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हिल स्टेशनों में प्रॉपर्टी की डिमांड बूम पर! देहरादून से मनाली तक कीमतों में जबरदस्त उछाल

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मैजिकब्रिक्स रिपोर्ट: ऊटी, ऋषिकेश और धर्मशाला में सर्च बढ़ी, वहीं देहरादून में दाम 30% से ज्यादा उछले; 30 लाख से 1 करोड़ तक की प्रॉपर्टी की सबसे ज्यादा मांग

Last Updated- November 13, 2025 | 9:44 AM IST
Hill station homes prices

Hill Station Homes Price: भारत के पहाड़ी इलाकों (हिल स्टेशन) के परिसंपत्ति बाजार में निवेशकों और खरीदारों की दिलचस्पी एक बार फिर बढ़ रही है। रियल्टी पोर्टल मैजिकब्रिक्स के एक शोध से इसका पता चला है। शोध के मुताबिक इस साल जुलाई से सितंबर के दौरान मकान की मांग एक साल पहले के मुकाबले बढ़कर 8.2 फीसदी हो गई है।

इस वृद्धि को बेहतर कनेक्टिविटी, जीवनशैली में बदलाव और कार्यस्थलों द्वारा कहीं से भी काम करने की छूट देने के चलन से बल मिला है। समीक्षाधीन अवधि में जहां ऊटी, ऋषिकेश और धर्मशाला जैसे स्थानों के लिए उपयोगकर्ता खोज में सबसे ज्यादा वृद्धि देखी गई, वहीं देहरादून, मनाली और मसूरी में परिसंपत्ति मालिकों द्वारा बताई गई औसत कीमतों में सर्वाधिक इजाफा दर्ज किया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रमुख पहाड़ी शहरों में प्रति वर्ग फुट बताई गई औसत कीमत में एक साल पहले के मुकाबले 10.3 फीसदी की वृद्धि हुई है। इनमें 30.9 फीसदी के साथ देहरादून शीर्ष पर रहा। उसके बाद 18.1 फीसदी के साथ मनाली और 11.1 फीसदी के साथ मसूरी का स्थान है। मैजिकब्रिक्स पोर्टल पर फिलहाल धर्मशाला में बताई गई कीमतें 5,800 रुपये प्रति वर्ग फुट है और लोनावाला में यह 12,700 रुपये प्रति वर्ग फुट तक है।

यह भी पढ़ें: भारत का रियल एस्टेट मार्केट 2047 तक होगा 20 गुना बड़ा, टियर-2 और 3 शहर बनेंगे नए ग्रोथ हब

कंपनी ने कहा, ‘परिसंपत्तियों की सूचीबद्धता में 1.2 फीसदी की गिरावट के बावजूद सर्च गतिविधियां मजबूत बनी रहीं। खासकर 30 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की परिसंपत्तियों की खूब खोज की गई। कुल उपयोगकर्ताओं में करीब 70 फीसदी ने ऐसी परिसंपत्तियों की खोज की।’ खोज रुझानों से यह भी पता चलता है कि उपयोगकर्ता अब मुख्य तौर पर स्वतंत्र मकानों और आवासीय भूखंड की तलाश कर रहे हैं, जबकि लोनावाला और ऊटी में विला पर भी लोगों का काफी ध्यान है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘10.3 फीसदी की मामूली मूल्य वृद्धि के साथ ये बाजार तुलनात्मक रूप से काफी किफायती बने हैं, जिससे ये दीर्घकालिक आवासीय मूल्य तलाश करने वाले निवेशकों और अंतिम उपयोगकर्ताओं दोनों के लिहाज से आकर्षक गंतव्य बने हैं।’ रिपोर्ट के अनुसार पहाड़ी इलाकों में किराये के आवास बाजार की भी वापसी हुई है। शिमला, मसूरी और ऋषिकेश में मांग में फिर भारी उछाल देखने को मिल रही है। इसमें कहा गया है, ‘शिमला, नैनीताल और धर्मशाला जैसे स्थानों ने सबसे अधिक किराये की पेशकश की, जो छुट्टियों के किराये और दूसरे मकानों में बढ़ते निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।’

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First Published - November 13, 2025 | 9:35 AM IST

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