facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

Crude Oil Import: वेनेजुएला से कच्चा तेल लेगा भारत, पेट्रोलियम मंत्रालय ने OMC को दी मंजूरी

रूसी कच्चे तेल की बड़ी खेप हासिल करने के एक साल से अधिक समय के बाद भारत तेजी से पश्चिम एशिया में आपूर्ति फिर से स्थापित करने पर विचार कर रहा है।

Last Updated- December 15, 2023 | 11:06 PM IST
Earnings of oil marketing companies will increase in the fourth quarter!

पेट्रोलियम मंत्रालय ने वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने के लिए तेल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) को अपनी अनौपचारिक मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी और बताया कि वेनेजुएला से अक्टूबर में अमेरिकी प्रतिबंध हट गया है। उन्होंने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों में बीपीसीएल खरीदारी का ऑर्डर देने वाली पहली कंपनी है। इससे पहले आईओसीएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी वेनेजुएला से तेल खरीदा था।

अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय तब लिया गया है जब कई भारतीय रिफाइनरियां दक्षिण अमेरिकी देश से अल्ट्रा हेवी मेरे-16 ग्रेड के कच्चे तेल को संभालने में सक्षम हो गई हैं।

शुक्रवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम हमेशा वेनेजुएला से खरीदते हैं। हमने हमेशा वेनेजुएला से सामान की खरीद की है। जब वेनेजुएला पर प्रतिबंध लगा तो वह आपूर्ति करने में सक्षम नहीं था।’ उन्होंने कहा कि ओडिशा की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की पारादीप रिफाइनरी समेत कई रिफाइनरियां वेनेजुएला के भारी तेल का प्रसंस्करण करने में सक्षम हैं।

बीते 18 अक्टूबर को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने अधिकतर तेल और गैस क्षेत्र पर लागू वेनेजुएला से संबंधित प्रतिबंध हटा दिया, जिसे डॉनल्ड ट्रंप की सरकार ने लगाया था। इनमें तेल और गैस की बिक्री के साथ-साथ करों, रॉयल्टी, लागत, शुल्क, लाभांश और मुनाफे का भुगतान शामिल था।

वैश्विक महामारी कोविड-19 से पहले भारत नियमिति रूप से इस दक्षिण अमेरिकी देश से कच्चे तेल का आयात करता था, जो देश के कुल तेल आयात का 6 से 7 फीसदी था। साल 2018-19 में आयात अपने चरम पर पहुंच गया था जब देश से 7.24 अरब डॉलर का कच्चा तेल आया, जो भारत के लिए कच्चे तेल का 5वां सबसे बड़ा स्रोत था। साल 2020-21 में यह घटकर 64.3 करोड़ डॉलर हो गया, जिसके बाद अब तक कोई आयात नहीं हुआ है।

ओएनजीसी का फिलहाल वेनेजुएला की संपत्तियों में 50 करोड़ डॉलर मूल्य का लाभांश भुगतान फंसा है। कंपनी की विदेशी निवेश शाखा ओएनजीसी विदेश की पूर्वी वेनेजुएला में सैन क्रिस्टोबल क्षेत्र में 40 फीसदी हिस्सेदारी है।

फिलहाल केंद्र सरकार देश के तेल के स्रोतों में विविधता लाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक तेल आपूर्ति में संभावित व्यवधान के बढ़ते खतरे, जिसमें इजरायल-हमास युद्ध के कारण तनाव बढ़ने की बढ़ती संभावना भी है। इसने इसे और अधिक आवश्यक बना दिया है।

एक अधिकारी ने कहा, ‘वेनेजुएला पर ध्यान केंद्रित करना इस व्यापक कदम का हिस्सा है।’ रूसी कच्चे तेल की बड़ी खेप हासिल करने के एक साल से अधिक समय के बाद भारत तेजी से पश्चिम एशिया में अपने पारंपरिक भागीदारों से आपूर्ति फिर से स्थापित करने पर विचार कर रहा है।

रॉयटर्स के मुताबिक अक्टूबर महीने में भारत के कुल आयात में रूस के कच्चे तेल की हिस्सेदारी घटकर 33 प्रतिशत रह गई, जो सितंबर में 35 प्रतिशत थी, जो 42 प्रतिशत के ऐतिहासिक उच्च स्तर की तुलना में बहुत कम है। हाल के महीनों में सऊदी अरब और इराक से तेल के आयात में तेजी के बावजूद यह स्तर बना हुआ है।

लंदन के कमोडिटी डेटा एनॉलिटिक्स प्रोवाइडर वोर्टेक्सा के मुताबिक रूस से आयात 5 प्रतिशत बढ़कर 16.8 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया है। वोर्टेक्सा जहाजों की आवाजाही के आधार पर आयात का अनुमान लगाती है। हाल के महीनों में डिस्काउंट का औसत स्तर बढ़कर 8 से 10 डॉलर प्रति बैरल हो गया है, जो जुलाई के 4 डॉलर प्रति बैरल की तुलना में अधिक है।

First Published - December 15, 2023 | 9:05 PM IST

संबंधित पोस्ट