ऋषि सुनक ने ब्रिटेन के भारतीय मूल के पहले प्रधानमंत्री के रूप में बुधवार को एक साल पूरा कर लिया। उन्होंने अपनी पूर्ववर्ती लिज ट्रस के संक्षिप्त कार्यकाल के बीच अनेक घरेलू और वैश्विक चुनौतियों तथा उथल-पुथल की स्थिति के दौरान प्रधानमंत्री पद संभाला था। सुनक का कार्यालय आज के दिन को एक सामान्य दिन की तरह पेश करना चाहता था और इसके लिए किसी विशेष समारोह की योजना नहीं थी।
सुनक ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में इसी तरह की भावना झलकाई। उन्होंने कहा, ‘मेरे प्रधानमंत्री बनने के बाद से हमने एक साल में बहुत कुछ हासिल किया है। लेकिन अभी बहुत कुछ करना है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि यह साल मुश्किल रहा है। और देशभर में मेहनत कर रहे परिवारों की मदद के लिए अब भी काम करना है, लेकिन मुझे अपने उठाये कदमों पर गर्व है।’
We’ve achieved a lot in the year since I became PM.
But be in no doubt, there’s so much more to do ? pic.twitter.com/0i60S4RVst
— Rishi Sunak (@RishiSunak) October 25, 2023
सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के अध्यक्ष ग्रेग हैंड्स ने सुनक के एक साल के कार्यकाल को लेकर उनकी प्रशंसा की। हैंड्स ने कहा, ‘जब सुनक एक साल पहले आज के दिन प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने बिजली के आधे बिलों का भुगतान करके परिवारों की मदद के लिए तत्काल कदम उठाया। तब से हमने मुद्रास्फीति को आधा करने, अर्थव्यवस्था को बढ़ाने, कर्ज घटाने में अच्छी प्रगति की है।’
सुनक के सामने इजराइल-हमास संघर्ष और रूस-यूक्रेन संघर्ष की बाहरी चुनौतियों के अलावा भारी घरेलू चुनौतियां भी हैं। कंजर्वेटिव नेताओं के खिलाफ सत्ता विरोधी माहौल है। विभिन्न ओपिनियन पोल में वे लेबर पार्टी से 15-20 अंकों से पीछे माने जा रहे हैं। सितंबर 2022 में, सुनक प्रधानमंत्री पद के लिए कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के रूप में लिज ट्रस से पिछड़ गये थे।
ट्रस ने कदाचार के आरोपों का सामना कर रहे बोरिस जॉनसन के स्थान पर प्रधानमंत्री का पद संभाला था। फिर, ट्रस ने एक मिनी बजट की घोषणा की जिसमें अरबों डॉलर की बिना लागत वाली कर कटौती शामिल थी। इससे वित्तीय बाजारों में हलचल मच गई और ट्रस को जल्द ही पद छोड़ना पड़ा। सुनक की पार्टी ने उन्हें ट्रस की जगह लेने के लिए चुना और उन्हें अक्टूबर 2022 में दिवाली के दिन उस साल ब्रिटेन का तीसरा प्रधानमंत्री और भारतीय मूल का अब तक का पहला प्रधानमंत्री नामित किया।