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31 दिसंबर के सरकारी आदेश से शहरों में गैस सप्लाई करनेवाली कंपनियों को होगा छप्परफाड़ मुनाफा

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 31 दिसंबर, 2024 के अपने आदेश के जरिये जमीन के नीचे और समुद्र के नीचे से उत्पादित गैस के कुछ आवंटन को फिर से व्यवस्थित किया है।

Last Updated- January 12, 2025 | 5:13 PM IST
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सरकार ने शहर गैस वितरण कंपनियों…इंद्रप्रस्थ गैस लि. (IGL), Adani-Total और महानगर गैस लि. (MGL) को सस्ती गैस की आपूर्ति बढ़ा दी है। इन कंपनियों ने शेयर बाजारों को यह जानकारी दी है। बीते साल यानी 2024 में सरकार ने इन कंपनियों को गैस आवंटन घटा दिया था। पिछले साल अक्टूबर और नवंबर में सरकार ने सीमित उत्पादन के मद्देनजर शहरी गैस खुदरा विक्रेताओं को एपीएम गैस (मुंबई हाई और बंगाल की खाड़ी जैसे पुराने क्षेत्रों से निकलने वाली सस्ती प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति में 40 प्रतिशत तक कटौती की थी। इसके कारण शहरी गैस वितरण विक्रेताओं ने सीएनजी के दाम दो-तीन रुपये किलोग्राम बढ़ा दिए थे। इसकी वजह यह है कि इन कंपनियों को ऊंचे दाम वाला ईंधन खरीदना पड़ा था। इससे डीजल जैसे वैकल्पिक ईंधन की तुलना में सीएनजी कम आकर्षक रह गई है।

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क्या है Ministry of Petrolium & Natural Gas का आदेश

इसके बाद, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 31 दिसंबर, 2024 के अपने आदेश के जरिये जमीन के नीचे और समुद्र के नीचे से उत्पादित गैस के कुछ आवंटन को फिर से व्यवस्थित किया है। मंत्रालय ने एलपीजी उत्पादन के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की गेल और ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) को आपूर्ति घटाने का आदेश दिया है और इसकी कुछ मात्रा शहरी गैस वितरण इकाइयों को स्थानांतरित की है।

Ministry of Petrolium & Natural Gas के आदेश के अनुसार, LPG उत्पादन के लिए प्रतिदिन कुल 25.5 करोड़ मानक घनमीटर गैस का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें 12.7 करोड़ मानक घनमीटर (गेल और ओएनजीसी प्रत्येक के लिए आधा-आधा) को जनवरी-मार्च तिमाही में सीएनजी/पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) खंड में उपभोग के लिए स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया है। शहर गैस वितरण कंपनियों ने कहा कि एपीएम गैस की बढ़ी हुई मात्रा की आपूर्ति 16 जनवरी से शुरू होगी।

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तीनों गैस वितरण कंपनियों का क्या कहना है –

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा, ‘‘गेल (इंडिया) लिमिटेड (घरेलू गैस आवंटन के लिए नोडल एजेंसी) से प्राप्त पत्र के अनुसार, आईजीएल को घरेलू गैस आवंटन 16 जनवरी, 2025 से 31 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। इससे सीएनजी खंड में घरेलू गैस की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत से बढ़कर 51 प्रतिशत हो जाएगी।’’ कंपनी ने एक बड़े आपूर्तिकर्ता के साथ प्रतिस्पर्धी कीमत पर लगभग 10 लाख मानक घनमीटर प्रतिदिन की आयातित एलएनजी के साथ भी करार किया है। आईजीएल ने कहा कि इस संशोधन और अतिरिक्त मात्रा के लिए करार के बाद कंपनी के मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

गुजरात और अन्य शहरों में सीएनजी की खुदरा बिक्री करने वाली अदाणी-टोटल गैस लिमिटेड ने कहा कि एपीएम गैस के आवंटन में 16 जनवरी, 2025 से 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।’ कंपनी ने कहा कि इस वृद्धि से उसपर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और अंतिम उपभोक्ताओं के लिए खुदरा कीमतों को स्थिर करने में मदद मिलेगी।’’

मुंबई और अन्य शहरों में सीएनजी की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनी महानगर गैस लिमिटेड ने कहा कि एपीएम मूल्य पर घरेलू गैस के आवंटन में 26 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इस प्रकार सीएनजी के लिए आवंटन 37 प्रतिशत से बढ़कर 51 प्रतिशत हो गया है।

वहीं गेल और ओएनजीसी को या तो नए क्षेत्रों से उत्पादित उच्च-मूल्य वाली गैस का उपयोग करना होगा या आयातित तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) पर निर्भर रहना पड़ेगा। इन कंपनियों द्वारा उत्पादित एलपीजी को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) जैसी पेट्रोलियम वितरण कंपनियों को दिया जाता है। आईओसी इसका इस्तेमाल घरों में रसोई गैस सिलेंडर के वितरण के लिए करती है।

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First Published - January 12, 2025 | 5:12 PM IST

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