facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Update: हैवीवेट शेयरों में बिकवाली से बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 340 अंक गिरा; निफ्टी 26,200 के पासStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

चीनी बाजार में लाभ के लिए जाना चाहते हैं निवेशक, दीर्घावधि में भारत पसंदीदा गंतव्य : रिपोर्ट

एक नोट में मैक्वेरी ने कहा कि निवेशक दुविधा में हैं, क्योंकि भारत और चीन के बीच चुनाव करना ‘कठिन’ होता जा रहा है।

Last Updated- October 18, 2024 | 6:39 AM IST
india_China
Representative image

हाल ही में चीन के बाजारों में उछाल के बाद एक ऑस्ट्रेलियाई ब्रोकरेज ने गुरुवार को कहा कि निवेशक कुछ लाभ कमाने के लिए वहां के बाजार में जा सकते हैं, लेकिन भारत दीर्घकालिक निवेश के नजरिये से पसंदीदा बना हुआ है।

एक नोट में मैक्वेरी ने कहा कि निवेशक दुविधा में हैं, क्योंकि भारत और चीन के बीच चुनाव करना ‘कठिन’ होता जा रहा है। उन्होंने दोनों बाजारों के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं का विश्लेषण किया। इसमें कहा गया है कि चीन द्वारा की गई प्रोत्साहन पहल निवेशकों को आकर्षित कर सकती है।

इसके साथ ही, संभावना है कि इस तरह की और घोषणाएं चीनी शेयरो को बढ़ावा दे सकती हैं, लेकिन दीर्घकालिक रूप से भारत का दबदबा बना रहेगा।

ऑस्ट्रेलियाई ब्रोकरेज कंपनी ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार इस समय तीन ‘नकारात्मक’ स्थितियों से जूझ रहे हैं, जिनमें कमजोर आर्थिक वृद्धि और उच्च मूल्यांकन शामिल हैं। मैक्वेरी के एक नोट में कहा गया है कि भारतीय बाजारों में पिछले कुछ महीनों में घरेलू प्रवाह के कारण अच्छी वृद्धि देखी गई है, लेकिन वे प्रति शेयर उच्च आय की उम्मीदों के भी विपरीत हैं।

First Published - October 18, 2024 | 6:39 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट