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Moody’s ने अमेरिका को ‘AAA’ क्रेडिट रेटिंग से किया बाहर: इसका क्या होगा असर, आसान भाषा में समझें

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मूडीज का यह फैसला फिच रेटिंग्स (2023) और S&P (2011) के बाद आया है, जिन्होंने पहले ही अमेरिका की रेटिंग घटाई थी।

Last Updated- May 17, 2025 | 12:02 PM IST
Moody's
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: ShutterStock

मूडीज रेटिंग्स ने शुक्रवार को अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग को AAA से घटाकर AA1 कर दिया। यह पहली बार है जब मूडीज ने 1917 के बाद अमेरिका को परफेक्ट क्रेडिट स्कोर से वंचित किया है। इस कदम से निवेशकों को चेतावनी मिली है कि अमेरिका का कर्ज अब पहले जितना सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इससे अमेरिकियों के लिए उधार लेना महंगा हो सकता है, क्योंकि ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। पहले ही महंगाई और टैरिफ की मार झेल रहे लोगों पर इसका असर पड़ सकता है।

मूडीज का यह फैसला फिच रेटिंग्स (2023) और S&P (2011) के बाद आया है, जिन्होंने पहले ही अमेरिका की रेटिंग घटाई थी। अब तीनों प्रमुख रेटिंग एजेंसियां अमेरिका को AAA से नीचे आंक रही हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?

मूडीज ने अपने बयान में कहा कि पिछले एक दशक में अमेरिका का सरकारी कर्ज और ब्याज भुगतान का अनुपात इतना बढ़ गया है कि यह अन्य समान रेटिंग वाले देशों से कहीं ज्यादा है। एजेंसी का अनुमान है कि भविष्य में अमेरिका की उधारी की जरूरत और बढ़ेगी, जो अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक दबाव डालेगी। 

हालांकि, मूडीज ने रेटिंग को “स्थिर” आउटलुक दिया है, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां अब भी मजबूत और स्वतंत्र मानी जाती हैं। लेकिन राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर सवाल उठाने और इसके प्रमुख जेरोम पॉवेल को हटाने की धमकी से यह स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।

Also Read: अमेरिका से भारत पैसा भेजना अब होगा महंगा? ट्रंप के नए बिल से मचा हड़कंप, एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता

एजेंसी के इस फैसलने ने अमेरिका में एक राजनीतिक बहस छेड़ दी है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने इसके लिए बाइडन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन और रिपब्लिकन बाइडन के ‘गलत नीतियों’ को सुधारने के लिए काम कर रहे हैं। वे ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ लाकर सरकारी खर्चों में कटौती और बर्बादी रोकना चाहते हैं।

क्या होगा असर?

एजेंसी का यह फैसला आम अमेरिकियों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। अगर निवेशक अमेरिकी कर्ज को जोखिम भरा मानेंगे, तो ट्रेजरी यील्ड बढ़ सकती है। इससे बंधक, कार लोन और क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरें बढ़ेंगी।

ट्रंप प्रशासन कटौती पर जोर दे रहा है। एलन मस्क के नेतृत्व में डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) ने हजारों सरकारी कर्मचारियों की छंटनी की है और USAID जैसे संगठनों में कटौती की है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का प्रस्तावित बिल, जिसमें 2017 के टैक्स कट को स्थायी करना और मेडिकेड जैसे कार्यक्रमों में कटौती शामिल है, अगले दस सालों में कर्ज को 3.3 ट्रिलियन डॉलर बढ़ा सकता है।

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First Published - May 17, 2025 | 11:57 AM IST

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