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पिछले साल खूब मालामाल हुए प्रमोटर्स, Ambani-Adani टॉप पर बरकरार

भारत के अरबपति प्रवर्तकों की संख्या 2024 के अंत तक बढ़कर ​रिकॉर्ड 201 तक पहुंच गई।

Last Updated- January 13, 2025 | 11:19 PM IST
Ambani and Adani in India Billionaire Club 2025

भारत के अरबपति प्रवर्तकों की संख्या 2024 के अंत तक बढ़कर ​रिकॉर्ड 201 तक पहुंच गई। एक साल पहले यानी 2023 के अंत में अरबपति प्रवर्तकों की संख्या 157 और दिसंबर 2022 के अंत में 126 थी। अरबपति भारतीय प्रवर्तकों की कुल संपत्ति भी पहली बार लाख करोड़ डॉलर का आंकड़ा पार करते हुए दिसंबर 2024 के अंत में 1.024 लाख करोड़ डॉलर की सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गई।

इसके मुकाबले बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 2024 में 18.9 फीसदी बढ़कर 5,200 अरब डॉलर हो गया। दिसंबर 2023 के अंत में यह आंकड़ा 4,374 अरब डॉलर था। इस लिहाज से बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स की रफ्तार सुस्त रही और 2024 में डॉलर के लिहाज से उसमें महज 6 फीसदी की ही बढ़त दर्ज की गई।

सूचीबद्ध कंपनियों में पारिवारिक हिस्सेदारी के बाजार मूल्य के आधार पर अरबपति प्रवर्तकों की कुल संपत्ति दिसंबर 2023 के अंत में 845.5 अरब डॉलर (करीब 70.41 लाख करोड़ रुपये) थी और साल 2024 के दौरान इसमें 21.1 फीसदी की वृद्धि हुई। दिसंबर 2022 के अंत में यह आंकड़ा 739 अरब डॉलर रहा था।

अरबपति प्रवर्तकों की सूची में और उनकी पारिवारिक संप​त्ति में 2024 के दौरान दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह पिछले कुछ वर्षों के दौरान मिडकैप एवं स्मॉलकैप शेयरों में उछाल और आरं​भिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बाजार में जबरदस्त तेजी रही। इसके परिणामस्वरूप अरबपति प्रवर्तकों की सूची में 47 नए सदस्य जुड़ गए। इनमें से 10 सदस्य अपने सफल आईपीओ के बल पर सूची में अग्रणी रहे। सूची में शामिल होने वाले इन नए सदस्यों की एकीकृत संपति दिसंबर 2024 के अंत में 74.8 अरब डॉलर रही जो दिसंबर 2023 के अंत में 26.5 अरब डॉलर के मुकाबले 182.6 फीसदी अ​धिक है।

मगर यह देखना होगा कि शेयर बाजार और रुपये में लगातार गिरावट के बीच सूची में शामिल होने वाले कितने नए सदस्य आगे भी बरकरार रह पाएंगे। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में इस महीने अब तक 5.6 फीसदी गिरावट आ चुकी है, जबकि इस दौरान रुपया 1.21 फीसदी कमजोर हुआ है। मिडकैप और स्मॉलकैप श्रे​णियों में सबसे अ​धिक गिरावट आई है जबकि इन्हीं श्रे​णियों के बल पर 2024 में अ​धिकतर नए अरबपति सूची में अपनी जगह बनाने में सफल रहे थे।

यह विश्लेषण 31 दिसंबर, 2024 तक सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण और सितंबर 2024 तिमाही के अंत तक कंपनियों में प्रवर्तक हिस्सेदारी के मूल्य पर आधारित है।

पिछले साल के आंकड़े कंपनी के बाजार पूंजीकरण और दिसंबर 2023 तिमाही के अंत में प्रवर्तक हिस्सेदारी पर आधारित थे। शुद्ध हैसियत की गणना में समूह की सूचीबद्ध कंपनियों की अपने ही समूह की अन्य सूचीबद्ध समूह कंपनियों में हिस्सेदारी के मूल्य को शामिल नहीं किया गया है। रुपये के भाव को डॉलर में बदलने के लिए दिसंबर 2023 और दिसंबर 2024 मासिक औसत विनिमय दर को आधार बनाया गया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी दिसंबर 2024 की के अंत तक 8.97 लाख करोड़ रुपये यानी 105.6 अरब डॉलर की कुल संपत्ति के साथ भारत के सबसे अमीर प्रवर्तक बने हुए हैं। उनके बाद गौतम अदाणी दूसरे स्थान पर हैं, जिनके परिवार की कुल संपति 2024 के अंत तक 100.7 अरब डॉलर थी। पिछले साल अपनी नेटवर्थ में गिरावट के बावजूद अंबानी और अदाणी दोनों शीर्ष पायदान पर बरकरार हैं। पिछले साल मुकेश अंबानी परिवार की कुल संपत्ति में 5.3 फीसदी की गिरावट आई जबकि अदाणी परिवार की कुल संपत्ति 4.8 फीसदी कम हो गई।

अन्य अरबपति प्रवर्तकों की कुल संपत्तियों और अंबानी एवं अदाणी की संपत्तियों के बीच भारी अंतर के मद्देनजर ऐसा लगता है कि वे निकट भविष्य में भी शीर्ष पायदान पर बने रहेंगे। मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी की एकीकृत संपत्ति देश के अन्य सभी अरबपति प्रवर्तकों की एकीकृत संपत्ति का 20 फीसदी और शीर्ष 10 की सूची में शामिल अन्य सभी प्रवर्तकों की एकीकृत संपत्ति का करीब 50 फीसदी है।

एचसीएल टेक के शिव नादर 37.3 अरब डॉलर की शुद्ध पारिवारिक संपत्ति के साथ सूची में तीसरे पायदान पर हैं। चौथे पायदान पर 29.5 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ सन फार्मा के दिलीप सांघवी और पांचवें पायदान पर 27.1 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ विप्रो के अजीम प्रेमजी मौजूद हैं।

शीर्ष 10 की सूची में जगह पाने वाले अन्य अरबपति प्रवर्तकों में भारती एयरटेल के सुनील मित्तल (25.2 अरब डॉलर), जेएसडब्ल्यू समूह के सज्जन जिंदल (24.9 अरब डॉलर), एवेन्यू सुपरमार्ट के राधाकिशन दमानी (20.4 अरब डॉलर), बजाज समूह के राजीव एवं संजीव बजाज (19.2 अरब डॉलर) शामिल हैं।

साल 2024 की शीर्ष 10 की सूची में केवल एक बदलाव हुआ है। डीएलएफ के केपी सिंह ने इस सूची में एशियन पेंट्स के प्रवर्तकों (मालव दानी, अमृता वकील एवं मनीष चोकसी) की जगह ले ली है। केपी सिंह 17.8 अरब डॉलर की कुल पारिवारिक संपत्ति के साथ देश के दसवें सबसे अमीर प्रवर्तक बन गए हैं।

पिछले साल शीर्ष प्रवर्तकों के बीच दिलीप सांघवी को सबसे अधिक फायदा हुआ और उनकी पारिवारिक संपत्ति 43.8 फीसदी बढ़ गई। उनके बाद 32.6 फीसदी वृद्धि के साथ सज्जन जिंदल, 28.1 फीसदी वृद्धि के साथ शिव नादर, 26.1 फीसदी वृद्धि के साथ सुनील मित्तल और 25.5 फीसदी वृद्धि के साथ अजीम प्रेमजी का स्थान है। इसके विपरीत, एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयर में गिरावट के कारण राधाकिशन दमानी की पारिवारिक संपत्ति में पिछले साल 14.4 फीसदी की गिरावट आई।

First Published - January 13, 2025 | 10:52 PM IST

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