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Multi Asset Funds को मार्च 2025 में मिला सबसे ज्यादा निवेश, डेट फंड्स से ₹1.10 लाख करोड़ की भारी निकासी

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इस महीने हाइब्रिड कैटेगरी में आए कुल नेट इन्वेस्टमेंट का लगभग 74% हिस्सा मल्टी एसेट फंड्स में गया।

Last Updated- May 01, 2025 | 8:43 AM IST
Mutual Fund

मार्च 2025 में मल्टी एसेट म्युचुअल फंड्स ने हाइब्रिड कैटेगरी में सबसे ज्यादा निवेश हासिल किया। मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी (MOAMC) की ताजा रिपोर्ट ‘व्हेयर द मनी फ्लोज़’ के अनुसार, इस महीने हाइब्रिड कैटेगरी में आए कुल नेट इन्वेस्टमेंट का लगभग 74% हिस्सा मल्टी एसेट फंड्स में गया। बैलेंस्ड एडवांटेज और एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स में भी अच्छा खासा इनफ्लो देखने को मिला। बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स में करीब ₹2,000 करोड़ और एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स में लगभग ₹1,000 करोड़ का निवेश आया। वहीं, कंजर्वेटिव हाइब्रिड कैटेगरी से करीब ₹500 करोड़ की शुद्ध निकासी हुई, जो यह संकेत देती है कि निवेशकों की रुचि अब डेट फंड्स की तुलना में इक्विटी या मल्टी एसेट फंड्स में ज्यादा है।

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MF इंडस्ट्री को मिला ₹25,000 करोड़ का इनफ्लो

MOAMC की ‘व्हेयर द मनी फ्लोज़’ रिपोर्ट मार्च 2025 में समाप्त हुई तिमाही के दौरान, म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में निवेशकों ने किस सेगमेंट में कितना पैसा लगाया इसकी विस्तार से जानकारी देती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान म्युचुअल फंड इंडस्ट्री को कुल मिलाकर लगभग ₹25,000 करोड़ का नेट निवेश मिला।

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पैसिव फंड्स में सबसे ज्यादा ₹33,000 करोड़ का इनफ्लो देखने को मिला। दूसरी ओर, एक्टिव फंड्स से करीब ₹8,000 करोड़ की निकासी हुई। यह निकासी ज्यादातर डेट फंड्स से हुई, न कि इक्विटी फंड्स से।

डेट फंड्स से निकाले गए ₹1.10 लाख करोड़

डेट फंड्स से मार्च तिमाही में ₹1.10 लाख करोड़ की भारी निकासी हुई, जबकि पिछली तिमाही में इन फंड्स में ₹38,000 करोड़ का निवेश आया था। इस बार की निकासी का मुख्य कारण कंपनियों द्वारा किए गए एडवांस टैक्स पेमेंट रहे, जिसकी वजह से खासतौर पर कॉन्स्टेंट मैच्योरिटी फंड्स से ₹1.03 लाख करोड़ की रिडेम्प्शन हुई।

इसी तिमाही में म्युचुअल फंड इंडस्ट्री ने 73 नई स्कीमें लॉन्च कीं, जिनके जरिए कुल ₹13,067 करोड़ जुटाए गए। यह रकम तिमाही के कुल नेट इन्वेस्टमेंट का एक अहम हिस्सा रही।

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घरेलू बचत का रुख फाइनेंशियल एसेट्स की ओर

मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के MD और CEO प्रतीक अग्रवाल ने कहा, “मार्च 2025 में म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर ₹65.74 लाख करोड़ पर पहुंच गया। यह मार्च 2024 के ₹53.40 लाख करोड़ की तुलना में सालाना आधार पर 23.11% की मजबूती दर्शाता है।”

उन्होंने आगे कहा, “AUM में यह स्थिर बढ़ोतरी दिखाती है कि घरेलू बचत अब धीरे-धीरे फाइनेंशियल एसेट्स की ओर शिफ्ट हो रही है। बाजार से जुड़ी निवेश योजनाओं के प्रति भरोसा बढ़ा है और म्युचुअल फंड प्रोडक्ट्स को लेकर जागरूकता भी फैली है। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIPs) के जरिए लगातार निवेश और आसान होते निवेश प्लेटफॉर्म्स ने भी इस ग्रोथ को मजबूती दी है।”

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First Published - May 1, 2025 | 8:43 AM IST

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