facebookmetapixel
Advertisement
राजस्थान रॉयल्स का नया मालिक बनेगा मित्तल परिवार, अदार पूनावाला के साथ मिलकर $1.65 अरब में हुई डील‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल पूरे: भविष्य के युद्धों के लिए भारत को अब पूर्वी मोर्चे पर ध्यान देने की जरूरतEditorial: होर्मुज संकट और तेल की कीमतों से भारत के सामने राजकोषीय दबावनिजीकरण नहीं, मुद्रीकरण: सरकार बनाएगी और मालिक रहेगी, निजी कंपनियां सिर्फ चलाएंगी प्रोजेक्ट्समजदूरों को समय पर भुगतान के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम, मनरेगा के लिए ₹17,744 करोड़ जारीटैक्स और दीवाला कानून में ठनी: पुरानी कंपनियों के खरीदारों को ‘घाटे के लाभ’ पर मिली तगड़ी चुनौतीऊर्जा संकट ने खोली सरकार की आंख, अब ‘समुद्र मंथन’ के जरिए गहरे पानी में तेल व गैस खोजेगा भारतसन फार्मा ऑर्गेनॉन को खरीदने के लिए जुटाएगी $10 अरब, दुनिया के टॉप-25 दवा कंपनियों में होगी एंट्रीयोगी सरकार का मेगा प्लान: 12 शहरों में बनेंगे स्किल हब, हर साल 10 लाख युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षणLPG की आग में झुलसा रेस्तरां कारोबार: कमर्शियल सिलेंडर ₹3000 के पार, बाहर खाना होगा 40% तक महंगा

हेमंत घई और दो अन्य पर सेबी की पांच साल की पाबंदी

Advertisement

हाई प्रोफाइल टीवी एंकर निजी लाभ के लिए गैर-सार्वजनिक जानकारी का फायदा उठाते हैं तो वे उस भरोसे को धोखा देते हैं जो बाजार की पारदर्शिता को मजबूत बनाता है।

Last Updated- March 19, 2025 | 11:19 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कथित धोखाधड़ी के लिए बुधवार को हेमंत घई, मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज और दो अन्य पर जुर्माना लगाया। बाजार नियामक ने घई (सीएनबीसी आवाज के पूर्व न्यूज एंकर और सोशल मीडिया पर काफी फॉलोअर वाले), उनकी पत्नी जया हेमंत घई और एमएएस कंसल्टेंसी सर्विस को पांच साल के लिए प्रतिभूतियों में कारोबार करने से प्रतिबंधित कर दिया है।

सेबी ने हेमंत और जया घई को करोब 6 करोड़ रुपये की अवैध कमाई लौटाने का निर्देश दिया, साथ ही 50-50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जबकि एमएएस कंसल्टेंसी पर 30 लाख रुपये और एमओएफएसएल पर 5 लाख रुपये जुर्माना लगाया। नियामक ने पाया कि घई के परिवार के सदस्यों के खातों के माध्यम से किए गए ट्रेड उनके शो पर प्रसारित स्टॉक की सिफारिशों के समय किए गए थे। इन खातों ने कार्यक्रम के प्रसारण से पहले पोजीशन ले ली जिसके बाद सिफारिश वाले शेयरों के वॉल्यूम और कीमतों में उछाल दर्ज हुई।

सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने आदेश में कहा, जब निवेशकों को सूचित करने और शिक्षित करने के लिए प्रमुख कारोबारी चैनलों द्वारा नियुक्त हाई प्रोफाइल टीवी एंकर निजी लाभ के लिए गैर-सार्वजनिक जानकारी का फायदा उठाते हैं तो वे उस भरोसे को धोखा देते हैं जो बाजार की पारदर्शिता को मजबूत बनाता है।

यह मामला जनवरी 2021 में सेबी के अंतरिम आदेश से शुरू हुआ था। इसके बाद जांच अवधि बढ़ाई गई और न्यूज चैनल पर घई की और भी स्टॉक सिफारिशों की छानबीन की गई। सेबी ने पाया कि एमओएफएसएल से संबद्ध एक अधिकृत व्यक्ति एमएएस कंसल्टेंसी ने घई के धोखाधड़ी वाले ट्रेडों में मदद की।

Advertisement
First Published - March 19, 2025 | 11:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement