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डॉनल्ड ट्रंप बोले – पता नहीं नोबेल शांति पुरस्कार मिलेगा या नहीं, लेकिन मैंने तो सात युद्ध खत्म कराए

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व्हाइट हाउस प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा – रूस से लेकर भारत-पाकिस्तान तक कई वैश्विक संघर्षों को सुलझाया, फिर भी नोबेल कमेटी शायद न दे पुरस्कार

Last Updated- October 09, 2025 | 12:41 PM IST
Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं पता कि इस साल उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) मिलेगा या नहीं, लेकिन उन्होंने फिर से दावा किया कि उनकी सरकार ने दुनिया के कई बड़े संघर्ष खत्म करवाए हैं।

ट्रंप ने यह बयान व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया। उनसे जब पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि वे इस साल नोबेल पुरस्कार जीतेंगे, तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता… हमने सात युद्ध खत्म किए हैं और आठवें को खत्म करने के करीब हैं। रूस से जुड़ा मामला भी जल्द सुलझा लेंगे। इतिहास में किसी ने इतने संघर्ष खत्म नहीं किए होंगे, लेकिन शायद वे मुझे यह पुरस्कार न दें।”

क्या भारत-पाकिस्तान विवाद भी ट्रंप ने सुलझाया?

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान से लेकर आर्मेनिया-अजरबैजान तक कई संघर्ष खत्म करवाए। उन्होंने दावा किया कि मई में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन चली सैन्य झड़प के बाद अमेरिका की दखल से शांति बनी।

हालांकि भारत सरकार ने इस दावे से इनकार किया, और कहा कि दोनों देशों ने सीधे बातचीत से स्थिति को सामान्य किया। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने ट्रंप की मध्यस्थता के लिए धन्यवाद दिया था।

यह भी पढ़ें | भारत के साथ युद्ध होने की आशंका से इनकार नहीं! पाकिस्तान तैयार, ख्वाजा आसिफ ने दिया बड़ा बयान

इजराइल-हमास समझौते के बीच क्यों उठा फिर नोबेल का मुद्दा?

हाल ही में इजराइल और हमास के बीच गाजा शांति योजना के पहले चरण पर सहमति बनी है, जिसे व्हाइट हाउस में ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मिलकर घोषित किया था। इसी के बाद ट्रंप ने फिर से कहा कि अगर उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला तो यह “अमेरिका के लिए अपमान” होगा।

ट्रंप ने कहा, “वे किसी ऐसे व्यक्ति को दे देंगे जिसने कुछ नहीं किया, या जिसने सिर्फ मेरे बारे में किताब लिखी हो कि मैंने कैसे युद्ध खत्म किएय़।”

क्या ट्रंप को वाकई नोबेल मिलने की संभावना है?

एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप को इस बार भी नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की संभावना कम है। नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी आम तौर पर ऐसे नेताओं या संस्थाओं को पुरस्कृत करती है जो लंबे समय तक टिकने वाली शांति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाते हैं। न कि सिर्फ अल्पकालिक राजनीतिक समझौतों को।

इतिहासकार थियो जेनू के मुताबिक, “ट्रंप की पहलें अभी तक स्थायी असर नहीं दिखा पाई हैं, इसलिए उनके दावे को समिति गंभीरता से नहीं लेगी।”

ट्रंप के मुताबिक उन्होंने कौन-कौन से संघर्ष सुलझाए?

भारत–पाकिस्तान

इजराइल–ईरान

कंबोडिया–थाईलैंड

कोसोवो–सर्बिया

कांगो–रवांडा

मिस्र–इथियोपिया

आर्मेनिया–अजरबैजान

नोबेल शांति पुरस्कार हर साल नॉर्वे की नोबेल समिति द्वारा दिया जाता है, जो दुनिया भर में शांति और सहयोग के लिए काम करने वाले व्यक्तियों या संगठनों को सम्मानित करती है।

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First Published - October 9, 2025 | 12:41 PM IST

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