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Mutual Funds उद्योग में NFO की बाढ़, बाजार की तेजी और चुनावी स्पष्टता ने बढ़ाई मांग

1 जून से अब तक 29 नई योजनाएं पेश, जो पिछले पांच महीने की कुल पेशकश की करीब आधी है

Last Updated- July 08, 2024 | 10:31 PM IST
New MF Rules: From NFO investment to stress testing, SEBI changed the rules related to mutual funds, investors will get big benefit! NFO निवेश से लेकर स्ट्रेस टेस्टिंग तक, SEBI ने बदले म्युचुअल फंड से जुड़े नियम, निवेशकों को होगा बड़ा फायदा!

बाजार में तेजी के माहौल के बीच 60 लाख करोड़ रुपये की परिसंपत्ति वाला म्युचुअल फंड उद्योग नए फंडों की पेशकश (एनएफओ) कर रहा है ताकि बढ़े निवेश का ज्यादा हिस्सा हासिल कर सके। जून की शुरुआत से अब तक म्युचुअल फंडों ने ऐक्टिव इक्विटी व पैसिव क्षेत्र में 29 नई योजनाएं पेश की हैं। एनएफओ की कुल संख्या साल 2024 के पिछले पांच महीने में इन दोनों श्रेणियों में पेश कुल एनएफओ की करीब आधी है।

म्युचुअल फंड के अधिकारियों ने कहा, इक्विटी बाजार का सेंटिमेंट कई महीनों से सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन एनएफओ की पेशकश ने हाल में रफ्तार पकड़ी है क्योंकि चुनाव से जुड़ी अनिश्चितता दूर हो गई है और उच्च फ्रीक्वेंसी वाले संकेतक मजबूत आर्थिक वृद्धि का परिदृश्य सामने रख रहे हैं।

ऐक्टिव योजनाओं में पेशकश ज्यादातर थीम के इर्द-गिर्द रही है मसलन बिजनेस साइकल, मैन्युफैक्चरिंग व स्पेशल ऑपरच्युनिटीज आदि, लेकिन पैसिव योजनाओं में ज्यादातर पेशकश नई थीम पर हुए हैं। सोमवार को टाटा एमएफ और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएफ ने पहला पैसिव थिमेटिक योजनाएं पेश की, जो पर्यटन और तेल व गैस क्षेत्र पर केंद्रित है। फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्युचुअल फंड की ऐक्टिव इक्विटी योजना का एनएफओ मल्टीकैप फंड भी सोमवार को आवेदन के लिए खुला।

म्युचुअल फंड अधिकारियों के मुताबिक, पैसिव में एनएफओ ने हाल के वर्षों में जोर पकड़ा है क्योंकि ज्यादातर फंड हाउस पहले ही अपनी ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं का बास्केट पूरा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पैसिव की ओर अलग तरह की पेशकश की गुंजाइश ज्यादा है।

टाटा एमएफ का टूरिज्म इंडेक्स फंड, निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स को ट्रैक करेगा, जिसमें ट्रैवल, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। एक फंड हाउस ने कहा, इस इंडेक्स में शामिल कंपनियां अपने-अपने सेगमेंट में अग्रणी हैं और लोगों की बढ़ती आय, भारतीय उपभोक्ताओं बदलती आदत और ज्यादा डिस्किशनरी खर्च से लाभान्वित हुई हैं।

फंड हाउस ने अप्रैल में छह इंडेक्स फंड पेश किए थे, जिसमें से तीन उद्योग में प्रथम थे। टाटा ऐसेट मैनेजमेंट के चीफ बिजनेस ऑफिसर आनंद वर्द्धराजन ने कहा, पिछले कुछ वर्षों तक हम ऐक्टिव के क्षेत्र में आक्रामकता से योजनाओं की खाई पाटने में जुटे हुए थे। अब हमारा ध्यान पैसिव पर है।

हमने इस क्षेत्र में अलग तरह की योजनाएं उतारने की कोशिश की है। उदाहरण के लिए सामान्य इन्फ्रा या मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स फंड पेश करने के बजाय हमने इन थीम्स में मल्टीकैप का तरीका अपनाया। हम सूचकांक प्रदाता के साथ विचार साझा करते रहे हैं और उन्होंने पैसिव फंडों के लिए इंडेक्स सृजित किया है। पैसिव के क्षेत्र में और नवोन्मेषी फंडों की गुंजाइश है।

हाल में एनर्जी के क्षेत्र में ऐक्विट फंड उतारने वाली आईसीआईसीआई प्रू एमएफ ने पहला तेल व गैस ईटीएफ पेश किया है, जो निफ्टी ऑयल ऐंड गैस इंडेक्स को ट्रैक करेगा। जहां हाल के वर्षों में पैसिव पेशकशो की संख्या ऐक्टिव इक्विटी स्कीम एनएफओ की तुलना में काफी ज्यादा रही है, वहीं अंतर यह है कि पेशकशों की संख्या 2024 में अब तक काफी कम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सेक्टोरल और थीमेटिक फंड कैटेगरी में इस साल नई पेशकशों में तेजी देखी गई। यह कैटेगरी म्युचुअल फंडों को कई पेशकशों की अनुमति देती है।

1 जून से, मैन्युफेक्चरिंग, बिजनेस साइकल और स्पेशल ऑपरच्युनिटीज थीम में 6 ऐक्टिव इक्विटी फंड पेश किए गए हैं। इसके अलावा, दो मल्टीकैप फंड पेशकशें और क्वांट सेगमेंट में एक नई फंड पेशकश की गई है। खासकर इक्विटी और पैसिव स्पेस में फंड पेशकशों की रफ्तार आगामी महीनों में मजबूत बनी रहने की संभावना है। 4 जून (जब चुनाव परिणाम की घोषणा की गई थी) से म्युचुअल फंडों ने 15 एनएफओ मंजूरियों के लिए बाजार नियामक सेबी से संपर्क किया है।

First Published - July 8, 2024 | 10:31 PM IST

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