facebookmetapixel
Advertisement
₹52,000 करोड़ की डिफेंस खरीद से इन 6 शेयरों की लग सकती है लॉटरी! ब्रोकरेज ने बताए टारगेटGold-Silver Price Today: भारत में लुढ़के सोने-चांदी के दाम, लेकिन विदेशी बाजार में कीमतों ने लगाई लंबी छलांगMidcap Funds: इन्फ्रा, सेमीकंडक्टर बूस्ट बने नए ग्रोथ इंजन, निवेश के लिए आगे क्या हो स्ट्रैटेजी?Health Insurance Claim करते समय न करें ये गलती, वरना जेब से भरना पड़ सकता है लाखों का बिलCrude Oil Price: कच्चा तेल फिर फिसला, OPEC+ के फैसले के बाद कीमतों पर बढ़ा दबावQ1 Results: Tata Technologies ने तय कर दी तारीख, अब बाजार को है ऐलान का इंतजारIT से रहें सावधान, बैंकिंग-हेल्थकेयर पर दांव! Tata AMC के CIO ने बताया कहां मिलेगा बेहतर रिटर्नशेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की दमदार वापसी! 6 महीने में लगाया ₹57,203 करोड़, जानें कहां दिख रहा भरोसामॉनसून ने बदली चाल! अब किसानों के लिए आई बड़ी राहत, तेजी से बढ़ सकती है खरीफ की बोआईसरकार के नए नियम से बैटरी कंपनियां परेशान! खुद रिसाइक्लिंग करने पर भी खरीदना पड़ रहा सर्टिफिकेट

कनाडा की आबादी में बढ़ रहे भारतीय

Advertisement

लगातार बढ़ रही तादाद के कारण कनाडा में भारतीयों की आवाज बुलंद होती जा रही है।

Last Updated- September 19, 2023 | 10:36 PM IST
canada toronto

साल 2011 के बाद से कनाडा की आबादी में करीब 5 लाख भारतीय जुड़े हैं। कनाडा में पिछली बार साल 2011 में जनगणना हुई थी। उस वक्त कनाडा में भारतीय मूल के 18 लाख लोग थे।

कनाडा सरकार के अनुसार उस वक्त देश की आबादी 3.63 करोड़ थी। यह करीब-करीब केरल की कुल जनसंख्या के बराबर है। हालांकि, कनाडा क्षेत्रफल के लिहाज से भारत से तीन गुना बड़ा है।

लगातार बढ़ रही तादाद के कारण कनाडा में भारतीयों की आवाज बुलंद होती जा रही है। देश की कुल आबादी में उनकी भागीदारी 5 फीसदी हो गई है, जो साल 2011 में करीब 4 फीसदी थी। इसका मतलब यह है कि कनाडा में भारतीयों की आबादी देश की बढ़ रही आबादी तुलना में तेजी से बढ़ रही है, जिसका कारण कुछ हद तक आव्रजन है।

इसकी वजह से भारत में कनाडा से बड़ी मात्रा में धन आता है। भारतीय रिजर्व बैंक के रेमिटेंस सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक 2020-21 के दौरान भारतीयों को मिले कुल धनप्रेषण में यह राशि 1 प्रतिशत से कम है। इसकी बड़ी वजह यह है कि बड़ी मात्रा में धन पश्चिम एशिया और अमेरिका से आता है। कनाडा से करीब 4 अरब डॉलर से ज्यादा भारत आता है। यह जर्मनी, इटली और फिलीपींस जैसे देशों से आगे है।

Advertisement
First Published - September 19, 2023 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement