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Adani Group : MSCI ने अदाणी ग्रुप की चार कंपनियों के शेयरों का वेटेज घटाया

Last Updated- February 10, 2023 | 8:51 PM IST
economic recession

MSCI ने बाजार के प्रतिभागियों (Participants) से मिले फीडबैक के बाद अदाणी ग्रुप की चार कंपनियों के वेटेज में कटौती कर दी है। साथ ही ग्लोबल इंडेक्स प्रोवाइडर ने चार अन्य कंपनियों के फ्री फ्लोट को अनचेंज रखा है।

बता दें कि ये बदलाव 28 फरवरी से प्रभावी होंगे और इससे अदाणी ग्रुप (Adani Group) के शेयरों में बिकवाली का दबाव दिख सकता है, जो पहले से ही हिंडनबर्ग रिसर्च की 24 जनवरी की रिपोर्ट के बाद से दबाव में है, जिसमें कई तरह के आरोप लगाए गए थे।

जिन कंपनियों के वेटेज में कटौती की गई है उनमें मुख्य कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी टोटाल गैस, अदाणी ट्रांसमिशन और एसीसी शामिल हैं।

इस बीच, अदाणी पोर्ट्स ऐंड एसईजेड, अंबुजा सीमेंट्स, अदाणी ग्रीन एनर्जी और अदाणी पावर के मामले में यथास्थिति बरकरार रखी गई है। समूह की दो अन्य सूचीबद्ध‍ कंपनियां अदाणी विल्मर व एनडीटीवी एमएससीआई सूचकांक का हिस्सा नहीं है।

शुक्रवार को अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 10 फीसदी तक टूटा। हालांकि यह कुछ सुधरकर अंत में 4 फीसदी की गिरावट के साथ 1,847 रुपये पर बंद हुआ। अदाणी टोटाल गैस और अदाणी ट्रांसमिशन के शेयर में 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा, वहीं एसीसी दो फीसदी गिरकर बंद हुआ। अदाणी ग्रीन एनर्जी और अदाणी पावर में भी 5-5 फीसदी का निचला सर्किट लगा। अदाणी पोर्ट्स व अंबुजा सीमेंट्स के शेयर हालांकि मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।

नुवामा ऑल्टरनेटिव ऐंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के नोट में कहा गया है, एमएससीआई ने कुछ कंपनियों के मामले में फॉरेन इन्क्लूजन फैक्टर (FIF) में बदलाव किया है और अदाणी ट्रांसमिशन, अदाणी टोटाल गैस और अदाणी एंटरप्राइजेज के भारांक में खासी कटौती की है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि इस कदम से तीनों शेयरों से 10-10 करोड़ डॉलर से ज्यादा की निवेश निकासी हो सकती है।

गुरुवार को एक बयान में MSCI ने कहा था, हमने तय किया है कि कुछ निश्चित निवेशकों की विशेषताओं में पर्याप्त अनिश्चितता है, ऐसे में अब वे हमारे तौर-तरीके के मुकाबिक फ्री-फ्लोट नहीं होंगे।

किसी प्रतिभूति के मामले में फ्री-फ्लोट का मतलब उन शेयरों से है, जो आम निवेशकों के लिए खरीद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं (एमएससीआई के मामले में अंतरराष्ट्रीय निवेशक)।

विदेशी निवेशकों के लिए फ्री-फ्लोट की उपलब्धता के आधार पर एमएससीआई उस शेयर के लिए तथाकथित एफआईएफ तय करता है। जितना कम फ्री फ्लोट होगा, उतना ही कम एफआईएफ।

कुछ विश्लेषकों ने कहा कि एफआईएफ में कमी से धीरे-धीरे अदाणी समूह की कुछ कंपनियों की एमएससीआई इंडाइसेज से पूरी तरह निकासी हो जाएगी।

पेरिस्कोप एनालिटिक्स के विश्लेषक ब्रायन फ्रिएट्स ने गुरुवार को एक नोट में कहा, अदाणी पावर, अदाणी टोटाल गैस और अदाणी ट्रांसमिशन को मई में इंडेक्स से बाहर किया जा सकता है।

हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों के बाद 27 जनवरी को सूचकांक प्रदाता ने अपने सूचकांकों में अदाणी समूह के शेयरों को लेकर बाजार के प्रतिभागियों से फीडबैक लेना शुरू किया था। अदाणी समूह ने हालांकि हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों से इनकार किया है।

इस बीच, ब्लूमबर्ग ने खबर दी है कि हिंडनबर्ग की तरफ से अदाणी समूह के कॉरपोरेट गवर्नेंस की आलोचना के बाद सस्टेनएलिटिक्स ने अदाणी समूह की कई कंपनियों के ईएसजी स्कोर में कमी की है।

एमएससीआई इंडेक्स में बीओबी, सीजी पावर शामिल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा और पूंजीगत सामान बनाने वाली फर्म सीजी पावर ऐंड इंडस्ट्रियल सॉल्युशंस को एमएससीआई स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल किया गया है।

इस बीच, फार्मा क्षेत्र की बायोकॉन को इस इंडेक्स से बाहर कर दिया गया है। इंडेक्स में हो रहे तिमाही पुनर्संतुलन की इस कवायद के तहत होने वाला बदलाव 28 फरवरी की ट्रेडिंग समाप्त होने के बाद प्रभावी हो जाएगा। इन दोनों शेयरों को शामिल किए जाने से बीओबी व सीजी पावर में क्रमश: 17 करोड़ डॉलर व 15 करोड़ डॉलर का पैसिव निवेश होगा।

बायोकॉन को इंडेक्स से निकाले जाने पर 8 करोड़ डॉलर की बिकवाली होगी। यह घोषणा इंडेक्स को ट्रैक करने वाले विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक है। शुक्रवार को बीओबी व बायोकॉन का शेयर मामूली गिरकर बंद हुआ जबकि सीजी पावर में 5 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

First Published - February 10, 2023 | 8:51 PM IST

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