facebookmetapixel
अमेरिकी टैरिफ का घटना उत्तर प्रदेश के कालीन उद्योग के लिए संजीवनी से कम नहीं, लेदर इंडस्ट्री को भी लगेंगे पंख5 महीने की मंदी खत्म! भारत-अमेरिका ट्रेड डील से हीरा उद्योग में लौटी चमकExplainer: भारत-अमेरिका ट्रेड डील फाइनल, लेकिन समझौते के पहले और आगे का सारा हिसाब-किताब समझ लेंRBI ने जारी किया निर्देश, 31 मार्च 2026 को खुले रहेंगे सरकारी कामकाज वाले बैंकBudget 2026 में स्टूडेंट्स को बड़ा फायदा मिला है? एक्सपर्ट्स ने बताया इसमें छात्रों के लिए कहां-कहां है मौकाJio-BlackRock का बड़ा धमाका! सिर्फ ₹350 में पूरे साल पाएं पर्सनलाइज्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइसBudget 2026 में सरकार ने सीनियर सिटीजन्स के लिए कुछ किया भी या नहीं? जानें एक्सपर्ट इसपर क्या सोचते हैंट्रेड डील की डिटेल्स फाइनल स्टेज में; भारत-अमेरिका जल्द जारी करेंगे बयान: पीयूष गोयलIndia-Us trade deal: भारतीय मसालों का जायका होगा तेज, निर्यात को मिलेगा बढ़ावावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का स्वागत किया, कहा- ‘मेड इन इंडिया’ को मिली बड़ी राहत

Share Market में जोरदार उछाल! सेंसेक्स-निफ्टी ने लगाया छलांग, 6 हफ्तों की सबसे बड़ी तेजी; निवेशकों को 7 लाख करोड़ का फायदा

बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1,131 अंक या 1.5 फीसदी चढ़कर 75,301 पर बंद हुआ। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 326 अंक या 1.4 फीसदी बढ़त के साथ 22,834 पर बंद हुआ।

Last Updated- March 18, 2025 | 11:02 PM IST
Stock Market

बेंचमार्क सूचकांकों में आज दूसरे दिन भी तेजी रही और सेंसेक्स एवं निफ्टी 1.5 फीसदी तक चढ़ गए, जो 4 फरवरी के बाद एक दिन में आई सबसे बड़ी उछाल है। मुख्य रूप से वित्तीय और उपभोक्ता उत्पाद कंपनियों के शेयरों में लिवाली मांग से शेयर बाजार में तेजी आई।

अमेरिका और चीन में खुदरा बिक्री उम्मीद से अधिक बढ़ने और वै​श्विक स्तर पर सकारात्मक रुझान के बीच यह तेजी आई। इसके साथ ही ज्यादातर वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के कमजोर होने से निवेशकों का जोखिम लेने का हौसला बढ़ा है जिसका असर बाजार में दिखा। 

बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1,131 अंक या 1.5 फीसदी चढ़कर 75,301 पर बंद हुआ। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 326 अंक या 1.4 फीसदी बढ़त के साथ 22,834 पर बंद हुआ, जो सूचकांक का करीब एक महीने का उच्चतम स्तर है। 

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी 5 मार्च के बाद सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 2.2 फीसदी और स्मॉलकैप 2.7 फीसदी बढ़त पर बंद हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 7 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 400 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

सोल, टोक्यो, शांघाई और हॉन्ग कॉन्ग सहित सभी प्रमुख ए​शियाई बाजार लाभ में रहे। यूरोपीय बाजार भी बढ़त में कारोबार कर रहे थे। सोमवार को अमेरिकी बाजार में भी तेजी आई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार निचले स्तर को छू चुका है मगर आगे उठापटक बनी रहने की आशंका बरकरार है। 

गोल्डमैन सैक्स में इमर्जिंग मार्केट 

इ​क्विटी स्ट्रैटजिस्ट सुनील कौल ने कहा, ‘आर्थिक वृद्धि और कंपनियों की कमाई के मामले में बुरा दौर पीछे छूट चुका है और शेयर भाव में भी काफी कमी आई है। निकट अवधि में उठापटक के बीच धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है, क्योंकि छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों ने खूब दांव लगाया है। इसके साथ ही वैश्विक अनिश्चितता, खास तौर पर अमेरिका का संभावित बराबारी शुल्क भारत को नुकसान पहुंचा सकता है।’

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 695 करोड़ रुपये और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,535 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस साल यह चौथा मौका है जब विदेशी निवेशकों ने लिवाली की है। इस साल अभी तक उन्होंने 1.45 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है।

केनेरा रोबेको एएमसी में इ​क्विटी प्रमुख ​ श्रीदत्त भांडवलदार ने कहा, ‘विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के बाहर जाने का सबसे बुरा दौर खत्म हो सकता है। डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने और अमेरिकी नीतियों के कारण बाजार में आई गिरावट के बाद आय वृद्धि और मूल्यांकन में तालमेल बैठाया जाए तो पूंजी उभरते बाजारों में वापस आ सकती है।’

First Published - March 18, 2025 | 10:41 PM IST

संबंधित पोस्ट