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भारत के लिए ट्रंप नहीं, बाइडन थे बेहतर!

सर्वेक्षण : भारतीय-अमेरिकी नागरिकों ने ट्रंप के शासन काल में द्विपक्षीय संबंधों के प्रति जताई चिंता

Last Updated- March 10, 2025 | 10:30 PM IST
America: Biden is 10 points behind Trump in the survey before the presidential elections, know who else is in the race

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बहुत से भारतीय-अमेरिकी चिंतित हैं। यह बात हाल ही में विदेश नीति पर भारतीय-अमेरिकी नागरिकों के नजरिये पर आधारित सर्वेक्षण में सामने आई है। इस सर्वेक्षण का विश्लेषण रविवार को जारी किया गया। इसमें पाया गया कि अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के लोग ट्रंप के पहले कार्यकाल के मुकाबले उनके बाद चार साल सत्ता में रहे बाइडन प्रशासन को बेहतर मानते हैं। उनका मानना है कि इस बार भी ट्रंप की जगह अगर कमला हैरिस होतीं तो दोनों देशों के संबंधों को कहीं अधिक बेहतर तरीके से आगे बढ़ातीं।

‘विदेश नीति पर भारतीय-अमेरिकी नागरिकों का नजरिया: 2024’ शीर्षक से यह सर्वेक्षण शिक्षाविद सुमित्रा बदरीनाथन, देवेश कपूर, एनाबेल रिचर और मिलन वैष्णव द्वारा कराया गया। सामाजिक, राजनीतिक और विदेश नीति पर भारतीय-अमेरिकी नागरिकों का नजरिया जानने के लिए यह सर्वेक्षण तीन हिस्सों में किया गया, जिसका यह दूसरा भाग जारी किया गया है। बीते साल अक्टूबर में कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस द्वारा रिसर्च और एनालिस्ट फर्म यूजीओवी के सहयोग से किए गए इस ऑनलाइन सर्वेक्षण में 1,206 लोगों की राय ली गई। इनमें 83 फीसदी ऐसे भारतीय मूल के लोग थे जो अमेरिकी नागरिक हैं, जिनमें 49 प्रतिशत महिलाओं ने भी इस बारे में अपना मत रखा।
उत्तरदाताओं की औसत उम्र 40 वर्ष थी और उनकी वार्षिक औसत आय 80,000 डॉलर से 99,000 डॉलर के बीच थी। वर्ष 2020 के मुकाबले इस बार भारतीय-अमेरिकी नागरिक भारत की प्रगति के प्रति कहीं अधिक आशावान हैं। सर्वेक्षण में शामिल 47 फीसदी लोगों का मानना है कि भारत इस समय सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो चार साल पहले की तुलना में 10 फीसदी वृद्धि दर्शाता है। इतने ही लोगों ने भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम के प्रति संतुष्टि व्यक्त की। दस में से चार उत्तरदाताओं ने कहा कि 2024 के लोक सभा चुनावों से देश और अधिक लोकतांत्रिक बन कर उभरा है।

सर्वेक्षण के विश्लेषण के अनुसार उत्तरदाताओं की राय से यह बात स्पष्ट होती है कि बाइडन प्रशासन का नजरिया कहीं अधिक भारत के पक्ष में था। इनमें कुल मिलाकर 48 फीसदी लोगों ने माना कि तत्कालीन प्रशासन ने भारत-अमेरिका संबंधों को बेहतर ढंग से आकार दिया। इसके उलट कुल 23 फीसदी लोगों ने उनके तरीके को खराब या बहुत खराब बताया। लोगों ने ट्रंप के 2020 के रिकॉर्ड के मुकाबले बाइडन प्रशासन के नजरिए को कहीं अधिक सकारात्मक बताया।

वर्ष 2020 में इसी सर्वेक्षण में 33 फीसदी लोगों ने भारत के साथ संबंधों को संभालने के मामले में ट्रंप के तरीके को अच्छा बताया था। पहले कार्यकाल में ट्रंप 2017 से 2021 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे। अब 2025 में उन्होंने पुन: 47वें राष्ट्रपति के तौर पर सत्ता की कमान संभाली है। सर्वेक्षण के अनुसार 38 फीसदी लोगों ने कहा कि भारत के लिए अमेरिकी सहयोग सही दिशा में है जबकि 28 फीसदी ने बताया कि अमेरिका का नजरिया भारत के प्रति सहयोगात्मक नहीं है। उत्तरदाताओं में 17 फीसदी ने कहा कि नया प्रशासन भारत के साथ अधिक सहयोगात्मक है, जबकि 16 फीसदी लोगों ने इस बारे में अपनी राय देने से इनकार कर दिया।

विश्लेषण से पता चला कि अमेरिका में पैदा हुए उत्तरदाताओं में से 27 फीसदी ने कहा कि अमेरिका जरूरत से अधिक सहयोग कर रहा है जबकि अमेरिका से बाहर पैदा होने वाले लोगों में से सिर्फ 11 फीसदी ने ऐसी ही राय व्यक्त की। सर्वेक्षण में पिछले दशक में अमेरिका-भारत संबंधों पर इस महत्त्वपूर्ण बहस का भी विश्लेषण किया गया कि अमेरिका को भारत के साथ संबंधों में अपने व्यापक रणनीतिक हित आगे रखने चाहिए या लोकतांत्रिक मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

First Published - March 10, 2025 | 10:14 PM IST

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