facebookmetapixel
Advertisement
HUL की ग्रोथ पर भरोसा, ICICI Securities ने BUY रेटिंग रखी बरकरार; 32% तक तेजी की उम्मीदStock Market Today: GIFT Nifty के पॉजिटिव संकेत, एशियाई बाजारों में गिरावट; ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर के पारJSW MG का बड़ा दांव! ADAPT प्लेटफॉर्म से आएंगी नई EV और Hybrid SUV, बदल सकती है भारत के EV बाजार की तस्वीरटाइल इंडस्ट्री पर दबाव, MDF आयात बढ़ा… ऐसे माहौल में किन शेयरों पर रखें नजर? ब्रोकरेज ने बताए टॉप पिकअब ज्यादा माइलेज और कम प्रदूषण! CAFE 2027 ड्राफ्ट से ऑटो कंपनियों पर बढ़ेगी सख्ती, EV को मिलेगा बड़ा फायदाStocks To Watch Today: Jio Financial का 156% मुनाफा, HCL Tech की बड़ी डील और RIL के नतीजे… आज बाजार में रहेगा हाई वोल्टेज एक्शनQ1 Results: विप्रो की ग्रोथ सुस्त, टेक महिंद्रा का मुनाफा 28% बढ़ा; जियो फाइनैंशियल, BHEL और पीरामल फाइनैंस ने दिखाया दमER&D सेक्टर में LTTS का दमदार प्रदर्शन, KPIT की चेतावनी और Tata Elxsi के मार्जिन पर दबावमोबाइल PLI 2.0 और सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी, डिक्सन और अंबर एंटरप्राइजेज को सबसे ज्यादा फायदा संभवबाजार नियामक सेबी ने नियमों में ढील दी, SIF डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ने की उम्मीद

चीन, रूस ने की ईरान पर हमले की निंदा

Advertisement

अमेरिका के हमले को जहां रूस ने ‘गैर जिम्मेदाराना’ बताया है वहीं चीन ने अमेरिकी हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन है

Last Updated- June 22, 2025 | 10:20 PM IST
donald trump on Iran-Israel War

ईरान के तीन परमाणु केंद्रों पर रविवार तड़के किए गए अमेरिका के हमले को जहां रूस ने ‘गैर जिम्मेदाराना’ बताया है वहीं चीन ने अमेरिकी हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन है और इससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ेगा। रूस ने कहा कि ईरान पर अमेरिकी हमले को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से बातचीत की कोई योजना नहीं है।

वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन और फ्रांस ने कहा है कि ईरान पर हुए अमेरिकी हमले में वे शामिल नहीं हैं। लेकिन ब्रिटेन ने बताया कि उन्हें पहले से इसकी सूचना थी। पाकिस्तान ने अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। हालांकि एक दिन पहले ही पाकिस्तान ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए ट्रंप का समर्थन किया था।

ईरान का करीबी सहयोगी होने के अलावा, चीन ईरान के तेल का बड़ा आयातक भी है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने गुरुवार को इजरायल-ईरान युद्ध के संदर्भ में पुतिन से फोन पर बात की और अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि संघर्षविराम जरूरी प्राथमिकता है और बल का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय विवादों को हल करने का सही तरीका नहीं है। 

अमेरिका के हमले को रूस ने ‘गैर-जिम्मेदाराना’ करार देते हुए रूस ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का ‘घोर उल्लंघन’ है। रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि यह ‘चिंताजनक’ है कि हमला ‘ऐसे देश द्वारा किया गया जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है।’ रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि परमाणु अप्रसार संधि पर आधारित वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था को अमेरिकी हमले से नुकसान होगा। 

ब्रिटेन के कैबिनेट मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने बताया कि एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में ईरान पर अमेरिकी हमले की पहले ही सूचना दे दी गई थी हालांकि हमले के समय की सटीक जानकारी नहीं दी गई थी। जोनाथन ने कहा कि अमेरिका ने समर्थन नहीं मांगा था और ब्रिटेन इसमें शामिल नहीं था।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि वे इस क्षेत्र में तनाव के और बढ़ने की आशंका से बेहद चिंतित हैं। दूसरी ओर फ्रांस के विदेश मंत्री ने कहा, ‘फ्रांस न तो इन हमलों में शामिल था और न ही ऐसा करने की उसकी कोई योजना है। हम दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह करते हैं ताकि तनाव न बढ़े।’ 

Advertisement
First Published - June 22, 2025 | 10:20 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement