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2025 में इंफ्रा और टेक सेक्टोरल फंड्स दिखा सकते हैं दम, जानें किस म्युचुअल फंड में करें निवेश?

2024 में भारत को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन 2025 में सुधार की उम्मीद है।

Last Updated- December 24, 2024 | 5:48 PM IST
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2025 में निवेश की योजना बनाते समय SIP सबसे आसान और सुरक्षित ऑप्शन है। एसकेआई कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नरिंदर वाधवा का कहना है कि 2025 में निवेश के लिए SIP सबसे अच्छा तरीका है। अगर आपने पहले से SIP शुरू कर रखा है, तो इसे जारी रखें। अगर आपने अभी तक इसे शुरू नहीं किया है, तो यह सही समय है। SIP के जरिए आप बाजार के उतार-चढ़ाव का सामना कर सकते हैं और लंबे समय में अच्छा रिटर्न पा सकते हैं।

निवेश करते समय अपने पैसे को अलग-अलग जगह लगाना बहुत जरूरी है। वाधवा के मुताबिक, निवेशकों को अपना पैसा शेयर बाजार (इक्विटी), बॉन्ड्स (डेट), सोना और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) में बांटना चाहिए। इससे अगर एक जगह नुकसान हो भी जाए, तो दूसरी जगह से उसकी भरपाई हो सकती है। साथ ही, अपने निवेश की समय-समय पर समीक्षा करना जरूरी है। इसे पोर्टफोलियो रिबैलेंसिंग कहते हैं, जिससे आप बाजार की बदलती स्थिति के अनुसार अपने निवेश को सही दिशा में रख सकते हैं।

2025 में आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद

2024 में भारत को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन 2025 में सुधार की उम्मीद है। नरिंदर वाधवा कहते हैं कि सरकारी खर्च बढ़ने, निजी निवेश में तेजी और खपत में सुधार से देश की GDP मजबूत होगी। इसके अलावा, विदेशी निवेशक भी भारत के विकासशील सेक्टर्स में पैसा लगाने के लिए आकर्षित होंगे।

वाधवा का कहना है कि 2025 में ग्लोबल सेंट्रल बैंक, जैसे RBI और यूएस फेडरल रिजर्व, मुद्रास्फीति में कमी के चलते अपनी मौद्रिक नीतियों को नरम कर सकते हैं। इससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है। वहीं, ऊर्जा कीमतों में गिरावट से भू-राजनीतिक तनाव कम हो सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

2025 में कौन से सेक्टर दे सकते हैं अच्छा रिटर्न?

2025 में कुछ सेक्टर निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकते हैं। वाधवा के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable energy) और इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर को सरकार के इन्सेंटिव और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का लाभ मिलेगा। टेक्नोलॉजी और आईटी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन की बढ़ती मांग से ग्रोथ होगी। बैंकिंग सेक्टर को ब्याज दरों में गिरावट और लोन की डिमांड से फायदा होगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में सरकारी योजनाओं के चलते बढ़त होगी, जबकि फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर रिसर्च और निर्यात के कारण आगे बढ़ेंगे।

वहीं, कुछ सेक्टर में निवेश करते समय सतर्क रहना चाहिए। वाधवा बताते हैं कि कमोडिटी सेक्टर में मांग घटने का खतरा है। ज्यादा कर्ज वाली कंपनियों को परेशानी हो सकती है और पारंपरिक ऑटोमोबाइल कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग से नुकसान हो सकता है।

म्युचुअल फंड में निवेश के लिए भी कुछ आसान तरीके हैं। वाधवा कहते हैं कि लार्ज-कैप फंड्स बाजार में स्थिरता देते हैं। मिड- और स्मॉल-कैप फंड्स घरेलू विकास का फायदा उठाने के लिए अच्छे हैं। इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे थीम वाले फंड्स अच्छे रिटर्न दे सकते हैं।

डेट म्युचुअल फंड्स में लॉन्ग-ड्यूरेशन फंड्स ब्याज दरों में गिरावट के समय फायदेमंद हो सकते हैं। डायनेमिक बॉन्ड फंड्स बाजार की बदलती स्थिति में लचीलापन (flexibility) देते हैं। शॉर्ट-टर्म फंड्स स्थिर और सुरक्षित रिटर्न का अच्छा विकल्प हैं। हाइब्रिड फंड्स जैसे बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स स्थिरता और ग्रोथ का अच्छा बैलेंस प्रदान करते हैं।

नरिंदर वाधवा का मानना है कि 2025 में सही योजना और धैर्य के साथ निवेश करने से बेहतर रिटर्न पाया जा सकता है। बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है। समझदारी से अपने पैसे को सही जगह लगाएं और लंबे समय तक निवेश बनाए रखें।

First Published - December 24, 2024 | 5:48 PM IST

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