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हेमंत घई और दो अन्य पर सेबी की पांच साल की पाबंदी

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हाई प्रोफाइल टीवी एंकर निजी लाभ के लिए गैर-सार्वजनिक जानकारी का फायदा उठाते हैं तो वे उस भरोसे को धोखा देते हैं जो बाजार की पारदर्शिता को मजबूत बनाता है।

Last Updated- March 19, 2025 | 11:19 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कथित धोखाधड़ी के लिए बुधवार को हेमंत घई, मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज और दो अन्य पर जुर्माना लगाया। बाजार नियामक ने घई (सीएनबीसी आवाज के पूर्व न्यूज एंकर और सोशल मीडिया पर काफी फॉलोअर वाले), उनकी पत्नी जया हेमंत घई और एमएएस कंसल्टेंसी सर्विस को पांच साल के लिए प्रतिभूतियों में कारोबार करने से प्रतिबंधित कर दिया है।

सेबी ने हेमंत और जया घई को करोब 6 करोड़ रुपये की अवैध कमाई लौटाने का निर्देश दिया, साथ ही 50-50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जबकि एमएएस कंसल्टेंसी पर 30 लाख रुपये और एमओएफएसएल पर 5 लाख रुपये जुर्माना लगाया। नियामक ने पाया कि घई के परिवार के सदस्यों के खातों के माध्यम से किए गए ट्रेड उनके शो पर प्रसारित स्टॉक की सिफारिशों के समय किए गए थे। इन खातों ने कार्यक्रम के प्रसारण से पहले पोजीशन ले ली जिसके बाद सिफारिश वाले शेयरों के वॉल्यूम और कीमतों में उछाल दर्ज हुई।

सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने आदेश में कहा, जब निवेशकों को सूचित करने और शिक्षित करने के लिए प्रमुख कारोबारी चैनलों द्वारा नियुक्त हाई प्रोफाइल टीवी एंकर निजी लाभ के लिए गैर-सार्वजनिक जानकारी का फायदा उठाते हैं तो वे उस भरोसे को धोखा देते हैं जो बाजार की पारदर्शिता को मजबूत बनाता है।

यह मामला जनवरी 2021 में सेबी के अंतरिम आदेश से शुरू हुआ था। इसके बाद जांच अवधि बढ़ाई गई और न्यूज चैनल पर घई की और भी स्टॉक सिफारिशों की छानबीन की गई। सेबी ने पाया कि एमओएफएसएल से संबद्ध एक अधिकृत व्यक्ति एमएएस कंसल्टेंसी ने घई के धोखाधड़ी वाले ट्रेडों में मदद की।

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First Published - March 19, 2025 | 11:07 PM IST

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