facebookmetapixel
सेना दिवस: भैरव बटालियन ने जीता लोगों का दिल, ब्रह्मोस मिसाइल ने दिखाई अपनी ताकतX ने AI चैटबॉट ग्रोक से महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरों पर लगाया बैन, पेड यूजर्स तक सीमित किया कंटेंट क्रिएशनI-PAC दफ्तर की तलाशी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ED की याचिका पर बंगाल सरकार से जवाब, FIR पर रोकवै​श्विक वृद्धि के लिए हमारी रणनीति को रफ्तार दे रहा भारत, 2026 में IPO और M&A बाजार रहेगा मजबूत27 जनवरी को भारत-ईयू एफटीए पर बड़ा ऐलान संभव, दिल्ली शिखर सम्मेलन में तय होगी समझौते की रूपरेखासुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: टाइगर ग्लोबल को टैक्स में राहत नहीं, मॉरीशस स्ट्रक्चर फेलएशिया प्राइवेट क्रेडिट स्ट्रैटिजी के लिए KKR ने जुटाए 2.5 अरब डॉलर, निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ीचीन के कदम से देसी प्लास्टिक पाइप कंपनियों को दम, पिछले एक साल में शेयर 23% टूटेसेबी लाएगा म्युचुअल फंड वर्गीकरण में बड़ा बदलाव, पोर्टफोलियो ओवरलैप पर कसेगी लगामRIL Q3FY26 results preview: रिटेल की सुस्ती की भरपाई करेगा एनर्जी बिजनेस, जियो बनेगा कमाई का मजबूत सहारा

प्रभावशाली निवेशकों का रुझान बदला

Last Updated- December 15, 2022 | 3:10 AM IST

देश में प्रभावशाली निवेशक अपने रुझान में नाटकीय बदलाव करते हुए वित्तीय सेवा क्षेत्र के बजाय अब कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी आदि क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।  सामाजिक उपक्रमों के प्रति निवेशकों के बीच बढ़ते रुझान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2010 से 2019 के बीच प्रभावशाली निवेशकों द्वारा किए गए कुल करीब 10.7 अरब डॉलर के निवेश में से 47 फीसदी निवेश केवल पिछले दो वर्षों के दौरान किए गए।
पिछले दो वर्षों यानी 2018 और 2019 के दौरान प्रभावशाली निवेशकों द्वारा खर्च किए गए 5 अरब डॉलर में से करीब 58 फीसदी निवेश गैर-वित्तीय क्षेत्रों में किए गए हैं। प्रभावशाली निवेश का तात्पर्य कंपनियों द्वारा किए गए ऐसे निवेश से है जो वित्तीय रिटर्न देने के साथ-साथ सामाजिक बदलाव अथवा पर्यावरण के लिहाज से भी लाभकारी होते हैं। प्रभावशाली निवेश का एक ओर धर्मादा अथवा सामाजिक दायित्व दायित्व होता है तो दूसरी ओर वाणिज्यिक रिटर्न पर भी उसकी नजर होती है।
वीसी और पीई फंडों के जरिये आने वाली रकम प्रभावशाली निवेश के दायरे में नहीं होता है लेकिन ओमिड््यार नेटवर्क जैसे प्रभावशाली निवेशकों अथवा क्लब सौदों के जरिये जुटाई गई रकम इस श्रेणी में आते हैं जहां पीई फंडों ने प्रभावशाली निवेशकों के साथ गठजोर किया है। प्रभावशाली निवेशकों के रुझान में बदलाव को इम्पैक्ट इन्वेस्टर्स काउंसिल ने अपनी एक रिपोर्ट में की है। इसके तहत 2010 के दौरान सामाजिक उपक्रमों में किए गए निवेश पर गौर किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उस साल वित्तीय सेवा क्षेत्र में किए गए 32.3 करोड़ डॉलर में से 76 फीसदी निवेश सूक्ष्म वित्त संस्थानों और गैर एमएफआई कंपनियों में किया गया। जबकि 2019 में भी इस क्षेत्र की हिस्सेदारी घटकर 43 फीसदी रह गई। वर्ष 2019 में कुल 2.6 अरब डॉलर का निवेश किया गया।
इस बदलाव के परिणामस्वरूप पिछले एक दशक (2010 से 2019) के दौरान गैर-वित्तीय क्षेत्र में किए कए कुल 5.2 अरब डॉलर के प्रभावशाली निवेश वित्तीय क्षेत्र में किए गए 5.5 अरब डॉलर के निवेश के करीब पहुंच गया। वित्तीय क्षेत्र में 51 फीसदी निवेश सूक्ष्म वित्त कंपनियों में किए गए। जिन प्रमुख गैर-वित्तीय क्षेत्रों में निवेश किए गए उनमें कृषि में 22 फीसदी, स्वास्थ्य में 21 फीसदी, विकास के लिए प्रौद्योगिकी में 19 फीसदी, शिक्षा में 17 फीसदी और ऊर्जा में 5 फीसदी शामिल हैं। कृषि एंटरप्राइज श्रेणी में वर्ष 2019 के दौरान 32.8 करोड़ डॉलर के निवेश किए गए। इससे क्रॉपइन, ग्रामोफोन, वेकूल और आर्या सहित 181 कंपनियों को अपनी उत्पादकता को बेहतर करने में मदद मिली। साथ ही इससे 1.8 करोड़ किसानों को अपनी आय बढ़ाने में भी मदद मिली। इस क्षेत्र में वाणिज्यिक निवेशकों के व्यापक हितों के साथ करीब 80 फीसदी सौदे फिलहाल शुरुआती अवस्था में हैं। पारंपरिक वीसी एवं पीई फंडों का निवेश 53 फीसदी रहा जबकि शेष हिस्सेदारी प्रभावशाली निवेशकों की रही।
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में करीब 85 सामाजिक एंटरप्राइजेज ने निवेश आकर्षित किया जिनमें गुणवत्तायुक्त जांच, प्राथमिक एवं द्वितीयक स्वास्थ्य सेवा, दवा एवं स्वास्थ्य वित्त सेवा शामिल हैं। इन उपक्रमों में अफोर्डप्लान और बी वेल हॉस्पिटल्स शामिल हैं। वर्ष 2019 के दौरान इस क्षेत्र में निवेश नाटकीय रूप से उछलकर 46.7 करोड़ डॉलर हो गया जो 2018 में 17.1 करोड़ डॉलर रहा था। इनमें से 55 फीसदी रकम पारंपरिक वीसी और पीई फंडों से आई।

First Published - August 20, 2020 | 12:32 AM IST

संबंधित पोस्ट