facebookmetapixel
Advertisement
गर्मी, अल-नीनो और ईरान युद्ध ने बिगाड़ा महाराष्ट्र के ‘अल्फांसो’ का ​कारोबार₹54 के Suzlon शेयर पर ₹71 का टारगेट, मजबूत ऑर्डर बुक से बढ़ी उम्मीदेंखराब CIBIL स्कोर के बावजूद मिल सकता है पर्सनल लोन? एक्सपर्ट से समझें पूरा प्रोसेसConsumer Durable: गर्मी और EMI ने बढ़ाई कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों की चमक, कई शेयरों में बड़ा अपसाइडGold-Silver Price Today: US-ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, जानें आज के ताजा रेटBanking Sector: मार्जिन पर दबाव बढ़ने के बीच बैंकिंग सेक्टर में अब कहां लगाएं पैसा? एंटीक ने बताए गए टॉप बैंकStock Market Update: सेंसेक्स फिसला, निफ्टी 24,000 के करीब अटका; Amara Raja में 12% उछाल से निवेशक खुशAI की आंधी में भारत पीछे! ताइवान बना दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर बाजार, TSMC ने कर दिया कमालभारत के 500 अरब डॉलर इलेक्ट्रॉनिक्स सपने पर चीन के फैसलों का असर?CNG फिर महंगी हुई, ₹2 प्रति किलो बढ़ गए दाम; 15 दिनों में चौथी बार हुआ इजाफा

IMF ने भारत की FY24 GDP वृद्धि का अनुमान 20 आधार अंक बढ़ाकर 6.1% किया

Advertisement

IMF को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लगभग 5.6% तक बढ़ा देगा और फिर 2024 में उन्हें कम कर देगा।

Last Updated- July 25, 2023 | 9:59 PM IST
IMF

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2024 के लिए भारत के वृद्धि अनुमान को 20 आधार अंक बढ़ाकर 6.1 फीसदी कर दिया। आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2023 की मार्च तिमाही में उम्मीद से बेहतर वृद्धि रफ्तार का हवाला देते हुए यह पहल की है।

IMF  ने अप्रैल में जारी अपने विश्व आर्थिक परिदृश्य के ताजा अपडेट में कहा कहा है, ‘वित्त वर्ष 2024 में भारत की वृद्धि दर 6.1 फीसदी रहने का अनुमान है जो अप्रैल के अनुमान के मुकाबले 0.2 फीसदी अधिक है। यह वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में दमदार घरेलू निवेश के कारण उम्मीद से बेहतर वृद्धि रफ्तार को दर्शाती है।’

वित्त वर्ष 2023 की मार्च तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि 6.1 फीसदी पर विश्लेषकों की उम्मीद से बेहतर थी। उस दौरान विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र में विस्तार ने सबको अचंभित कर दिया। अनुमान जाहिर करने वाले अधिकतर पेशेवरों ने उम्मीद जताई है कि वित्त वर्ष 2024 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6 से 6.5 की वृद्धि दर्ज करेगी।

Also read: अनाज की कमी से भारत में बढ़ सकती है महंगाई: HSBC

आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) ने पिछले महीने वित्त वर्ष 2024 के लिए अपने वृद्धि अनुमान को संशोधित करते हुए 6 फीसदी कर दिया था। भारतीय रिजर्व बैंक को उम्मीद है कि वित्त वर्ष के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.5 फीसदी होगी।

IMF  ने भी 2023 के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी अपने वृद्धि परिदृश्य को 20 आधार अंक बढ़ाकर 3 फीसदी कर दिया है। साथ ही अमेरिका के लिए 20 अंकों और ब्रिटेन के लिए 70 आधार अंकों का संशोधन किया गया है। ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में अब संकुचन की आशंका नहीं है, मगर जर्मनी एकमात्र ऐसी प्रमुख अर्थव्यवस्था है जो 0.3 फीसदी अनुमानित संकुचन के साथ मंदी से जूझ रही है।

IMF ने आगाह किया कि मुद्रास्फीति ऊंची बनी रह सकती है। उसने कहा है कि यदि यूक्रेन युद्ध में तेजी, खराब मौसम आदि के झटके आगे भी जारी रहेंगे तो इसमें वृद्धि भी हो सकती है। IMF का मानना है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में अप्रैल 2023 के अनुमान से अधिक वृद्धि करेगा और 2024 में वह करीब 5.6 फीसदी की ऊंचाई तक पहुंच सकती है।

Also read: एथनॉल के लिए नहीं मिल रहा चावल

चीन के बारे में IMF ने कहा है कि चीन की अर्थव्यवस्था सुधार सुधार के बाद अपनी रफ्तार खो रही है। मगर IMF ने उसके लिए अपने वृद्धि अनुमान को 5.2 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा है। IMF ने कहा है कि विश्व व्यापार की वृद्धि 2022 में 5.2 फीसदी थी जो घटकर 2023 में 2 फीसदी रहने और 2024 में बढ़कर 3.7 फीसदी होने की उम्मीद है।

यह 2000 से 2029 के बीच औसत 4.9 फीसदी से काफी कम है। IMF ने कहा है कि 2023 में गिरावट से न केवल वैश्विक मांग के रुख का पता चलता है बल्कि अमेरिकी डॉलर में मजबूती के प्रभाव, बढ़ती व्यापार बाधाएं आदि की झलक मिलती है।

Advertisement
First Published - July 25, 2023 | 7:41 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement