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महाकुंभ-2025: गंगा-यमुना में उद्योग नहीं फैला सकेंगे कचरा, लागू होगा जीरो डिस्चार्ज; CM योगी ने दिए कई और निर्देश

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महाकुंभ 2025 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक के दौरान योगी मेले के प्रतीक चिह्न, वेबसाइट और मोबाइल ऐप का लोकार्पण भी किया।

Last Updated- October 06, 2024 | 6:49 PM IST
Zero discharge in river Ganga-Yamuna during Kumbh, CM reviewed preparation of Kumbh कुंभ के समय गंगा-यमुना में उद्योग नहीं फैला सकेंगे कचरा, लागू होगा जीरो डिस्चार्ज; CM योगी ने दिए कई और निर्देश

अगले साल जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ के दौरान उत्तर प्रदेश में बिजनौर से लेकर बलिया प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को अपना अपशिष्ट नदी में प्रवाहित नहीं करने दिया जाएगा। कुंभ मेले के लिए हो रही सभी तैयारियों को 10 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रयागराज में 7000 शटल बस सेवा शुरू की जाएगी।

रविवार को तैयारियों का जायजा लेने प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ में गंगा-यमुना अविरल और निर्मल होंगी और इसके लिए बिजनौर से बलिया तक ज़ीरो डिस्चार्ज लागू किया जाएगा।

महाकुंभ-2025 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक के दौरान योगी मेले के प्रतीक चिह्न, वेबसाइट और मोबाइल ऐप का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री ने महाकुंभ से जुड़ी तैयारियों के लिए डेडलाइन तय करते हुए निर्देश दिया कि 10 दिसंबर तक सारे काम पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्ष 2019 में कुंभ का सफल आयोजन कर यूपी ने मानक स्थापित किया है, इसलिए इस बार अपेक्षाएं और अधिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 में मेला क्षेत्र 3200 हेक्टेयर में फैला था जबकि इस बार 4000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में इसका विस्तार होगा।

सीएम योगी ने निर्देश दिया कि महाकुंभ को देखते हुए 7000 से अधिक बसें लगाई जाएंगी। यहां डेढ़ लाख से अधिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे। स्वच्छता पर जोर देते हुए उन्होंने ने निर्देश दिया कि 10 हजार कर्मचारियों की तैनाती कर यहां की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखा जाए। अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्टील ब्रिज दिसंबर के पहले सप्ताह तक तैयार कर लें। यह कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी और अयोध्या से प्रयागराज तक के आगमन को सुलभ बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट से मेला क्षेत्र तक वीवीआईपी कॉरिडोर बनाएं, लेकिन विशेष स्नान पर्वों पर कोई वीआईपी मूवमेंट न हो। सुरक्षा के नजरिए से मेला क्षेत्र में तीन पुलिस लाइन, तीन महिला थाना और 10 पुलिस चौकी स्थापित करें। सुरक्षा के लिहाज से मुख्यमंत्री योगी का क्राउड मैनेजमेंट, फायर सर्विस, हेल्प डेस्क, पार्किंग, सीसीटीवी पर जोर रहा।

उन्होंने कहा कि यहां एंटी ड्रोन सिस्टम भी लगेगा। सिक्योरिटी मॉडल एआई टूल से तैयार किए जाएं। उन्होंने प्रयागराज में होम स्टे की संभावना को प्रोत्साहित करने पर जोर देते हुए कहा कि इस योजना से स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा जाए। इससे उनकी अतिरिक्त आय भी होगी।

मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया कि सुरक्षा के लिए नए जीआरपी थानों की आवश्यकता है। चौकसी बढ़ाने के लिए रेलवे-यूपी पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो। सुरक्षा की दृष्टि से किराएदारों, रेस्टोरेंट कर्मियों और ई-रिक्शा चालकों के वेरिफिकेशन भी करा लिए जाएं।

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First Published - October 6, 2024 | 6:49 PM IST

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