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RBI की SFB मंजूरी के बाद फिनो पेमेंट्स बैंक का शेयर 12% टूटा, रिकॉर्ड गिरावट से निवेशकों की बढ़ी चिंता

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विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दो हफ्तों में 15 फीसदी की तेज बढ़ोतरी के बाद हुई मुनाफावसूली के कारण यह गिरावट आई है

Last Updated- December 08, 2025 | 9:44 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

फिनो पेमेंट्स बैंक के शेयरों में सोमवार को अब तक की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट दर्ज हुई। एनएसई पर शेयर करीब 12 फीसदी गिरकर 275 रुपये पर बंद हुए। यह रिकॉर्ड गिरावट तब आई जब कंपनी को लघु वित्त बैंक में बदलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से मंजूरी मिली है। 

हालांकि यह घटनाक्रम कंपनी के लिए सकारात्मक है। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दो हफ्तों में 15 फीसदी की तेज बढ़ोतरी के बाद हुई मुनाफावसूली के कारण यह गिरावट आई है। इसके अलावा, व्यापक बाजार में बिकवाली का भी कंपनी के प्रदर्शन पर असर हो सकता है। सोमवार को निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 2.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

पिछले हफ्ते फिनो पेमेंट्स बैंक ने घोषणा की थी कि उसे लघु वित्त बैंक में बदलने के लिए आरबीआई से मंजूरी मिल गई है। ऐसा करने वाला वह पहला भुगतान बैंक बन गया है। इस बैंक ने दो साल पहले एसएफबी की मंजूरी के लिए आवेदन किया था।

भुगतान बैंक को लघु वित्त बैंक में बदलने के लिए नियामक से 18 महीने का समय मिला है। एमके के अनुसार फिनो अपने परिवर्तन के शुरुआती वर्षों में भुगतान-प्रधान बैंक बना रहेगा और पोर्टफोलियो की गुणवत्ता और लाभप्रदता सुनिश्चित करने के लिए धीरे-धीरे अपने मौजूदा ग्राहक आधार से जुड़े कर्ज व्यवसाय का विस्तार करेगा।

बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 28-30 के दौरान 5,000 करोड़ रुपये की प्रबंधनाधीन ऋण परिसंपत्ति (एयूएम) का निर्माण करना है, जिसमें 65-70 फीसदी एमएसएमई ऋण और 30-35 फीसदी संपत्ति एवं मॉर्गेज के बदले ऋण शामिल होगा, जो एसएफबी परिचालन के तीन वर्षों के अंत तक कुल राजस्व में 20-25 फीसदी का योगदान करेगा। 

एमके ने अपनी रिपोर्ट में कहा, हमारा मानना ​​है कि शुरुआत में एमएसएमई ऋणों को देखते हुए ऋण पोर्टफोलियो में ज्यादा मिली जुली यील्ड होगी, जबकि जमानती ऋण की ओर रणनीतिक बदलाव से यील्ड में कुछ कमी आएगी। इसकी आंशिक भरपाई फंडिंग लागत में कमी से होगी। उन्होंने कहा कि एसएफबी के रूप में फिनो को शुरुआती 5 वर्षों के लिए कम से कम 40 फीसदी प्रवर्तक (होल्डको) शेयरधारिता रखने की आवश्यकता होगी, जिसे 15 वर्षों के भीतर कम करते हुए 26 फीसदी तक लाना होगा और व्यक्तिगत मतदान अधिकारों पर 26 फीसदी की सीमा का पालन करना होगा। अभी फिनो पेटेक के पास पेमेंट्स बैंक की 75 फीसदी हिस्सेदारी है।

बिज़नेस स्टैंडर्ड को दिए साक्षात्कार में फिनो पेमेंट्स बैंक के एमडी और सीईओ ऋषि गुप्ता ने कहा कि वे ऋण देने के मामले में सतर्क रुख अपनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, हम कुछ भौगोलिक क्षेत्रों और कुछ संपर्क बिंदुओं पर ध्यान देंगे। हम देश के हर हिस्से में ऋण नहीं देंगे। फिलहाल हमारी यही योजना है। हालांकि जमा के मामले में हम आगे बढ़ते रहेंगे और वृद्धि दर्ज करते रहेंगे।

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First Published - December 8, 2025 | 9:44 PM IST

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