facebookmetapixel
Advertisement
सोने-चांदी में तेजी के संकेत, अगले हफ्ते कहां तक जाएंगे भाव?Explainer: म्युचुअल फंड में ₹3,811 करोड़ अनक्लेम्ड, कहीं आपका पैसा तो नहीं? ऐसे करें चेक और क्लेमइस हफ्ते खुलेंगे 8 नए IPOs, ₹5,499 करोड़ से ज्यादा जुटाएंगी कंपनियांशेयर बाजार की इस हफ्ते कैसी रहेगी चाल? अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल और फेड के फैसले पर टिकी नजरेंभारतीय शेयर बाजार में फिर बढ़ा विदेशी निवेशकों का भरोसा, अगस्त में अब तक लगाए 16,621 करोड़ रुपयेशेयर बाजार में मंदी की मार, टॉप-5 कंपनियों के ₹1 लाख करोड़ स्वाहा; TCS को लगा सबसे बड़ा झटकापश्चिम एशिया संकट से सरकार ने लिया सबक, LPG उत्पादन के लिए 21 रिफाइनरियों को दिए नए टारगेटLPG e-KYC की आज आखिरी तारीख, नहीं कराया तो घरेलू रेट पर सिलेंडर मिलने में आएगी दिक्कतदिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, अगले कुछ दिनों तक बदला रहेगा मौसम का मिजाजE20 पर फिर सरकार की सफाई: सिर्फ एथेनॉल वाले पेट्रोल से नहीं घटता माइलेज, कई और फैक्टर्स भी शामिल

PSU शेयरों पर निवेशकों का उत्साह भारी, बढ़ा निवेश 

Advertisement

PSU bank shares : BSE PSU इंडेक्स ने पिछले पांच साल के दौरान 28 प्रतिशत की सालाना दर से प्रतिफल दिया है और पिछले साल इसमें करीब 60 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

Last Updated- February 08, 2024 | 10:03 PM IST
Will Modi 3.0 spur rally in PSU stocks again? Selectively, say analysts Modi 3.0: क्या नई सरकार के बाद PSU शेयरों में फिर आएगी तेजी? एनालिस्ट ने बताई स्ट्रेटेजी

विश्लेषकों का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के शेयरों ने पिछले साल के दौरान अच्छा प्रदर्शन किया है। निवेशकों ने मुख्य परिचालन मानकों में सुधार की वजह से इन्हें पसंद किया। एसीई इक्विटी के आंकड़ों से पता चलता है कि एस ऐंड पी बीएसई पीएसयू इंडेक्स पिछले साल में 90 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा, जो सेंसेक्स के मुकाबले बड़ी तेजी है। इस दौरान सेंसेक्स में करीब 19 प्रतिशत की तेजी आई।  

रिपोर्टों से पता चलता है कि बीएसई पीएसयू इंडेक्स ने पिछले पांच साल के दौरान 28 प्रतिशत की सालाना दर से प्रतिफल दिया है और पिछले साल इसमें करीब 60 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इस दौरान निफ्टी-50 ने क्रम से 16.7 प्रतिशत और 20.5 प्रतिशत का प्रतिफल दिया। डीएसपी म्युचुअल फंड के विश्लेषकों ने इस तेजी के लिए सरकारी प्रयासों और प्रबंधन नीतियों को जिम्मेदार बताया है।

हालांकि डेटा से पता चलता है कि सार्वजनिक उपक्रमों के परिचालन प्रदर्शन ने पहले ही बदलाव का संकेत दे दिया था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये सरकारी कंपनियां परिचालन की बेहतर रफ्तार बनाए रख पाएंगी, इस पर विशलेषकों को उम्मीद है कि व्यापार के अवसरों में वृद्धि के कारण उनके बेहतर प्रदर्शन का रुझान बरकरार रह सकता है। 

डीएसपी एमएफ के विनीत सांब्रे, रोहित सिंघानिया और सौविक साहा  ने एक ताजा रिपोर्ट में कहा है, ‘अक्सर बड़ी री-रेटिंग तब होती है जब पूंजी पर रिटर्न पूंजी लागत से ज्यादा हो जाता है। इसलिए इसमें ताज्जुब नहीं है कि पीएसयू के शेयरों का प्रदर्शन इन कंपनियों की मुनाफा वृद्धि से भी बेहतर हो गया। शुरू में हम पीएसयू में अपना निवेश बढ़ाने में सतर्क थे, लेकिन ताजा आंकड़ों से संकेत मिलता है कि परिचालन प्रदर्शन में सुधार आया है जिससे हमने पीएसयू कंपनियों में अपना निवेश बढ़ाया है।’ 

Advertisement
First Published - February 8, 2024 | 10:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement