facebookmetapixel
Market This Week: FIIs की बिकवाली और सुस्त नतीजों से सहमा बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी 2.5% टूट; निवेशकों के ₹16 लाख करोड़ डूबेJSW Steel Q3 Results: मुनाफा तीन गुना से ज्यादा बढ़कर ₹2,400 करोड़ के पार, कुल आय ₹46,264 करोड़ परसुकन्या समृद्धि योजना के 11 साल पूरे! कैसे इसकी मदद से आप अपनी बेटी के लिए ₹72 लाख का फंड बना सकते हैं?Budget 2026: मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस से लेकर MSME तक; उद्योग जगत इस साल के बजट से क्या चाहता है?Cipla Q3FY26 Results: मुनाफा 57% घटकर ₹676 करोड़, अमेरिकी कारोबार में कमजोरी से झटका; शेयर 3.7% फिसलेZerodha के इस म्युचुअल फंड से अब मिनटों में निकाल सकेंगे पैसा, शुरू हुई 24×7 इंस्टेंट विदड्रॉल सुविधाअदाणी स्टॉक्स में बड़ी गिरावट, अमेरिका से आई खबर ने मचाई खलबली; 9% तक लुढ़केगौतम अदाणी पर अमेरिकी शिकंजा: समन न पहुंचा तो SEC ने अदालत से मांगी वैकल्पिक अनुमतिगोल्ड सिल्वर रेशियो ने दिया संकेत, क्या चांदी की तेजी अब थकने वाली है? एक्सपर्ट्स से समझिए42% चढ़ सकता है महारत्न कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; Q3 में ₹4011 करोड़ का हुआ मुनाफा

Nifty Next 50: Hyundai, Swiggy समेत इन 7 कंपनियों की एंट्री! Zomato-Jio सहित ये 7 हो सकती हैं बाहर

यह इंडेक्स निफ्टी 50 का अगला पड़ाव है। जो कंपनियां इसमें शामिल होती हैं, वे भारतीय बाजार के शीर्ष 50 का हिस्सा बनने की दौड़ में होती हैं।

Last Updated- January 20, 2025 | 8:31 PM IST
gold vs Nifty

भारतीय शेयर बाजार का निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स जल्द ही बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। अगले महीने होने वाले पुनर्संतुलन (rebalancing) में हुंडई मोटर इंडिया और स्विगी जैसी बड़ी कंपनियों की एंट्री की संभावना है। यह इंडेक्स उन कंपनियों के लिए सीढ़ी की तरह है, जो निफ्टी 50 इंडेक्स का हिस्सा बनने का सपना देखती हैं।

7 कंपनियां बना सकती हैं जगह

इस बार निफ्टी नेक्स्ट 50 में हुंडई और स्विगी के साथ भारत पेट्रोलियम (BPCL), ब्रिटानिया, सीजी पावर, इंडियन होटल्स, और पॉलीकैब इंडिया जैसी 7 कंपनियों के जुड़ने की संभावना है। इन कंपनियों को शामिल करने से इंडेक्स में ताजगी और ऊर्जा आने की उम्मीद है।

7 कंपनियों को कहना पड़ सकता है अलविदा

दूसरी ओर, जोमैटो और जियो फाइनेंशियल जैसी चर्चित कंपनियों को इस इंडेक्स से बाहर किया जा सकता है। इनके अलावा IRCTC, अदाणी टोटल गैस, एनएचपीसी, BHEL, और यूनियन बैंक की विदाई की भी चर्चा है। हालांकि, जोमैटो और जियो फाइनेंशियल के लिए यह कदम आगे बढ़ने का संकेत हो सकता है, क्योंकि इन्हें निफ्टी 50 इंडेक्स में शामिल करने की संभावना है।

हुंडई और स्विगी की एंट्री पर अड़चन?

हुंडई और स्विगी की एंट्री फिलहाल तय नहीं मानी जा सकती। अगर NSE इंडेक्स यह नियम लागू करता है कि सिर्फ फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट की कंपनियां ही इंडेक्स का हिस्सा बन सकती हैं, तो इनकी एंट्री रुक सकती है।

इस बदलाव से निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स में शामिल फंडों में ₹5,000 करोड़ तक की हलचल हो सकती है। वर्तमान में इस इंडेक्स से जुड़े फंड्स का कुल AUM ₹30,000 करोड़ तक पहुंच चुका है, जो पिछले एक साल में दोगुना हो गया है।

क्यों खास है निफ्टी नेक्स्ट 50?

यह इंडेक्स निफ्टी 50 का अगला पड़ाव है। जो कंपनियां इसमें शामिल होती हैं, वे भारतीय बाजार के शीर्ष 50 का हिस्सा बनने की दौड़ में होती हैं।

कुल मिलाकर, निफ्टी नेक्स्ट 50 में संभावित बदलाव बाजार के लिए बड़ा घटनाक्रम साबित हो सकता है। हुंडई और स्विगी की एंट्री या जोमैटो और जियो की विदाई बाजार की दिशा तय कर सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि NSE इंडेक्स इन बदलावों के लिए क्या नियम लागू करता है। क्या यह कदम बाजार में हलचल मचाएगा या निवेशकों के लिए नया मौका बनेगा?

First Published - January 20, 2025 | 7:58 PM IST

संबंधित पोस्ट