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Budget 2025: बजट ‘साहसिक’, कंजप्शन बढ़ने से अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति – इंडस्ट्री

उद्योग मंडल एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ‘साहसिक’ बजट पेश किया है जो खपत आधारित बढ़ोतरी को मजबूत करेगा।

Last Updated- February 01, 2025 | 7:41 PM IST
Budget session of Parliament

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए बजट को उद्योग जगत ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और उसे ‘साहसिक’ बताया है।  उद्योग मंडल एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ‘साहसिक’ बजट पेश किया है जो खपत आधारित वृद्धि को बढ़ावा देगा।

नायर ने 2025-26 के केंद्रीय बजट पर कहा, “वित्त मंत्री ने खपत आधारित वृद्धि का नेतृत्व करने के लिए मध्यम वर्ग पर अपना भरोसा जताया है। साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई), स्टार्टअप और निर्यात की क्षमता को खोलने पर स्पष्ट ध्यान केंद्रित किया गया है।”

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश किया। नायर ने कहा कि यह विशेष रूप से जीवंत मध्यम वर्गीय परिवारों में उपभोग को बढ़ावा देने के लिए एक ‘साहसिक’ बजट है।

एसोचैम के पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि संशोधित ‘उड़ान’ योजना के तहत अगले दशक में 120 नए गंतव्यों को शामिल किया जाएगा तथा चार करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को इससे जोड़ा जाएगा। सिंह, जो एयरलाइन स्पाइसजेट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) भी हैं, ने कहा कि इस पहल से न केवल दूरदराज के क्षेत्रों में हवाई यात्रा अधिक सुलभ हो जाएगी, बल्कि आर्थिक वृद्धि और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्थाएं और अधिक सशक्त होंगी।

उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने शनिवार को केंद्रीय बजट में की गई घोषणाओं को ‘फुल टॉस गेंद पर छक्का’ करार दिया, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि को गति मिलेगी, बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और शासन व्यवस्था बेहतर होगी।

पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष हेमंत जैन ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि बजट 2025-26 में जिन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है उनमें कराधान, बिजली, शहरी विकास, खनन, वित्तीय क्षेत्र और नियामकीय सुधार शामिल हैं, जो वृद्धि के प्रमुख घटक हैं।

पीएचडीसीसीआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और महासचिव रंजीत मेहता ने कहा कि मेक इन इंडिया पहल के तहत एक नया विनिर्माण मिशन, व्यापक नीति समर्थन और विस्तृत रूपरेखा के माध्यम से छोटी और मझोली इकाइयों (एसएमई) और बड़े उद्योगों को समर्थन देगा, जिससे सौर पीवी सेल, इलेक्ट्रोलाइजर और ग्रिड-स्केल बैटरी के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होगा। शेयर बाजार एनएसई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक आशीष चौहान ने कहा कि इससे बाजारों में निवेश प्रवाह बढ़ाने में मदद मिलेगी।

देश के सबसे बड़े शेयर बाजार के प्रमुख ने कहा कि वेतनभोगी पेशेवरों के लिए 12.75 लाख रुपये तक की सालाना आय कर मुक्त करने के प्रस्ताव से भी खपत को बढ़ावा मिलेगा। बीमा क्षेत्र की कंपनी पॉलिसी बाजार की मूल कंपनी पीबी फिनटेक समूह के संयुक्त समूह सीईओ सरबवीर सिंह ने कहा कि बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देना एक बड़ा बदलाव है। इससे दुनियाभर के निवेशकों को भारत में निवेश करने का मौका मिलेगा और बीमा क्षेत्र का विस्तार होगा।

उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष संजीव पुरी ने केंद्रीय बजट को विकासोन्मुख, सुधार केंद्रित और राजकोषीय रूप से विवेकपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें अर्थव्यवस्था और समाज के सभी वर्गों की जरूरतों का ध्यान रखने, समावेशी वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक हस्तक्षेप किया गया है।

सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि यह बजट भारत को आगे ले जाने के लिए ‘बड़ी’ और ‘साहसिक’ पहल के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है। बजट देश को विकसित भारत की ओर ले जाने के लिए एक साहसिक खाका पेश करता है।

उद्योग संगठन फिक्की के अध्यक्ष हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा, “बजट के माध्यम से सरकार ने अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली तात्कालिक चुनौतियों, विशेष रूप से उपभोग के मोर्चे पर, का समाधान करने का एक मजबूत प्रयास किया है, जबकि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के दीर्घकालिक लक्ष्य पर नजर रखी है। वित्तीय सेवा परामर्श कंपनी डेलॉयट इंडिया में साझेदार रुमकी मजुमदार ने कहा कि मुद्रास्फीति एक सतत समस्या रही है और सरकार ने खाद्य मुद्रास्फीति का तत्काल समाधान करने की जरूरत को पहचाना है, जो कुल मुद्रास्फीति को बढ़ाने में प्रमुख रूप से जिम्मेदार रही है।

First Published - February 1, 2025 | 7:36 PM IST

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