Stock Market Crash Today, 19 February: एशियाई बाजारों में तेजी के बावजूद भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार (19 फरवरी) को बड़ी गिरावट आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक जैसे इंडेक्स हैवीवेट शेयरों में गिरावट से बाजार में दबाव दिख रहा है। लगातार तीन ट्रेडिंग सेशन में बढ़त के बाद मुनाफावसूली के चलते दोपहर के कारोबार में भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई।
सेंसेक्स में 850 से अधिक अंकों की भारी गिरावट आई, जबकि निफ्टी 50 सत्र के दौरान अंतर्दिन के निचले स्तर 25,567.75 पर आ गया। ब्रोडर लेवल पर हुई बिकवाली का असर मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स पर भी पड़ा। बीएसई के मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स में भी आधे प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सेशन के 472 लाख करोड़ रुपये से घटकर दिन के दौरान लगभग 468 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस तरह निवेशकों को लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
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हालिया बढ़त के बाद घरेलू बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने लगातार तीसरे ट्रेडिंग सेशन में बढ़त जारी रखी। बजट, भारत-अमेरिका समझौता और आरबीआई की नीति जैसे प्रमुख मैक्रो कारकों के बीत जाने और तीसरी तिमाही के नतीजों का सत्र समाप्त होने के बाद नए घरेलू कारकों की कमी के कारण बाजार में शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
ईरान-यूएस टेंशन से निवेशक डरे
जियोजित इंवेस्टमेंस में रिसाच विनोद नायर ने कहा, ”भारतीय बाजार में बिकवाली हावी रही। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक माहौल खराब हुआ। इससे बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत इस साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता तेज हो गई। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में रुकावट की आशंका से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा, अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर अनिश्चितता और रुपये की कमजोरी ने भी घरेलू बाजार पर दबाव डाला। बिकवाली इसलिए भी ज्यादा बढ़ी क्योंकि लूनर न्यू ईयर की छुट्टी के कारण एशिया के कई बाजार बंद थे। इससे विदेशी निवेशकों (FII) की भागीदारी कम रही। वहीं, भारत में क्षेत्रीय बैंक हॉलिडे के कारण सेटलमेंट नहीं होने से भी कारोबार पर असर पड़ा।
लगातार तीन दिन की तेजी के बाद अब बाजार में मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) देखी जा रही है। इन तीन सत्रों में बीएसई सेंसेक्स 1,107 अंक चढ़ा था, जबकि निफ्टी50 में 348 अंकों की बढ़त हुई थी। इंडेक्स की बड़ी कंपनियों (हेवीवेट शेयरों) में बिकवाली से बाजार में गिरावट आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों ने इंडेक्स पर सबसे ज्यादा दबाव डाला। इनके अलावा एमएंडएम, भारती एयरटेल, आईटीसी, एक्सिस बैंक, एलएंडटी और कोटक बैंक के शेयर भी गिरे। इन सभी शेयरों ने मिलकर सेंसेक्स की कुल गिरावट में लगभग 70 प्रतिशत योगदान दिया।