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ESG ratings के ढांचे में बदलाव की तैयारी, छोटे शहरों के उद्योगों में बढ़ेगा रोजगार, लैंगिक असमानता में भी आएगी कमी

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सेबी ने अगले वित्त वर्ष से एमएफ द्वारा वोटिंग खुलासे अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव रखा है

Last Updated- February 21, 2023 | 10:17 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ईएसजी रेटिंग के लिए ढांचे में बदलाव का प्रस्ताव रखा है, जिसमें छोटे शहरों में रोजगार सृजन और लिंग विविधता जैसे भारतीय मुद्दों से संबंधित मानक पेश करना मुख्य रूप से शामिल है।

बाजार नियामक ने अपने नए परामर्श पत्र में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासन (ESG) स्कोर जारी करने के लिए खास मानक सुझाए हैं, जो घरेलू अर्थव्यवस्था पर ज्यादा केंद्रित होंगे।

सेबी ने परामर्श पत्र में कहा है, ‘यह जरूरत इसलिए महसूस की जा रही है क्योंकि उभरते बाजारों में ESG विकसित देशों की तुलना में अलग है। उभरते बाजारों में पर्यावरण एवं सामाजिक चुनौतियां अलग तरह की हैं और ERP को किसी कंपनी के ESG जोखिमों/अवसरों तथा प्रभाव का आकलन करते वक्त इन पर ध्यान देना जरूरी है।’

नियामक ने कंपनियों द्वारा महिलाओं को चुकाए जाने वाले सकल पारिश्रमिक के प्रतिशत जैसे कुछ समग्र सामाजिक मानकों पर विचार करने का सुझाव दिया है।

प्रशासनिक मोर्चे पर, संबद्ध पार्टी लेनदेन (RPT) और स्वतंत्र निदेशकों को कवर करने वाले मानकों की पहचान की गई है, जैसे गैर-प्रवर्तक शेयरधारकों द्वारा मतदान के खिलाफ प्रतिशत।

ईएसजी रेटिंग पर सेबी का परामर्श पत्र ऐसे समय में आया है जब कुछ ही महीने पहले सेबी की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच ने ईएसजी खुलासों में घरेलू मानकों को शामिल करने की जरूरत पर जोर दिया था।

बाजार नियामक ने चालू वित्त वर्ष से शीर्ष 1,000 सूचीबद्ध कंपनियों के लिए बिजनेस रेस्पोंसिबिलिटी ऐंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग (BRSR) खुलासे अनिवार्य किए हैं। पिछले वित्त वर्ष 175 से ज्यादा कंपनियां BRSR ढांचे पर स्वेच्छिक आधार पर शामिल हुई थीं।

सेबी ने BRSR Core नामक ईएसजी खुलासों के साथ साथ निवेशककों का भरोसा बरकरार रखने के लिए सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टों की ऑडिटिंग का भी प्रस्ताव रखा है।

सेबी ने BRSR Core के लिए की परफॉरमेंस इंडिकेटर्स (KPI) अनिवार्य बनाए जाने का भी सुझाव दिया है।

नियामक ईएसजी रेटिंग प्रोवाइडर्स (ERP) के लिए नियामकीय ढांचा बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है।

एमएफ के लिए नए प्रस्ताव

ईएसजी सलाहकार समिति ने ज्यादा पारिदर्शिता लाने और भ्रामक जानकारी देकर उत्पाद बेचने के जोखिम घटाने के लिए ईएसजी केंद्रित म्युचुअल फंडों के लिए खुलासा मानक और आंतरिक ऑडिट बढ़ाए जाने का भी सुझाव दिया है।

किसी ईएसजी योजना को अपनी एयूएम का कम से कम 65 प्रतिशत निवेश उन कंपनियों में करना होगा जो समग्र बीआरएसआर के आधार पर रिपोर्टिंग करती हैं और बीआरएसआर कोर खुलासों पर आश्वासन भी मुहैया कराती हैं।

सेबी ने अगले वित्त वर्ष से एमएफ द्वारा वोटिंग खुलासे अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव रखा है।

भारत में म्युचुअल फंडों के संगठन (Amfi) को विभिन्न ईएसजी रणनीतियों के लिए मानक तैयार करने का कार्य सौंपा जाएगा।

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First Published - February 21, 2023 | 10:17 PM IST

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