facebookmetapixel
Advertisement
ग्रीन एनर्जी से रोजगार की रोशनी, 2030 तक 44 लाख नौकरियों की उम्मीदबड़ी कंपनियों की कमाई में दम नहीं, निफ्टी 50 का मुनाफे में हिस्सा 5 साल के सबसे निचले स्तर परक्या Small Cap Funds पर फिर दांव लगाने का समय आ गया? वैल्यूएशन, कमाई और फंडामेंटल्स दे रहे संकेतपश्चिम एशिया युद्ध का असर भारत तक, ऑटो कंपनियों के मुनाफे पर बढ़ा दबाव: Crisilसोना बेचने के दावे को RBI ने नकारा, कहा- 880.52 टन पर कायम है भंडारब्याज दरों में फिलहाल बदलाव न हो तो अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा: SBI चेयरमैनDelhi Fire Tragedy: दिल्ली के मालवीय नगर में होटल में भीषण आग, 21 लोगों की मौत; कई विदेशी नागरिक भी शामिलGoogle की कमाई पर असर डाल सकता है यह फैसला, जानिए Hindware केस की पूरी कहानीmAadhaar ऐप हुआ बंद! क्या अब नए Aadhaar App पर बनाना होगा नया अकाउंट? जान लें जरूरी बातेंServices PMI: मई में सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ 6 महीने के हाई पर, मजबूत मांग और नए ऑर्डर का दिखा दम

ग्रेफाइट की लगातार बढ़ रही मांग, श्रीलंका में खदानों के लिए भारत कर रहा बातचीत

Advertisement

सरकार ने श्रीलंका में ग्रेफाइट खदानें हासिल करने के संबंध में वहां की सरकार के साथ चर्चा की। श्रीलंका में पाया जाने वाला ग्रेफाइट बहुत अच्छी गुणवत्ता का होता है।

Last Updated- May 22, 2024 | 11:09 PM IST
Demand for graphite is continuously increasing, India is in talks for mines in Sri Lanka ग्रेफाइट की लगातार बढ़ रही मांग, श्रीलंका में खदानों के लिए भारत कर रहा बातचीत

भारत, श्रीलंका में ग्रेफाइट की खदानें हासिल करने के लिए उसके साथ बातचीत कर रहा है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। ग्रेफाइट लिथियम-ऑयन और अन्य बैटरियों में एनोड के लिए इस्तेमाल होने वाली सबसे आम सामग्री है। इस वजह से ग्रेफाइट की मांग लगातार बढ़ रही है।

सूत्रों ने कहा कि सरकार ने श्रीलंका में ग्रेफाइट खदानें हासिल करने के संबंध में वहां की सरकार के साथ चर्चा की। श्रीलंका में पाया जाने वाला ग्रेफाइट बहुत अच्छी गुणवत्ता का होता है।

हालांकि, सूत्रों ने यह कहते हुए अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया कि बातचीत अभी शुरुआती चरण में है। ग्रेफाइट को सरकार ने पिछले साल 30 महत्वपूर्ण खनिजों की सूची में शामिल किया था।

सरकार ने हाल ही में कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया, एनएमडीसी और ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) विदेशों में महत्वपूर्ण खनिज संपत्तियों की सक्रिय रूप से तलाश करेंगी। इन सार्वजनिक उद्यमों की विदेशों में पहले से ही किसी न किसी प्रकार की मौजूदगी है।

विदेशों में खनिज संपत्तियों की खोज के लिए ‘खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड‘ (काबिल) का भी गठन किया गया जो सार्वजनिक क्षेत्र के तीन उद्यमों का एक संयुक्त उद्यम है। तांबा, लिथियम, निकल और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिज तेजी से बढ़ती स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के महत्वपूर्ण घटक हैं। पवन चक्की और बिजली नेटवर्क से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों तक में इनका इस्तेमाल होता है।

Advertisement
First Published - May 22, 2024 | 11:09 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement