facebookmetapixel
अमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्त

SEBI नए नियम को लेकर कर रहा विचार, बाजार बंद होने के 15 मिनट में तय होगा स्टॉक्स का क्लोजिंग प्राइस

यह नया सिस्टम शुरुआत में केवल डेरिवेटिव्स सेगमेंट के स्टॉक्स पर लागू होगा और बाद में अन्य स्टॉक्स के लिए चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

Last Updated- December 05, 2024 | 10:43 PM IST
SEBI

सेबी ने शेयर बाजार में स्टॉक्स की क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए नया तरीका अपनाने का प्रस्ताव रखा है। सेबी ने गुरुवार को जारी एक परामर्श पत्र में सुझाव दिया कि बाजार बंद होने के बाद 15 मिनट का अलग कॉल ऑक्शन सेशन (CAS) रखा जाए। यह सेशन 3:30 बजे से 3:45 बजे तक होगा।

यह नया सिस्टम शुरुआत में केवल डेरिवेटिव्स सेगमेंट के स्टॉक्स पर लागू होगा और बाद में अन्य स्टॉक्स के लिए चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

मौजूदा सिस्टम में बदलाव की योजना

फिलहाल, स्टॉक्स की क्लोजिंग प्राइस बाजार बंद होने से पहले के आखिरी 30 मिनट के वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) के आधार पर तय की जाती है। लेकिन, अंतरराष्ट्रीय फंड हाउसों ने सुझाव दिया है कि भारत को कॉल ऑक्शन सेशन अपनाना चाहिए, क्योंकि मौजूदा सिस्टम से कीमतों में अस्थिरता और बड़े ऑर्डर्स के अधूरे रहने की समस्या होती है।

नए सिस्टम के फायदे

सेबी का मानना है कि नया सिस्टम विदेशी निवेशकों और म्यूचुअल फंड्स को उनकी ट्रेडिंग प्रक्रिया में मदद करेगा। खासकर इंडेक्स रिबैलेंसिंग और डेरिवेटिव एक्सपायरी के दिनों में जब उठापटक ज्यादा रहती है। सेबी के मुताबिक, वर्तमान सिस्टम में इन दिनों वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) सामान्य दिनों के मुकाबले 3 गुना तक बढ़ जाती है।

सार्वजनिक सुझाव मांगे गए

सेबी ने इस नए सिस्टम के लिए कीमत सीमा, ऑर्डर execution, और सेटलमेंट प्राइस की कैलकुलेशन जैसे पहलुओं पर जनता से सुझाव मांगे हैं।

क्लोजिंग सेशन होगा बंद

अगर कॉल ऑक्शन सेशन लागू होता है, तो मौजूदा पोस्ट-क्लोजिंग सेशन को बंद कर दिया जाएगा। सेबी का मानना है कि यह कदम भारतीय बाजार को अंतरराष्ट्रीय मानकों के करीब लाने में मदद करेगा।

First Published - December 5, 2024 | 8:29 PM IST

संबंधित पोस्ट