाद विमानन शेयरों में तेजी का रुख रहेगा और उन्हें इंडिगो काफी पसंद हैं।

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उन्होंने कहा, एयर इंडिया के साथ इंडिगो बाजार हिस्सेदारी हासिल कर सकती है और इस तरह से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को पूंजीकृत कर लेगी। कीमत की सीमा तय करने या गो फर्स्ट सहारा देने के मामले में सरकार क्या करती है, यह देखना अभी बाकी है। इस पृष्ठभूमि में इंडिगो उनका पसंदीदा शेयर बना हुआ है।

जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरांग शाह भी लंबी अवधि के लिहाज से इंडिगो पर तेजी का नजरिया अपनाए हुए हैं क्योंकि बाजार में उसकी स्थिति अग्रणी है और बैलेंस शीट मजबूत है।

First Published - May 3, 2023 | 7:23 PM IST

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