इन दिनों दो श्रेणियों केफंड ने बाजार में हाल में निवेशकों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है–ये दो फंड हैं लिक्विड और लिक्विड प्लस फंड। हालांकि इस समय इन फंडों में ज्यादातर निवेश संस्थागत निवेशकों द्वारा किया जाता है लेकिन अब खुदरा निवेशक भी इन फंडों में निवेश से होनेवाले फायदे को महसूस करने लगे […]
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अगर बाजार 3715 के स्तर से नीचे बंद होता है तो यह दो सौ अंक और फिसलकर 3500-3550 के बीच पहुंच सकता है। निफ्टी में भारी गिरावट के बाद सुधार और फिर से भारी गिरावट का पैटर्न बनने से यह एक बार फिर साप्ताहिक आधार पर चार फीसदी से ज्यादा गिरकर 3818 के स्तर पर […]
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जनवरी से शुरू हुए ऋण संकट के दौर और उसके बाद इक्विटी में आई गिरावट से भारतीय प्रवर्तकों के लिए कोष जुटाना कठिन हो गया है। ऋण की अधिक लागत और शेयर मूल्यों के कम होने से भारतीय कंपनियां पूंजी जुटाने के खयाल से अब अपने ही शेयरधारकों का रुख कर रही हैं। इस कैलेंडर […]
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न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस की अंतरराष्ट्रीय कंपनी न्यूयार्क लाइफ इंटरनेशनल एलएलसी मैक्स इंडिया के साथ संयुक्त उपक्रम को लेकर उत्साहित है। न्यूयार्क लाइफ इंटरनेशनल के चेयरमैन और सीईओ रिचर्ड मूची हाल में इस संयुक्त उपक्रम की बैठक में भाग लेने भारत आए थे। इस दौरान प्रशांत साहू और सिद्धार्थ जराबी ने उनसे बातचीत की। उन्होंने बताया […]
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बाजार में छाई आर्थिक मंदी के कारण भारतीय रियल एस्टेट कंपनियों की कीमत काफी गिरी है। हालांकि कंपनी के लगभग 70-80 फीसदी से भी ज्यादा शेयर कंपनी के प्रमोटरों के पास ही होने के कारण इन कंपनियों का अधिग्रहण किए जाने का कोई खतरा नहीं है। लेकिन बाजार में कंपनी के शेयरों की कीमत लगातार […]
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अमेरिकी सीनेट से वित्तीय राहत पैकेज को हरी झंडी मिलने और भारत–अमेरिका परमाणु करार के बावजूद बाजार खुश नहीं हुआ। वैश्विक बाजारों से मिले गिरावट के संकेतों के बीच बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी, दोनों में भारी बिकवाली का दौर रहा, जिससे बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार […]
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चीनी, मेवा, खोया, गुड़ आदि की कीमतों में इजाफा होने के बावजूद मिठाई विक्रेताओं ने यह फैसला किया है कि वे दीवाली तक मिठाइयों के दाम में कोई इजाफा नहीं करने जा रहे हैं। त्योहारी मौसम के मद्देनजर वे अपना मार्जिन काफी कम रखकर कीमत को स्थिर बनाए रखना चाहते हैं। लोग आजकल चॉकलेट, सोनपापरी […]
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अमेरिका में हुए सब प्राइम संकट की आग काफी दूर तक फैल चुकी है और इस आग में इस साल निवेशकों का 20 खरब डॉलर फुंक जाने के बावजूद फिलहाल इसकी आंच में कोई कमी आने की संभावना नहीं दिख रही है। इस दशक में यह दूसरी बार हुआ है कि इक्विटी में निवेश करने […]
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आ ठ जनवरी से लेकर 30 सितंबर, 2008 तक रियालिटी, मेटल और टिकाउ उपभोक्ता सामान के क्षेत्र सबसे अधिक कमजोर हुए। इनके शेयर इस अवधि में 50 फीसदी से अधिक नीचे गिरे। क्षेत्रवार सूचकांक की बात की जाए तो इस दौरान बीएसई में कैपिटल गुड्स और बैंकिंग सूचकांक सबसे अधिक फिसले। ये दोनों सूचकांक 47 […]
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भारत सरकार की ढ़ेरों योजनाओं के बावजूद आज भी खादी सिर्फ दो अक्टूबर की छूट के बाद ही बिकती है। सवाल यह?है कि आखिर ऐसा क्या किया जाए कि खादी बाजार से जुड़े और बिना किसी सरकारी बैसाखी के साल भर लोग इसे खरीदें। खादी और ग्राम उद्योगों को विकसित करने के लिए 1955 में […]
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