facebookmetapixel
Stocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारी

UP: नदियों का तेजी से बढ़ रहा जलस्तर, वाराणसी-बलिया में गंगा खतरे के निशान के करीब

UP: बुंदेलखंड में केन और यमुना ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। बांदा जिले के खतरे का निशान पार कर 40 गांवों में केन नदी का पानी घुस गया है।

Last Updated- July 14, 2025 | 3:40 PM IST

मानसून के तेजी पकड़ने के साथ उत्तर प्रदेश की नदियां उफान मारने लगी हैं और कई जिलों में बाढ़ का हर शुरू हो गया है। बीते तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते वाराणसी में गंगा के सारे घाट डूब गए हैं और प्रयागराज में पानी लेटे हुए हनुमान मंदिर तक पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 14.6 मिलीमीटर पानी बरसा है जो सामान्य से 6.5 मिमी अधिक है। एक जून से अब तक उत्तर प्रदेश में सामान्य से 7 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है।

बीते 48 घंटे में बारिश, बिजली गिरने और डूबने से 17 लोगों की जान चली गयी है। बदायूं में कांवड़ भरते समय एक श्रद्धालु गंगा नदी में डूब गया है वहीं राजधानी लखनऊ में मजदूर की नाले में बह जाने से मौत हो गयी है। वाराणसी से लेकर गाजीपुर, मिर्जापुर और बलिया में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बलिया में गंगा खतरे के निशान से महज एक सेंटीमीटर नीचे रह गयी है। वाराणसी में मणिकर्णिका घाट ढूब जाने से गलियों में दाह संस्कार हो रहा है जबकि गंगा आरती अब घाट की जगह छतों पर की जा रही है। सारनाथ में बीती रात बिजली गिरने से थाई बौद्ध मंदिर में 80 फीट उंचाई पर लगी बुद्ध की प्रतिमा टूट गयी है।

बुंदेलखंड में केन और यमुना ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। बांदा जिले के खतरे का निशान पार कर 40 गांवों में केन नदी का पानी घुस गया है। हमीरपुर में यमुना खतरे के निशान के करीब पहुंच गयी है। वहीं ललितपुर में गोविंदसागर बांध के 18 में से 17 गेट खोल दिए गए हैं। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए 40 जिलों में बारिश का एलर्ट जारी किया किया था। उधर प्रदेश के तराई जिलों लखीमपुर, सीतापुर, बलरामपुर और श्रावस्ती में नेपाल से पानी छोड़े जाने के चलते राप्ती सहित कई छोटी नदियां उफना गयी हैं और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

Also Read | खाद की तस्करी और जमाखोरी पर चलेगा बुलडोज़र, CM योगी ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश

लगातार बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारी और नगर निकाय प्रमुखों को अपने क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की भौतिक समीक्षा करने एवं 24×7 नियंत्रण कक्षों के माध्यम से निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनसामान्य को मौसम, वर्षा और जलस्तर से जुड़ी अद्यतन जानकारी समय-समय पर दी जाए। इसके लिए स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया और आपदा प्रबंधन ऐप का उपयोग प्रभावी ढंग से किया जाए, ताकि लोग पहले से सतर्क और सावधान रह सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ की आशंका वाले संवेदनशील इलाकों में पहले से ही पर्याप्त प्रबंध कर लिए जाएं। राहत और बचाव दलों को सतर्क रखा जाए और नाव, सर्च लाइट, जीवन रक्षक उपकरण, मेडिकल किट जैसी सभी आवश्यक सामग्रियां पूरी तत्परता के साथ तैयार रहें। तटवर्ती क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को सक्रिय मोड में रखा जाए।

First Published - July 14, 2025 | 3:40 PM IST

संबंधित पोस्ट