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दुनिया भर में सुर्खी बनी ‘सॉफ्ट लैंडिंग’

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वाशिंगटन पोस्ट ने इस ऐतिहासिक अवसर का जश्न मनाने के लिए विभिन्न दृष्टिकोणों को शामिल करते हुए कुछ कहानियां और एक राय लिखी।

Last Updated- August 24, 2023 | 11:31 PM IST
A successful soft landing that eclipsed the world’s naysayers

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ‘चंद्रयान-3’ की सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ को प्रमुख विदेशी मीडिया प्रतिष्ठानों ने एक अद्भुत उपलब्धि और भारतीय अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए एक बड़ा क्षण बताया है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ से लेकर ‘बीबीसी’ और ‘द गार्डियन‘ से लेकर ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ तक, बुधवार को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की ऐतिहासिक घटना ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं।

मुख्यधारा के अमेरिकी समाचारपत्रों ने महान भारतीय उपलब्धि का उल्लेख किया। पूर्व में इन अखबारों में से कई ने भारत के अंतरिक्ष मिशन पर संदेह जताया था और कभी-कभी कार्टून के माध्यम से इसका मजाक भी उड़ाया था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘चंद्रयान-3 मिशन ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर पहुंचने वाला पहला देश बना दिया है और इसने देश के घरेलू अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों में इजाफा किया है।’

वाशिंगटन पोस्ट ने इस ऐतिहासिक अवसर का जश्न मनाने के लिए विभिन्न दृष्टिकोणों को शामिल करते हुए कुछ कहानियां और एक राय लिखी। अखबार के डिप्टी ओपिनियन एडिटर डेविड वॉन ड्रेहले ने लिखा, ‘यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक शानदार उपलब्धि-और भू-राजनीतिक क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण क्षण का प्रतीक है। यह सफल लैंडिंग उसी क्षेत्र में रूस का एक यान चांद की सतह से टकराकर दुर्घटना का शिकार होने के कुछ दिन बाद हुई है।’

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा, ‘भारत चंद्रमा पर’: चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा।’ बीबीसी ने अपने लेख का शीर्षक दिया, ‘चंद्रयान-3: भारत ने की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास ऐतिहासिक लैंडिंग’। बीबीसी की विज्ञान संपादक रेबेका मोरेल ने लिखा, ‘यह भारत के लिए एक बड़ा क्षण है – और यह उसे अंतरिक्ष महाशक्ति की सूची में ऊपर उठाता है।’ उन्होंने कहा, ‘चंद्रमा पर उतरना बहुत आसान नहीं है – जैसा कि इस सप्ताह रूस के प्रयास से भी पता चला- और कई मिशन विफल हो चुके हैं, जिनमें भारत का पहला प्रयास भी शामिल है।’

सीएनएन ने अपने लेख ‘चंद्रमा पर ‘सॉफ्ट लैंडिग’ में भारत दुनिया का चौथा देश बना’ में कहा, ‘यह मिशन अंतरिक्ष में वैश्विक महाशक्ति के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत कर सकता है। इससे पहले, केवल अमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ ही चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कर पाए हैं।’ इसने कहा कि चंद्रयान-3 का लैंडिंग स्थल चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के करीब है जहां कोई अन्य अंतरिक्ष यान नहीं पहुंचा है।

लेख में कहा गया कि दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र को अंतरिक्ष यात्रा करने वाले देशों के लिए वैज्ञानिक और रणनीतिक रुचि का प्रमुख क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि इस क्षेत्र में बर्फ के रूप में पानी का भंडार है। सीएनएन ने कहा, ‘अमेरिका और फ्रांस जैसे सहयोगियों के साथ काम करते हुए, भारत उभरती हुई अंतरिक्ष शक्तियों की दूसरी लहर का हिस्सा है।

देश का अंतरिक्ष कार्यक्रम खोजपूर्ण अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विकास में दुनिया के सबसे व्यस्त कार्यक्रमों में से एक बन गया है।’ इसने कहा कि रूस के ‘लूना 25’ के विफल होने के बाद से भारत का मिशन और भी अधिक महत्त्वपूर्ण हो गया है। लेख में कहा गया कि चंद्रयान-3 की सफलता के साथ, भारत 21वीं सदी में चीन के बाद चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान उतारने वाला दूसरा देश बन गया है।

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First Published - August 24, 2023 | 11:03 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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