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UPI Lite से अब कर सकेंगे 500 रुपये तक का ऑफलाइन ट्रांजैक्शन, RBI ने बढ़ाई लिमिट

भारत के जिन इलाकों में नेटवर्क की समस्या रहती है या नेटवर्क सिग्नल कमजोर रहता है, उन क्षेत्रों के लोगों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक राहत की खबर लेकर आई है। अगर कोई मोबाइल यूजर नेटवर्क न होने…

Reserve Bank of India, RBI MPC Meet Highlights

Reserve Bank of India (File Pic)

Last Updated: अगस्त 24, 2023 | 4:49 PM IST

भारत के जिन इलाकों में नेटवर्क की समस्या रहती है या नेटवर्क सिग्नल कमजोर रहता है, उन क्षेत्रों के लोगों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक राहत की खबर लेकर आई है। अगर कोई मोबाइल यूजर नेटवर्क न होने पर भी UPI के जरिए पेमेंट करना चाहता है तो अभी तक ऐसी सुविधा थी कि वह अधिकतम 200 रुपये तक का ट्रांजैक्शन यूपीआई-लाइट वॉलेट (UPI-Lite wallet) के जरिये कर सकता था, लेकिन गुरुवार को RBI ने यह ट्रांजैक्शन लिमिट बढ़ा दी और यह लिमिट अधिकतम 500 रुपये कर दी।

इसका मतलब यह है कि अब आप इंटरनेट से वंचित या कमजोर सिग्नल वाले इलाकों में यूपीआई-लाइट वॉलेट (UPI-Lite wallet) के जरिये 500 रुपये तक का पेमेंट कर सकते हैं और इसके लिए न तो पिन वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ेगी और न ही बहुत ज्यादा नेटवर्क की। यानी आप कभी भी UPI-Lite wallet के जरिये आसानी से ऑफलाइन पेमेंट कर सकेंगे।

हालांकि, किसी पेमेंट प्लेटफॉर्म पर यूपीआई-लाइट के जरिये अब भी कुल 2,000 रुपये की ही राशि का लेनदेन किया जा सकता है।

RBI ने ऑफलाइन माध्यम से छोटी राशि वाले डिजिटल भुगतान की सीमा बढ़ाने का परिपत्र जारी करते हुए कहा, ‘ऑफलाइन पेमेंट ट्रांजैक्शन की ऊपरी सीमा को बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।’

महीने भर में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो रहा UPI-Lite से ट्रांजैक्शन
इंटरनेट सुविधा से वंचित मोबाइल फोनधारकों के लिए भी ऑफलाइन भुगतान की सुविधा सितंबर, 2022 में शुरू की गई थी। इसके लिए एक नया एकीकृत भुगतान मंच यूपीआई-लाइट पेश किया गया था। हालांकि, इसमें सिर्फ 200 रुपये तक का ही लेनदेन किया जा सकता था। कुछ समय में ही यह पेमेंट प्लेटफॉर्म बेसिक मोबाइल फोनधारकों के बीच खासा लोकप्रिय हो गया। इस समय इसके जरिये महीने भर में एक करोड़ से भी अधिक लेनदेन होने लगे हैं।

UPI-Lite का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए RBI ने अगस्त की शुरुआत में NFC टेक्नोलॉजी की मदद से ऑफलाइन लेनदेन की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा था। NFC के जरिये लेनदेन किए जाने पर पिन वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं रहती है।

(भाषा इनपुट के साथ )

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