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क्यों निवेशकों को लुभा रहा एग्रेसिव हाइब्रिड म्युचुअल फंड? अक्टूबर में AUM 13% बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़

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सेबी के नियमों के अनुसार, एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स को अपनी कुल संपत्ति का 65-80% हिस्सा इक्विटी में निवेश करना होता है

Last Updated- November 28, 2025 | 4:30 PM IST
Mutual Fund

Aggressive Hybrid Mutual Funds: निवेशकों के बीच ‘एग्रेसिव हाइब्रिड म्युचुअल फंड’ की तेजी से बढ़ती लोकप्रिय से इस कैटेगरी का एसेट बेस यानी AUM अक्टूबर 2025 में सालाना आधार पर 13 फीसदी बढ़कर 2.5 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब बेंचमार्क निफ्टी एक वर्ष के लंबे सुधार और अत्यधिक अस्थिरता के दौर से गुजरा है। इससे कई निवेशक इस हाइब्रिड फंड के माध्यम से स्थिरता की तलाश कर रहे हैं।

एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स में फोलियो 4 लाख बढ़ा

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, निवेशक आधार में भी शानदार बढ़ोतरी हुई है तथा ‘फोलियो’ की संख्या पिछले साल की तुलना में चार लाख बढ़कर अक्टूबर 2025 तक 60.44 लाख हो गई है। अक्टूबर 2024 में यह 56.41 लाख थी। यह ट्रेंड बैलेंस इन्वेस्टमेंट अप्रोच की बढ़ती अपील को उजागर करती है जो ग्रोथ और स्थिरता को एक साथ लाती है।

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AUM 13% बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़

‘एग्रेसिव हाइब्रिड फंड’ इक्विटी और डेट में एक साथ एक्सपोजर देने वाला एक इन्वेस्टमेंट विकल्प है। AMFI के आंकड़ों के अनुसार, एग्रेसिव हाइब्रिड फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) अक्टूबर 2024 के 2.21 लाख करोड़ रुपये से 13 फीसदी बढ़कर अक्टूबर 2025 में 2.5 लाख करोड़ रुपये हो गया।

बेंचमार्क से दिया बेहतर रिटर्न

अपनी बढ़ती लोकप्रियता के अनुरूप एग्रेसिव हाइब्रिड फंड ने अलग-अलग टाइम फ्रेम में मजबूत रिटर्न दिया है। औसतन, इस कैटेगरी ने पिछले एक साल में करीब 7 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, दो और पांच साल की अवधि में एग्रेसिव हाइब्रिड फंड ने निफ्टी 50 हाइब्रिड कम्पोजिट डेट 65:35 इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है। दो साल में एग्रेसिव हाइब्रिड फंड ने 16.5 फीसदी और पांच साल में 17 फीसदी से ज्यादा रिटर्न हासिल किया है।

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एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स में किसे करना चाहिए निवेश?

मावेनार्क वेल्थ के को-फाउंडर और सीईओ शांतनु अवस्थी के मुताबिक, “इन फंड्स को इक्विटी और डेट— दोनों का फायदा मिलता है। बैलेंस्ड फंड एक मजबूत कैटेगरी के रूप में उभरते हैं- जिन वर्षों में इक्विटी रिटर्न में उतार-चढ़ाव रहता है, वहां डेट हिस्सा रिटर्न की सुरक्षा करता है; और जब इक्विटी ऊपर जाती है, तो ये फंड उस बढ़त को पकड़ लेते हैं। मध्यम या कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए ये सबसे बेहतर विकल्प होते हैं।”

क्या है एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स की इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी?

सेबी के नियमों के अनुसार, एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स को अपनी कुल संपत्ति का 65-80% हिस्सा इक्विटी में निवेश करना होता है। आनंद राठी वेल्थ के जॉइंट सीईओ फिरोज अजीज बताते हैं, हालांकि, मौजूदा समय में इस कैटेगरी में औसतन लगभग 72% इक्विटी और 21% डेट में निवेश किया जा रहा है। यह एसेट मिक्स लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए बेहतर दिखता है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि निवेशक इक्विटी-डेट के सटीक अनुपात पर अपना नियंत्रण खो देते हैं। यही बात मार्केट-कैप डिस्ट्रीब्यूशन पर भी लागू होती है।

उन्होंने आगे बताया कि ज्यादातर एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स में इक्विटी का लगभग 75% हिस्सा लार्ज-कैप कंपनियों में लगाया जाता है, जो उन निवेशकों के लिए बेहतर नहीं हो सकता जो विभिन्न सेगमेंट्स में ज्यादा डायवर्सिफिकेशन की तलाश कर रहे हैं।

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एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स की टॉप स्कीम्स

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इक्विटी एंड डेट फंड 19.6 फीसदी के मजबूत दो-वर्षीय सीएजीआर और 24.7 फीसदी के प्रभावशाली पांच-वर्षीय सीएजीआर के साथ टॉप पर है। इसके बाद महिंद्रा मैनुलाइफ एग्रेसिव हाइब्रिड फंड है जिसने क्रमशः 19.3 फीसदी और 20.4 फीसदी का रिटर्न दिया है। बंधन, एडलवाइस और इन्वेस्को इंडिया एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स जैसी अन्य योजनाओं ने भी दो अंकों का रिटर्न दिया है जो दो वर्षों में 18-19 फीसदी और पांच वर्षों में 16.5-19.9 फीसदी के बीच रहा है। इसकी तुलना में निफ्टी ने बहुत कम 13.1 फीसदी रिटर्न दिया है।

(PTI इनपुट के साथ)

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First Published - November 28, 2025 | 4:08 PM IST

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