facebookmetapixel
Advertisement
फॉरेस्ट एसेंशियल्स का अधिग्रहण करेगी एस्टी लॉडर कंपनीज, ब्रांड भारत में बनेगा नेतृत्व केंद्रFY27 के लिए इंडिया रेटिंग्स का अनुमान, यात्री वाहनों की बिक्री होगी नरमयूनिक्लो इंडिया का FY26 में 44% वृद्धि का लक्ष्य, भारत को ग्लोबल सोर्सिंग हब बनाएगीजीएसटी 2.0 के बाद फरवरी में वाहनों की खुदरा बिक्री रही टॉप गियर में, कुल बिक्री 24.1 लाखFMCG बाजार में ग्रामीण-शहरी अंतर घटा, तिमाही वृद्धि 7.8% पर धीमीरुपया डॉलर के मुकाबले 0.6% चढ़ा, आरबीआई के हस्तक्षेप से सुधारतीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 900 अंक चढ़ाअमेरिका से व्यापार करार में एशियाई प्रतिद्वंद्वियों से कम शुल्क दर पर भारत का जोरप​श्चिम ए​शिया में टकराव का असर: औद्योगिक क्षेत्र को गैस आवंटन में होगी कटौती!Editorial: टाटा संस की सूचीबद्धता पर फिर बढ़ा फोकस

नेपाल घूमने की कर रहे प्लानिंग? अब दिल्ली से मिलेंगी सीधी लग्जरी बसें

Advertisement

प्रीमियम पर्यटकों के लिए काठमांडू, पोखरा व लुंबिनी आदि शहरों के लिए हाई एंड की बसें भी चलाई जाएंगी जिनमें सोने की भी सुविधा रहेगी।

Last Updated- July 16, 2025 | 4:17 PM IST
Nepal

राजधानी दिल्ली से अब काठमांडू व नेपाल के अन्य पर्यटन स्थलों के लिए सीधी बस सेवा मिलेगी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) ने नेपाल के प्रमुख शहरों के लिए बस सेवा संचालित करने का फैसला किया है।

परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक अगस्त महीने से नेपाल के प्रमुख शहरों के लिए सीधी बस सेवा शुरू की जाएगी। नेपाल के काठमांडू के साथ ही विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पोखरा व लुंबिनी के लिए सीधी बस सेवा शुरू करने की योजना है। इस सेवा को भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा का नाम दिया जाएगा। बस सेवा शुरू करने के लिए परिवहन निगम ने नेपाल की अधिकृत एजेंसियों से बातचीत कर टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलावा देश की राजधानी दिल्ली, वाराणसी, अयोध्या व प्रयागराज से नेपाल के शहरों के लिए बसें संचालित होंगी।

अधिकारियों का कहना है कि मैत्री बस सेवा के तहत प्रस्तावित मार्गों पर 52 सीटर साधारण व वातानुकूलित बसें चलाई जाएंगी। प्रीमियम पर्यटकों के लिए काठमांडू, पोखरा व लुंबिनी आदि शहरों के लिए हाई एंड की बसें भी चलाई जाएंगी जिनमें सोने की भी सुविधा रहेगी। नेपाल के शहरों के लिए चलाई जाने वाली सभी बसें अनुबंधित होंगी। सभी बसों से एक साल के लिए अनुबंध किया जाएगा जिसका आगे नवीनीकरण किया जा सकेगा।

अभी प्रदेश की राजधानी लखनऊ व कुछ अन्य शहरों से नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों कृष्णा नगर, रुपईडीहा, सोनौली व बनबसा आदि के लिए यूपी रोडवेज की बसें चलती हैं। सीमावर्ती शहरों से आगे नेपाल के भीतर सफर के लिए पर्यटकों को निजी बसों या टैक्सी का प्रयोग करना पड़ता है। परिवहन निगम के इस फैसले के बाद नेपाल पर्यटन के लिए जाने वाले लोगों के लिए सहूलियत होगी। इस बस सेवा से नेपाल के भारत आने वाले पर्यटकों को भी लाभ होगा। नेपाल से बड़ी तादाद में पर्यटक वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज के लिए आते हैं।

बीते साल उत्तर प्रदेश सरकार के आग्रह पर नेपाल में पड़ने वाले माता सीता के जन्मस्थान जनकपुर से अयोध्या के लिए सीधी बस सेवा शुरू की गयी थी। हालांकि कुछ समय बाद यह बंद हो गई थी। इसी तरह भारत से बड़ी तादाद में पर्यटक लुंबिनी, पोखरा व काठमांडू के लिए जाते हैं। वर्तमान ने भारतीय यात्रियों को नेपाल सीमा से आगे जाने के लिए वहां के सिद्धार्थ राजमार्ग पर वाया बुटवल या कृष्णानगर से सड़क मार्ग से जाना पड़ता है।

Advertisement
First Published - July 16, 2025 | 4:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement